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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   150 pits in one and a half kilometers of road

डेढ़ किलोमीटर की सड़क में 150 गड्ढ़े, सड़क पर झूला बन जाती हैं गाड़ियां 

Wed, 27 Sep 2017 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Wed, 27 Sep 2017 12:36 AM IST
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150 pits in one and a half kilometers of road
टूटी सड़क से गुजरते वाहन। - फोटो : अमर उजाला
जिले में सड़कों के गड्ढे भरने के प्रदेश सरकार भले ही दावे कर रही हो, लेकिन जनपद में घुसते ही बदहाल सड़क स्वागत कर रही है। डेढ़ किलोमीटर की सड़क में 150 गड्ढे हैं। हालात यह है कि मालूम नहीं पड़ता है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क है। सड़क पर चलते हुए बस, कार भी हिचकोले खा रही है। बदहाल सड़क की सूरत सुधारने के जिम्मेदार विभागों ने आंखें मूंद रखी हैं। फटकार लगी तो पीडब्ल्यूडी ने गड्ढ़ों को पत्थरों से पाट कर कर्तव्य की इतिश्री कर ली।        
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वहलना बाईपास से उतरते ही जनपद में प्रवेश करने के लिए मुख्य सड़क मेरठ रोड है। बाईपास मोड़ से लेकर वहलना चौक तक सड़क बंजर हो चुकी है। गड्ढ़ों से जख्मी सड़क पर पैदल चलना भी दूभर है। मेरठ, दिल्ली से लेकर हाईवे का सफर बेहतर है, लेकिन डेढ़ किलोमीटर के इस टुकड़े में बस, कार झूला बन जाती हैं। बसों में बैठे यात्रियों के एक-दूसरे सर टकरा जाते हैं। वाहनों की स्पीड को गड्ढ़ों के कारण ब्रेक लग रहा है। हालात इतने बुरे हैं बारिश के मौसम में स्थिति अधिक विकट हो जाती है।
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गड्ढ़ों में जलभराव होने से मौत के कुओं से सफर होता है। सड़क निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी ने आंखें मूंद रखी हैं। आला अधिकारियों तक मामला पहुंचा तो सोमवार को विभाग ने सड़क की सुध ली। विभाग ने गड्ढ़ों को पत्थरों से पाट कर कर्तव्य से पल्ला झाड़ लिया है। विभाग सड़क पर अतिक्रमण को भी बदहाल होने का जिम्मेदार बता रहा है। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन बालेंद्र  ने बताया कि पानी की निकासी नहीं होने के कारण सड़क अधिक खराब हो रही है। बरसात के कारण निर्माण कार्य नहीं कराया जा सका है। फिलहाल पक्के पत्थरों से गड्ढे भरवाए गए हैं। बरसात के बाद तारकॉलयुक्त सड़क का निर्माण कराया जाएगा।        
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यातायात का सबसे अधिक दबाव       
मुजफ्फरनगर। मेरठ रोड पर अन्य सड़कों के मुकाबले ट्रैफिक का सबसे अधिक दबाव है। सामान्य यातायात के लिए शहर में आवागमन का यह मुख्य मार्ग है। इसके साथ ही वहलना की औद्योगिक इकाइयों के ओवरलोड वाहनों के आने-जाने में यह सड़क सबसे अधिक प्रयोग होती है। दिनभर में करीब 20 हजार से अधिक वाहन इस सड़क से गुजरते हैं, जिसके चलते यह उधड़ गई है। साथ ही वहलना, मेरठ, शामली, पानीपत, करनाल, कैराना आदि क्षेत्रों से भी इसी सड़क के माध्यम से ट्रैफिक का आवागमन है।        


एमडीए की लापरवाही से थमा निर्माण       
मुजफ्फरनगर। सड़क निर्माण में मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण बाधा बना हुआ है। मेरठ रोड 26 मीटर नाले का निर्माण होना है। जिसके निर्माण की जिम्मेदारी डीएम ने एमडीए को सौंपी है। एमडीए ने मामले में लापरवाही बरत रखी है। कई माह से नाला निर्माण की फाइल विभाग में धूल फांक रही है। नाला निर्माण होने के बाद ही पीडब्ल्यूडी पक्की सड़क के निर्माण का रास्ता साफ करेगा।        
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