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कचरा जबरन थोप रही सरकार: राजेंद्र
Updated Tue, 10 Apr 2018 12:52 AM IST
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मुजफ्फरनगर। ईंट निर्माता समिति के पदाधिकारियों ने फ्लाईएस से बनने वाली ईंटों का विरोध किया है। इन ईंटों की उम्र कम बताने के साथ पर्यावरण के लिए अधिक खतरा बताया है। साथ ही कहा कि प्रदेश सरकार जबरन फैक्ट्रियों का कचरा उन पर थोप रही है, ताकि वह मजबूर होकर फ्लाईएस खरीदें। पंजाब की तर्ज पर वेस्ट यूपी में भी 30 जून तक भट्ठे बंद कर दिए जाएंगे।
शहर के एक रेस्टोरेंट में पत्रकार वार्ता करते हुए मुजफ्फरनगर ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष रविंद्र सिंह तोमर, महामंत्री मोहम्मद शमशाद अली, कोषाध्यक्ष सतीश कंसल ने कहा कि एनजीटी ने सख्त निर्देश दिए हैं कोई भट्ठा बिना कान्सेंट के नहीं चलेगा। जनपद में भी 300 से अधिक ईंट भट्ठे संचालित हैं। जिन पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड काफी सख्त है। पदाधिकारियों ने कहा कि हाल ही में नए आदेश आए हैं कि ईंटों में फ्लाईएस (एक विशेष राख) मिलाकर बनाई जाएंगी। इसका समिति ने विरोध किया है।
फ्लाईएस से बनने वाली ईंटें बेहद कमजोर, हानिकारक गैसों के साथ पानी नहीं पकड़ती है। इससे पर्यावरण के साथ लोगों के लिए भी खतरा है। फ्लाईएस ईंट तीन साल में खत्म हो जाएगी। इसके अलावा भी समिति ने निर्णय लिया है कि पंजाब, हरियाणा की तर्ज पर वेस्ट यूपी में ईंट भट्ठों पर 30 जून तक ही कार्य किया जाएगा। इस दौरान संरक्षक केपी सिंह, प्रदेश महामंत्री लेखराज सिंह, उपाध्यक्ष कंवरपाल, यशपाल, बलराम तायल, प्रमेंद्र सिंह तोमर, हाजी मुजीबुर्रहमान आदि मौजूद रहे।
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शहर के एक रेस्टोरेंट में पत्रकार वार्ता करते हुए मुजफ्फरनगर ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष रविंद्र सिंह तोमर, महामंत्री मोहम्मद शमशाद अली, कोषाध्यक्ष सतीश कंसल ने कहा कि एनजीटी ने सख्त निर्देश दिए हैं कोई भट्ठा बिना कान्सेंट के नहीं चलेगा। जनपद में भी 300 से अधिक ईंट भट्ठे संचालित हैं। जिन पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड काफी सख्त है। पदाधिकारियों ने कहा कि हाल ही में नए आदेश आए हैं कि ईंटों में फ्लाईएस (एक विशेष राख) मिलाकर बनाई जाएंगी। इसका समिति ने विरोध किया है।
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फ्लाईएस से बनने वाली ईंटें बेहद कमजोर, हानिकारक गैसों के साथ पानी नहीं पकड़ती है। इससे पर्यावरण के साथ लोगों के लिए भी खतरा है। फ्लाईएस ईंट तीन साल में खत्म हो जाएगी। इसके अलावा भी समिति ने निर्णय लिया है कि पंजाब, हरियाणा की तर्ज पर वेस्ट यूपी में ईंट भट्ठों पर 30 जून तक ही कार्य किया जाएगा। इस दौरान संरक्षक केपी सिंह, प्रदेश महामंत्री लेखराज सिंह, उपाध्यक्ष कंवरपाल, यशपाल, बलराम तायल, प्रमेंद्र सिंह तोमर, हाजी मुजीबुर्रहमान आदि मौजूद रहे।
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