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अटल के जन्मदिन पर काव्य पाठ
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मुजफ्फरनगर। पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी के 95वें जन्मदिवस पर चौधरी छोटूराम कॉलेज में काव्य और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विजेता छात्रों को पुरस्कृत किया गया।
भाषण प्रतियोगिता का विषय कवि हृदय राजनेता भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई तथा वाद-विवाद प्रतियोगिता का विषय राष्ट्र धर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं है रहा। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि जमीन से उठकर शिखर के आसमान पर पहुंचने के पीछे अटल जी को काफी संघर्ष करना पड़ा था। अपने इस जीवन संघर्ष को उन्होंने अपनी कविताओं में बड़ी संजीदगी से उतारा है। वे बहुत अच्छे वक्ता थे। प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने बहुत महत्वपूर्ण कार्य किए जैसे पोखरण परमाणु परीक्षण, कारगिल युद्ध जीता। उन्होंने जय जवान जय किसान के साथ साथ जय विज्ञान का भी नारा दिया। वाद विवाद प्रतियोगिता में छात्रों ने कहा कि राष्ट्र धर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं है। छात्र छात्राओं ने अटल की विभिन्न प्रेरणादायक कविताओं का पाठ किया।
प्राचार्य डॉक्टर नरेश कुमार मलिक ने छात्रों से कहा कि भारत रत्न अटल विहारी वाजपेयी का चरित्र विश्व स्तर पर उच्च कोटि का था। ऐसे व्यक्तित्व से हम सब को सीखना चाहिए। कार्यक्रम महाविद्यालय के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परिषद के तत्वाधान में आयोजित हुआ। जिसके सचिव डॉ. एनके परूथी, संयोजक डॉ. एके सिंह तथा सह संयोजक डॉ. संदीप, डॉ. अवनीश, डॉ. ओमबीर सिंह, डॉ. एसके सिंह रहे। संचालन डॉ. गिरिराज किशोर ने किया। डॉ. हरेंद्र सिंह सिरोही, डॉ. इंद्रजीत सिंह, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. नूपुर अग्रवाल, रीता, महरूबी, सुशील कुमार, शुभम आर्य, अजीत, कृष्ण कुमार, सुधीर कुमार, सहेंद्र, रामेंद्र का सहयोग रहा।
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भाषण प्रतियोगिता का विषय कवि हृदय राजनेता भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई तथा वाद-विवाद प्रतियोगिता का विषय राष्ट्र धर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं है रहा। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि जमीन से उठकर शिखर के आसमान पर पहुंचने के पीछे अटल जी को काफी संघर्ष करना पड़ा था। अपने इस जीवन संघर्ष को उन्होंने अपनी कविताओं में बड़ी संजीदगी से उतारा है। वे बहुत अच्छे वक्ता थे। प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने बहुत महत्वपूर्ण कार्य किए जैसे पोखरण परमाणु परीक्षण, कारगिल युद्ध जीता। उन्होंने जय जवान जय किसान के साथ साथ जय विज्ञान का भी नारा दिया। वाद विवाद प्रतियोगिता में छात्रों ने कहा कि राष्ट्र धर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं है। छात्र छात्राओं ने अटल की विभिन्न प्रेरणादायक कविताओं का पाठ किया।
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प्राचार्य डॉक्टर नरेश कुमार मलिक ने छात्रों से कहा कि भारत रत्न अटल विहारी वाजपेयी का चरित्र विश्व स्तर पर उच्च कोटि का था। ऐसे व्यक्तित्व से हम सब को सीखना चाहिए। कार्यक्रम महाविद्यालय के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परिषद के तत्वाधान में आयोजित हुआ। जिसके सचिव डॉ. एनके परूथी, संयोजक डॉ. एके सिंह तथा सह संयोजक डॉ. संदीप, डॉ. अवनीश, डॉ. ओमबीर सिंह, डॉ. एसके सिंह रहे। संचालन डॉ. गिरिराज किशोर ने किया। डॉ. हरेंद्र सिंह सिरोही, डॉ. इंद्रजीत सिंह, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. नूपुर अग्रवाल, रीता, महरूबी, सुशील कुमार, शुभम आर्य, अजीत, कृष्ण कुमार, सुधीर कुमार, सहेंद्र, रामेंद्र का सहयोग रहा।
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