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हमें अपने संस्कारों से जोड़ती है हिंदी
Updated Fri, 15 Sep 2017 01:33 AM IST
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हमें अपने संस्कारों से जोड़ती है हिंदी
मुजफ्फरनगर। हिंदी दिवस पर स्कूलों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों को बताया गया कि वह हिंदी को कम न आंकें। शब्दों का उच्चारण और लेखन सही होना चाहिए। सिविल बार और अधिवक्ता परिषद ने भी हिंदी दिवस पर कार्यक्रम किया।
एसडी पब्लिक स्कूल में हिंदी सप्ताह का आयोजन हो रहा है। अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में विद्यार्थी हिंदी को कम आंकते हैं। इस कारण वह शुद्ध शब्द न तो लिख पाते हैं और न ही बोल पाते हैं। विद्यार्थियों को बताया गया कि वह अन्य विषयों की तरह हिंदी की भी तैयारी करें। प्रार्थना सभा से जुड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुविचार, समाचार, हिंदी के महत्व को दर्शाया गया। प्रधानाचार्य चंचल सक्सेना ने कहा कि राजभाषा हमें अपने संस्कारों से जोड़ती है। हमारा पारस्परिक अभिवादन नमस्कार या नमस्ते है।
लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में हिंदी दिवस मनाया गया। दैनिक कार्यों में हिंदी का ही प्रयोग करने पर बल दिया गया। प्रधानाचार्य भूदेव सिंह ने कहा कि 14 सितंबर 1949 को हिंदी को राजभाषा का दर्जा हमारे संविधान में दिया गया। अन्य आचार्यों ने भी विचार रखे।
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एसडी ग्लोबल स्कूल में विद्यालय निदेशक डॉ सिद्धार्थ शर्मा ने हिंदी भाषा को अपनाने पर जोर दिया। हिंदी भाषा का सम्मान करने की शपथ दिलाई गई। लायंस क्लब गैलेक्सी ने शिक्षकों का अभिनंदन किया। एसडी के प्रोफेसर अशोक त्रिपाठी, कामिनी सिंघल, भूदेव सिंह, आरपी गर्ग का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। गिरीश अग्रवाल, अग्रज तायल, रजनीश अग्रवाल, आयुष बिंदल, अजय गर्ग, सरिता अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
सिविल बार एवं अधिवक्ता परिषद ने हिंदी दिवस पर संयुक्त कार्यक्रम किया। जिला जज गोकुलेश कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे। मुख्य वक्ता संघ के विभाग कार्यवाह प्रमोद त्यागी रहे। हिंदी की उपयोगिता और आवश्यकता पर विचार रखे। हिंदी हमारी भावनाओं से जुड़ी भाषा है। इसी भाषा में हम अपने भावों की अभिव्यक्ति कर सकते हैं। अधिवक्ता रामफल ग्रेड, विकास पंवार, माधुरी सिंह, संजीव गर्ग, सिविल बार अध्यक्ष अनिल दीक्षित, जिला बार अध्यक्ष अनूप सिंह, भारतवीर अहलावत, सुरेंद्र मलिक, गौरव गोयल, मनमोहन वर्मा, नरेंद्र शर्मा, प्रदीप शर्मा, ललित कुमार, विभोर पुंडीर, संजीव गर्ग, पारुल कौशिक, सुगंध जैन आदि रहे।
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मुजफ्फरनगर। हिंदी दिवस पर स्कूलों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों को बताया गया कि वह हिंदी को कम न आंकें। शब्दों का उच्चारण और लेखन सही होना चाहिए। सिविल बार और अधिवक्ता परिषद ने भी हिंदी दिवस पर कार्यक्रम किया।
एसडी पब्लिक स्कूल में हिंदी सप्ताह का आयोजन हो रहा है। अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में विद्यार्थी हिंदी को कम आंकते हैं। इस कारण वह शुद्ध शब्द न तो लिख पाते हैं और न ही बोल पाते हैं। विद्यार्थियों को बताया गया कि वह अन्य विषयों की तरह हिंदी की भी तैयारी करें। प्रार्थना सभा से जुड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुविचार, समाचार, हिंदी के महत्व को दर्शाया गया। प्रधानाचार्य चंचल सक्सेना ने कहा कि राजभाषा हमें अपने संस्कारों से जोड़ती है। हमारा पारस्परिक अभिवादन नमस्कार या नमस्ते है।
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लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में हिंदी दिवस मनाया गया। दैनिक कार्यों में हिंदी का ही प्रयोग करने पर बल दिया गया। प्रधानाचार्य भूदेव सिंह ने कहा कि 14 सितंबर 1949 को हिंदी को राजभाषा का दर्जा हमारे संविधान में दिया गया। अन्य आचार्यों ने भी विचार रखे।
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एसडी ग्लोबल स्कूल में विद्यालय निदेशक डॉ सिद्धार्थ शर्मा ने हिंदी भाषा को अपनाने पर जोर दिया। हिंदी भाषा का सम्मान करने की शपथ दिलाई गई। लायंस क्लब गैलेक्सी ने शिक्षकों का अभिनंदन किया। एसडी के प्रोफेसर अशोक त्रिपाठी, कामिनी सिंघल, भूदेव सिंह, आरपी गर्ग का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। गिरीश अग्रवाल, अग्रज तायल, रजनीश अग्रवाल, आयुष बिंदल, अजय गर्ग, सरिता अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
सिविल बार एवं अधिवक्ता परिषद ने हिंदी दिवस पर संयुक्त कार्यक्रम किया। जिला जज गोकुलेश कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे। मुख्य वक्ता संघ के विभाग कार्यवाह प्रमोद त्यागी रहे। हिंदी की उपयोगिता और आवश्यकता पर विचार रखे। हिंदी हमारी भावनाओं से जुड़ी भाषा है। इसी भाषा में हम अपने भावों की अभिव्यक्ति कर सकते हैं। अधिवक्ता रामफल ग्रेड, विकास पंवार, माधुरी सिंह, संजीव गर्ग, सिविल बार अध्यक्ष अनिल दीक्षित, जिला बार अध्यक्ष अनूप सिंह, भारतवीर अहलावत, सुरेंद्र मलिक, गौरव गोयल, मनमोहन वर्मा, नरेंद्र शर्मा, प्रदीप शर्मा, ललित कुमार, विभोर पुंडीर, संजीव गर्ग, पारुल कौशिक, सुगंध जैन आदि रहे।