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सेवा से सौहार्द की मिसाल बने पपनी
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चरथावल में पपनी भाई के निधन से शोक की लहर
चरथावल। जरूरतमंदों की सेवा और सामाजिक सौहार्द को समर्पित पपनी भाई ने जिंदगी को अलविदा कह दिया है। स्वांग की लोक कला के प्रोत्साहन की बात हो या फिर घरों में सुंदर कांड का सत्संग, उनकी सनातन संस्कृति में निष्ठा ने उन्हें सबका स्नेही बना दिया था। लंबी बीमारी के बाद उनके निधन की खबर से कस्बे में शोक छा गया। सैकड़ों लोगों ने उनके आवास पर पहुंच कर श्रद्धांजलि दी।
कस्बे के मोहल्ला शेखजागन शर्की निवासी स्व. वेद प्रकाश के पुत्र पपनी कंसल ने जीवट और परिश्रम से पहचान बनाई थी। सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता प्रेरित करती थी। अपनी मंडली के साथ हर सप्ताह नि:शुल्क घरों में सुंदर कांड का पाठ करते थे। कस्बे के बाजार कलां की रामलीला में अनेक भूमिका निभाई थी। वे स्वांग कलाकारों को आमंत्रित करते थे, ताकि लोककला जीवित रहे। शिव मूर्ति संचालक मंडल के दायित्व को निभाया। करीब एक साल पहले उन्हें पैर में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की पुष्टि हुई। उसके बाद उनकी सक्रियता कम होती गई। शनिवार की देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। नगर पंचायत अध्यक्ष सतेंद्र त्यागी, पूर्व चेयरमैन सुधीर सिंघल आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की। अधिवक्ता मोहम्मद तनवीर ने कहा कि वह सद्भाव और एकता के पक्षधर थे। शिक्षाविद सत्य प्रकाश धीमान ने कहा कि उनका जीवन सनातन संस्कृति के संवर्धन को समर्पित था। मुखाग्नि बेटे मयंक ने दी। पूर्व राज्यमंत्री मुकेश चौधरी, विधायक विजय कश्यप ने भी उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया।
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चरथावल। जरूरतमंदों की सेवा और सामाजिक सौहार्द को समर्पित पपनी भाई ने जिंदगी को अलविदा कह दिया है। स्वांग की लोक कला के प्रोत्साहन की बात हो या फिर घरों में सुंदर कांड का सत्संग, उनकी सनातन संस्कृति में निष्ठा ने उन्हें सबका स्नेही बना दिया था। लंबी बीमारी के बाद उनके निधन की खबर से कस्बे में शोक छा गया। सैकड़ों लोगों ने उनके आवास पर पहुंच कर श्रद्धांजलि दी।
कस्बे के मोहल्ला शेखजागन शर्की निवासी स्व. वेद प्रकाश के पुत्र पपनी कंसल ने जीवट और परिश्रम से पहचान बनाई थी। सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता प्रेरित करती थी। अपनी मंडली के साथ हर सप्ताह नि:शुल्क घरों में सुंदर कांड का पाठ करते थे। कस्बे के बाजार कलां की रामलीला में अनेक भूमिका निभाई थी। वे स्वांग कलाकारों को आमंत्रित करते थे, ताकि लोककला जीवित रहे। शिव मूर्ति संचालक मंडल के दायित्व को निभाया। करीब एक साल पहले उन्हें पैर में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की पुष्टि हुई। उसके बाद उनकी सक्रियता कम होती गई। शनिवार की देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। नगर पंचायत अध्यक्ष सतेंद्र त्यागी, पूर्व चेयरमैन सुधीर सिंघल आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की। अधिवक्ता मोहम्मद तनवीर ने कहा कि वह सद्भाव और एकता के पक्षधर थे। शिक्षाविद सत्य प्रकाश धीमान ने कहा कि उनका जीवन सनातन संस्कृति के संवर्धन को समर्पित था। मुखाग्नि बेटे मयंक ने दी। पूर्व राज्यमंत्री मुकेश चौधरी, विधायक विजय कश्यप ने भी उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया।
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