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प्रशासन की नई टीम के लिए कांवड यात्रा चुनौती
Updated Thu, 13 Jul 2017 12:23 AM IST
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प्रशासन की नई टीम के लिए कांवड़ यात्रा चुनौती
मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना पुलिस प्रशासन की नई टीम के लिए बड़ी चुनौती है। इस बार कांवड़ यात्रा में सभी अफसर नए हैं। ईओ से लेकर डीएम तक पहली बार कांवड़ यात्रा में जिले में ड्यूटी निभाएंगे। पुलिस में सीओ से लेकर एसएसपी तक सब नए हैं।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों का सैलाब प्रतिवर्ष जिले से होकर गुजरता है। हरिद्वार के बाद यदि कहीं कांवड़ियों को लेकर सबसे बड़ी व्यवस्था होती है, तो वह यही जनपद है। देश के विभिन्न हिस्सों में जाने वाले कांवड़िये अधिकतम यहीं से होकर जाते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस बार यहां से साढ़े तीन करोड़ कांवड़ियों के होकर जाने के उम्मीद हैं। कांवड़ की व्यवस्था को लेकर प्रतिवर्ष एक या दो आला अफसर पुराना जरूर होता था। इस बार पुलिस और प्रशासन में सभी अफसर ऐसे हैं, जो पहली बार कांवड़ यात्रा को यहां फेस कर रहे हैं। डीएम जीएस प्रियदर्शी भी नए हैं। उनकी टीम में शामिल दोनों एडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम यहां तक की ईओ भी नए हैं। हालांकि पुरानी व्यवस्था पर नए अफसर भी काम कर रहे हैं। जिला पंचायत की टीम भी नई है। विद्युत निगम के अधिकारी भी पहली बार कांवड़ यात्रा में सहभागी बने हैं। इसी तरह पुलिस के अधिकारियों की स्थिति भी यहीं है। पुलिस में इस बार सीओ सिटी से लेकर एसएसपी तक सब नए हैं। सभी एएसपी भी एकदम नए हैं। ऐसे में अफसरों को व्यवस्था को लेकर कहीं-कहीं परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है।
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मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना पुलिस प्रशासन की नई टीम के लिए बड़ी चुनौती है। इस बार कांवड़ यात्रा में सभी अफसर नए हैं। ईओ से लेकर डीएम तक पहली बार कांवड़ यात्रा में जिले में ड्यूटी निभाएंगे। पुलिस में सीओ से लेकर एसएसपी तक सब नए हैं।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों का सैलाब प्रतिवर्ष जिले से होकर गुजरता है। हरिद्वार के बाद यदि कहीं कांवड़ियों को लेकर सबसे बड़ी व्यवस्था होती है, तो वह यही जनपद है। देश के विभिन्न हिस्सों में जाने वाले कांवड़िये अधिकतम यहीं से होकर जाते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस बार यहां से साढ़े तीन करोड़ कांवड़ियों के होकर जाने के उम्मीद हैं। कांवड़ की व्यवस्था को लेकर प्रतिवर्ष एक या दो आला अफसर पुराना जरूर होता था। इस बार पुलिस और प्रशासन में सभी अफसर ऐसे हैं, जो पहली बार कांवड़ यात्रा को यहां फेस कर रहे हैं। डीएम जीएस प्रियदर्शी भी नए हैं। उनकी टीम में शामिल दोनों एडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम यहां तक की ईओ भी नए हैं। हालांकि पुरानी व्यवस्था पर नए अफसर भी काम कर रहे हैं। जिला पंचायत की टीम भी नई है। विद्युत निगम के अधिकारी भी पहली बार कांवड़ यात्रा में सहभागी बने हैं। इसी तरह पुलिस के अधिकारियों की स्थिति भी यहीं है। पुलिस में इस बार सीओ सिटी से लेकर एसएसपी तक सब नए हैं। सभी एएसपी भी एकदम नए हैं। ऐसे में अफसरों को व्यवस्था को लेकर कहीं-कहीं परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है।
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