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पाप से बचाती है सरलता: ओमानंद
Updated Fri, 24 Nov 2017 12:34 AM IST
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मोरना (मुजफ्फरनगर)।
भागवत पीठ श्रीशुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि आत्मिक उन्नति और सुख की अनुभूति के लिए सरलता के साथ जीवन जीना चाहिए। भागवत का श्रवण, चिंतन और मनन हमारे अंत:करण को पवित्र कर देता है।
श्रीशुकदेव आश्रम में कथा व्यास आशीष माधव शास्त्री की कथा में भागवत भक्तों को स्वामी ओमानंद सरस्वती ने आशीर्वाद दिया। स्वामी ने कहा कि जीवन को सहजता और सरलता से जीना चाहिए। कितनी भी कठिन परिस्थितियां आएं, मगर जीवन में कभी सरलता नहीं छोड़ें। सादगी और सरलता पाप से बचाती है। पुण्य कर्मों से ही घर और परिवार में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही संतान दीर्घायु और सफल जीवन को हासिल करती है। सेवा, श्रद्धा, त्याग, दान और सदर्व्यवहार को बनाए रखें। प्रभु की कृपा अवश्य मिलेगी। कथा व्यास आशीष माधव शास्त्री ने कहा कि भागवत मनुष्य जीवन में दिव्यता तथा पवित्रता का संचार करती है। यज्ञमान कौशल कुमार त्रिपाठी ने विधि-विधान से भागवत पूजन किया। अक्षय वट की परिक्रमा के बाद शुकदेव मंदिर में पूजा-अर्चना की। सुमन शास्त्री, अचल शास्त्री, हर्षमणि, श्याम, विजय शर्मा, राजू आदि मौजूद रहे।
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भागवत पीठ श्रीशुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि आत्मिक उन्नति और सुख की अनुभूति के लिए सरलता के साथ जीवन जीना चाहिए। भागवत का श्रवण, चिंतन और मनन हमारे अंत:करण को पवित्र कर देता है।
श्रीशुकदेव आश्रम में कथा व्यास आशीष माधव शास्त्री की कथा में भागवत भक्तों को स्वामी ओमानंद सरस्वती ने आशीर्वाद दिया। स्वामी ने कहा कि जीवन को सहजता और सरलता से जीना चाहिए। कितनी भी कठिन परिस्थितियां आएं, मगर जीवन में कभी सरलता नहीं छोड़ें। सादगी और सरलता पाप से बचाती है। पुण्य कर्मों से ही घर और परिवार में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही संतान दीर्घायु और सफल जीवन को हासिल करती है। सेवा, श्रद्धा, त्याग, दान और सदर्व्यवहार को बनाए रखें। प्रभु की कृपा अवश्य मिलेगी। कथा व्यास आशीष माधव शास्त्री ने कहा कि भागवत मनुष्य जीवन में दिव्यता तथा पवित्रता का संचार करती है। यज्ञमान कौशल कुमार त्रिपाठी ने विधि-विधान से भागवत पूजन किया। अक्षय वट की परिक्रमा के बाद शुकदेव मंदिर में पूजा-अर्चना की। सुमन शास्त्री, अचल शास्त्री, हर्षमणि, श्याम, विजय शर्मा, राजू आदि मौजूद रहे।
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