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राशन कार्डो में पकड़ी जालसाली, जांच में खुलासा
Updated Fri, 24 Aug 2018 01:00 AM IST
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राशन कार्डों में पकड़ी जालसाली, जांच में खुलासा
मुजफ्फरनगर। सूबे के शहरी क्षेत्र में राशन वितरण को लगाई गई ई-पॉस मशीनों में डबल आधार कार्ड फीड कर राशन विक्रेताओं का फर्जीवाड़ा सामने आया है। मुजफ्फरनगर में भी फर्जी आधार कार्ड के जरिए राशन आपूर्ति के 68 मामलों का खुलासा हुआ है। खाद्य एवं रसद विभाग के आयुक्त आलोक कुमार ने डीएसओ को गडबड़ी करने वाले राशन विक्रेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
शासन ने शहरी क्षेत्रों में राशन विक्रेताओं की दुकानों पर उपभोक्ताओं के अंगुठे का स्कैन करने को ई-पॉस मशीनें लगाई है। राशन वितरण की धांधली रोकने के लिए यह तकनीक इस्तेमाल की गई। अनुचित लाभ को ई-पॉस मशीनों में डबल और फर्जी आधार कार्ड फीड करने का खुलासा हुआ है। प्रदेश के 43 जिलों के शहरी क्षेत्रों में यह गड़बड़ी पकड़ी गई है। शासन स्तर पर हुई जांच में मुजफ्फरनगर में भी 68 फर्जी तरीके से बनाए गए कार्ड सामने आए हैं। खाद्य एवं रसद विभाग के आयुक्त आलोक कुमार ने जिला पूर्ति अधिकारी को आरोपी राशन विक्रेताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराने के आदेश दिए है। निर्देशित किया गया है कि आधार प्रमाणिकता सुविधा का दुरुपयोग करना गैरकानूनी है। शहरी क्षेत्रों में राशन की दुकानों पर ई-पॉस मशीनों से राशन वितरण हो रहा है। ऐसे में वास्तविक लाभार्थी के डाटाबेस में फर्जी आधार का प्रयोग किया जाना अनुचित है। बताते चले कि जिले के शहरी क्षेत्र में 19745 उपभोक्ताओं को ई-पॉस मशीनों के जरिए राशन वितरण हो रहा है, जिसमें 68 राशन कार्ड उपभोक्ता फर्जी पाए गए है।
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शासन की जांच में 68 राशन कार्ड में जालसाजी मिली है। शहरी क्षेत्र में राशन वितरण की 113 दुकानें है। किन राशन विक्रेेताओं ने यह फर्जीवाड़ा किया गया है, उनकी पहचान की जाएगी। एनआईसी से मिलकर दुकानों को चिन्हित किया जाएगा। उसके बाद मुकदमा दर्ज कराया जाएगा - सुनील पुष्कर , जिलापूर्ति अधिकारी
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मुजफ्फरनगर। सूबे के शहरी क्षेत्र में राशन वितरण को लगाई गई ई-पॉस मशीनों में डबल आधार कार्ड फीड कर राशन विक्रेताओं का फर्जीवाड़ा सामने आया है। मुजफ्फरनगर में भी फर्जी आधार कार्ड के जरिए राशन आपूर्ति के 68 मामलों का खुलासा हुआ है। खाद्य एवं रसद विभाग के आयुक्त आलोक कुमार ने डीएसओ को गडबड़ी करने वाले राशन विक्रेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
शासन ने शहरी क्षेत्रों में राशन विक्रेताओं की दुकानों पर उपभोक्ताओं के अंगुठे का स्कैन करने को ई-पॉस मशीनें लगाई है। राशन वितरण की धांधली रोकने के लिए यह तकनीक इस्तेमाल की गई। अनुचित लाभ को ई-पॉस मशीनों में डबल और फर्जी आधार कार्ड फीड करने का खुलासा हुआ है। प्रदेश के 43 जिलों के शहरी क्षेत्रों में यह गड़बड़ी पकड़ी गई है। शासन स्तर पर हुई जांच में मुजफ्फरनगर में भी 68 फर्जी तरीके से बनाए गए कार्ड सामने आए हैं। खाद्य एवं रसद विभाग के आयुक्त आलोक कुमार ने जिला पूर्ति अधिकारी को आरोपी राशन विक्रेताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराने के आदेश दिए है। निर्देशित किया गया है कि आधार प्रमाणिकता सुविधा का दुरुपयोग करना गैरकानूनी है। शहरी क्षेत्रों में राशन की दुकानों पर ई-पॉस मशीनों से राशन वितरण हो रहा है। ऐसे में वास्तविक लाभार्थी के डाटाबेस में फर्जी आधार का प्रयोग किया जाना अनुचित है। बताते चले कि जिले के शहरी क्षेत्र में 19745 उपभोक्ताओं को ई-पॉस मशीनों के जरिए राशन वितरण हो रहा है, जिसमें 68 राशन कार्ड उपभोक्ता फर्जी पाए गए है।
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शासन की जांच में 68 राशन कार्ड में जालसाजी मिली है। शहरी क्षेत्र में राशन वितरण की 113 दुकानें है। किन राशन विक्रेेताओं ने यह फर्जीवाड़ा किया गया है, उनकी पहचान की जाएगी। एनआईसी से मिलकर दुकानों को चिन्हित किया जाएगा। उसके बाद मुकदमा दर्ज कराया जाएगा - सुनील पुष्कर , जिलापूर्ति अधिकारी
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