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इमामबाड़ा प्रकरण, शिया समाज ने साक्ष्य दिए
Updated Tue, 28 Aug 2018 12:20 AM IST
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इमामबाड़ा प्रकरण में शिया समाज ने दिए साक्ष्य
जानसठ। कस्बे में इमामबाड़ा की भूमि को लेकर चल रहे विवाद में सोमवार को शिया समाज के लोगों ने इमामबाड़ा से संबंधित संपत्ति के साक्ष्य दिखाए हुए एसडीएम से कार्रवाई करने की मांग की है, जबकि दूसरे पक्ष ने कोई साक्ष्य नहीं दिए हैं। एसडीएम ने दूसरे पक्ष से बात कर शीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
कस्बे के मोहल्ला चौक स्थित इमामबाड़ा में शिया समाज काफी वर्षों से मजलिस करता हुआ आ रहा है। इमामबाड़ा की भूमि पर कुरैशी समाज के एक व्यक्ति द्वारा अपना दावा करते हुए उसका बैनामा कुछ लोगों को करने के लिए पहुंच गया था, जिसका शिया समाज को पता लगने पर उन्होंने एसडीएम विजय कुमार से शिकायत कर बैनामा रुकवा दिया था। मामला दो समुदाय का होने के कारण पुलिस व प्रशासन ने दोनों पक्षों की बैठक कोतवाली में बुलाकर अपने साक्ष्य एक सप्ताह में देने के लिए कहा था। सोमवार को शिया समाज के अब्बास अली खां, हिलाल मेहंदी, हसन हैदर जैदी व अन्य समाज के लोगों के साथ एसडीएम से मिलकर संपत्ति को वक्फ बोर्ड की बताते हुए अपने साक्ष्य प्रस्तुत किए। शिया समुदाय ने एसडीएम से कार्रवाई की मांग की। शिया समाज ने बताया कि वक्फ बोर्ड की संपत्ति को बेचा नहीं जा सकता। इमामबाड़ा को कुरैशी समाज की विधवा महिला को रहने के लिए दे रखा है। इस मामले में दूसरा पक्ष अपने साक्ष्य देने के लिए नहीं पहुंचा। एसडीएम विजय कुमार ने बताया कि शिया पक्ष ने अपने साक्ष्य दे दिए हैं तथा कुरैशी पक्ष इमामबाड़ा से संबंधित अपने साक्ष्य मंगलवार को देगा। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जानसठ। कस्बे में इमामबाड़ा की भूमि को लेकर चल रहे विवाद में सोमवार को शिया समाज के लोगों ने इमामबाड़ा से संबंधित संपत्ति के साक्ष्य दिखाए हुए एसडीएम से कार्रवाई करने की मांग की है, जबकि दूसरे पक्ष ने कोई साक्ष्य नहीं दिए हैं। एसडीएम ने दूसरे पक्ष से बात कर शीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
कस्बे के मोहल्ला चौक स्थित इमामबाड़ा में शिया समाज काफी वर्षों से मजलिस करता हुआ आ रहा है। इमामबाड़ा की भूमि पर कुरैशी समाज के एक व्यक्ति द्वारा अपना दावा करते हुए उसका बैनामा कुछ लोगों को करने के लिए पहुंच गया था, जिसका शिया समाज को पता लगने पर उन्होंने एसडीएम विजय कुमार से शिकायत कर बैनामा रुकवा दिया था। मामला दो समुदाय का होने के कारण पुलिस व प्रशासन ने दोनों पक्षों की बैठक कोतवाली में बुलाकर अपने साक्ष्य एक सप्ताह में देने के लिए कहा था। सोमवार को शिया समाज के अब्बास अली खां, हिलाल मेहंदी, हसन हैदर जैदी व अन्य समाज के लोगों के साथ एसडीएम से मिलकर संपत्ति को वक्फ बोर्ड की बताते हुए अपने साक्ष्य प्रस्तुत किए। शिया समुदाय ने एसडीएम से कार्रवाई की मांग की। शिया समाज ने बताया कि वक्फ बोर्ड की संपत्ति को बेचा नहीं जा सकता। इमामबाड़ा को कुरैशी समाज की विधवा महिला को रहने के लिए दे रखा है। इस मामले में दूसरा पक्ष अपने साक्ष्य देने के लिए नहीं पहुंचा। एसडीएम विजय कुमार ने बताया कि शिया पक्ष ने अपने साक्ष्य दे दिए हैं तथा कुरैशी पक्ष इमामबाड़ा से संबंधित अपने साक्ष्य मंगलवार को देगा। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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