{"_id":"59778fd74f1c1bca668b4794","slug":"131501007831-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोशल साइट्स की आंधी में गुम हुए लोकगीत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोशल साइट्स की आंधी में गुम हुए लोकगीत
Updated Wed, 26 Jul 2017 12:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीज त्योहार को लेकर असमंजस
चरथावल(मुजफ्फरनगर)। हरियाली तीज त्योहार को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति रही। अधिकांश महिलाएं बुधवार को तीज को त्योहार मनाएंगी। बाजार में घेवर और गुंजियों की महक से सज गया। सोशल साइटों पर संदेशों ने लोकगीतों की परंपरागत का स्थान ले लिया है। तीज से पहले दिन महिलाओं ने हाथों पर मेहंदी सजाई। अनेक स्थानों पर मेहंदी प्रतियोगिता आयोजित की गई।
कस्बे में गली मोहल्लों में सजे बच्चे राधा-कृष्ण बनने के लिए सतरंगी पोशाक का इंतजाम करने में जुटे रहे। नवविवाहिता के मायके और लड़की की ससुराल में सिंधारा ले जाने के लिए घेवर, गुंझिया, फैनी और मठरी की जमकर खरीददारी हुई। कुछ महिलाओं ने मंगलवार को ही तीज का त्योहार मना लिया। वहीं अधिकतर महिलाएं आज तीज का त्योहार मनाएंगी। शिवचौक, बाजार कलां, बस स्टैंड और राजीव मार्केट में हलवाइयों की दुकानों पर भीड़ रही। अंजना गर्ग और बबीता मित्तल कहती हैं कि तीज त्योहार मनाने के लिए महिलाएं सोलह श्रृंगार से सज-धज कर जीवनसाथी की दीर्घायु की कामना करने के लिए भगवान शिव और पार्वती की पूजा करती हैं। पेड़ों की कटान के चलते अब ग्रामीण अंचलों में भी झूले कम ही नजर आते हैं।
विज्ञापन
चरथावल(मुजफ्फरनगर)। हरियाली तीज त्योहार को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति रही। अधिकांश महिलाएं बुधवार को तीज को त्योहार मनाएंगी। बाजार में घेवर और गुंजियों की महक से सज गया। सोशल साइटों पर संदेशों ने लोकगीतों की परंपरागत का स्थान ले लिया है। तीज से पहले दिन महिलाओं ने हाथों पर मेहंदी सजाई। अनेक स्थानों पर मेहंदी प्रतियोगिता आयोजित की गई।
कस्बे में गली मोहल्लों में सजे बच्चे राधा-कृष्ण बनने के लिए सतरंगी पोशाक का इंतजाम करने में जुटे रहे। नवविवाहिता के मायके और लड़की की ससुराल में सिंधारा ले जाने के लिए घेवर, गुंझिया, फैनी और मठरी की जमकर खरीददारी हुई। कुछ महिलाओं ने मंगलवार को ही तीज का त्योहार मना लिया। वहीं अधिकतर महिलाएं आज तीज का त्योहार मनाएंगी। शिवचौक, बाजार कलां, बस स्टैंड और राजीव मार्केट में हलवाइयों की दुकानों पर भीड़ रही। अंजना गर्ग और बबीता मित्तल कहती हैं कि तीज त्योहार मनाने के लिए महिलाएं सोलह श्रृंगार से सज-धज कर जीवनसाथी की दीर्घायु की कामना करने के लिए भगवान शिव और पार्वती की पूजा करती हैं। पेड़ों की कटान के चलते अब ग्रामीण अंचलों में भी झूले कम ही नजर आते हैं।
विज्ञापन