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पश्चिम की जमीन फूलों की खेती के लिए अच्छी
Updated Sun, 17 Dec 2017 12:02 AM IST
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मुजफ्फरनगर।
बाबा भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ के डॉ संजय सिंह ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की भूमि फूलों की खेती के लिए उपयुक्त है। किसान अन्य फसलों से अधिक पैसा इस खेती से कमा सकते हैं।
गांव बधाई खुर्द में एक दिवसीय उद्यान गोष्ठी में संजय सिंह ने कहा कि शंकर किस्म के गुलाब की खेती से दिल्ली की मार्केट में हम अच्छा पैसा कमा सकते हैं। उन्होंने फूल उगाकर दिल्ली के बाजार में बेचने तक की पूरी जानकारी किसानों को दी। यह भी बताया कि फूल की खेती में वह अधिक पैसा कमा सकते हैं। प्रथम वर्ष ही अधिक लागत आती है, उसके बाद वह भी कम हो जाती है। हिंद एग्री हार्टिकल्चरल सोसायटी द्वारा आयोजित इस गोष्ठी में राजाम बलवंत सिंह महाविद्यालय आगरा के शिक्षाविद डॉ सूरजवीर सिंह राठौर ने बलबस फूलों की खेती के बारे में बताया। रजनीगंधा और ग्लैड्यूलस की खेती से भी किसान अच्छी आमदनी कर सकते हैं। व्यावसायिक फूलों की खेती को आज की आवश्यकता बताया। छोटूराम महाविद्यालय के डॉ आरके सिंह, सोसायटी की मैनेजिंग डायरेक्टर अलका सिंह ने कहा कि कृषि के विकास से ही राष्ट्र मजबूत होगा। वैज्ञानिक तरीके से खेती समय की आवश्यकता है। संचालन सोनिका राठी ने किया। शशांक शर्मा, अनुराग कटियार, विकास, सुरेंद्र कनौजिया, रवि, तारीक अब्बासी, सोमदत्त शर्मा, नवनीत राणा, साकिर, इमरान, इकबाल, विनित चौधरी आदि रहे।
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बाबा भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ के डॉ संजय सिंह ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की भूमि फूलों की खेती के लिए उपयुक्त है। किसान अन्य फसलों से अधिक पैसा इस खेती से कमा सकते हैं।
गांव बधाई खुर्द में एक दिवसीय उद्यान गोष्ठी में संजय सिंह ने कहा कि शंकर किस्म के गुलाब की खेती से दिल्ली की मार्केट में हम अच्छा पैसा कमा सकते हैं। उन्होंने फूल उगाकर दिल्ली के बाजार में बेचने तक की पूरी जानकारी किसानों को दी। यह भी बताया कि फूल की खेती में वह अधिक पैसा कमा सकते हैं। प्रथम वर्ष ही अधिक लागत आती है, उसके बाद वह भी कम हो जाती है। हिंद एग्री हार्टिकल्चरल सोसायटी द्वारा आयोजित इस गोष्ठी में राजाम बलवंत सिंह महाविद्यालय आगरा के शिक्षाविद डॉ सूरजवीर सिंह राठौर ने बलबस फूलों की खेती के बारे में बताया। रजनीगंधा और ग्लैड्यूलस की खेती से भी किसान अच्छी आमदनी कर सकते हैं। व्यावसायिक फूलों की खेती को आज की आवश्यकता बताया। छोटूराम महाविद्यालय के डॉ आरके सिंह, सोसायटी की मैनेजिंग डायरेक्टर अलका सिंह ने कहा कि कृषि के विकास से ही राष्ट्र मजबूत होगा। वैज्ञानिक तरीके से खेती समय की आवश्यकता है। संचालन सोनिका राठी ने किया। शशांक शर्मा, अनुराग कटियार, विकास, सुरेंद्र कनौजिया, रवि, तारीक अब्बासी, सोमदत्त शर्मा, नवनीत राणा, साकिर, इमरान, इकबाल, विनित चौधरी आदि रहे।
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