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धान की बर्बाद फसल देख सदमे से किसान की मौत
Updated Tue, 16 Oct 2018 12:11 AM IST
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ओलावृष्टि से बर्बाद हुए फसल को देख सदमे से किसान की मौत
मोरना (मुजफ्फरनगर)।
पांच दिन पहले हुई ओलावृष्टि के कारण धान की फसल की बर्बादी को देखकर किसान को दिल का दौरा पड़ गया था। सोमवार को निजी अस्पताल में उपचार के दौरान किसान की मौत हो गई। किसान की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। उधर, एसडीएम मृत किसान के घर पहुंचकर परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली। एसडीएम ने शोकाकुल परिवार को सांत्वना देते हुए उन्हें मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन दिया है।
परिवार के सदस्यों के मुताबिक गंगा खादर के गांव भुवापुर में किसान झबरे (51) पुत्र नत्थू चौहान के पास खेती के लिए 30 बीघा जमीन है, जिसमें उसने 15 बीघा जमीन में धान की फसल और अन्य जमीन में गन्ने की फसल आदि की बुआई कर रखी थी। पांच दिन पहले हुई भारी बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से आसपास की फसल उजड़ गई। उसी दिन किसान झबरे भी अपने खेतों पर धान की फसल को देखने गया, तो उजड़ी फसल को देखकर उसको खेत पर ही हार्टअटैक हो गया था। परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां पर सोमवार सुबह चार बजे किसान की मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही गांव में शोक व्याप्त हो गया। ग्राम प्रधान सुसैन, लखीराम, डा. मोहन आदि ने एसडीएम जानसठ विजय कुमार से पीड़ित किसान परिवार की आर्थिक मदद किए जाने की मांग की है। एसडीएम ने मृतक किसान के आवास पर पहुंच कर परिजनों को सांत्वना दी और आर्थिक मदद का आश्वासन दिया। मृत किसान की पत्नी केलादेवी, पुत्र धीर सिंह, ध्यान सिंह, चतरपाल आदि का रो-रोकर बुरा हाल है।
एसडीएम ने किया दौरा
मोरना। गांव दरियाबाद, इलाहाबास, भुवापुर, मीरावाला, खरपोड़ आदि गांवों में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की फसल को नष्ट किया है। एसडीएम विजय कुमार, नायब तहसीलदार इंद्रदेव, लेखपाल श्यामलाल, संजय कुमार, हितकर आदि ने सोमवार को टीम के साथ प्रभावित गांवों का दौरा किया। किसानों ने एसडीएम को बताया कि पशुओं के लिए चारे का संकट होने से गांव के किसान परेशान हैं। एसडीएम ने किसानों को आर्थिक सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया।
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मोरना (मुजफ्फरनगर)।
पांच दिन पहले हुई ओलावृष्टि के कारण धान की फसल की बर्बादी को देखकर किसान को दिल का दौरा पड़ गया था। सोमवार को निजी अस्पताल में उपचार के दौरान किसान की मौत हो गई। किसान की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। उधर, एसडीएम मृत किसान के घर पहुंचकर परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली। एसडीएम ने शोकाकुल परिवार को सांत्वना देते हुए उन्हें मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन दिया है।
परिवार के सदस्यों के मुताबिक गंगा खादर के गांव भुवापुर में किसान झबरे (51) पुत्र नत्थू चौहान के पास खेती के लिए 30 बीघा जमीन है, जिसमें उसने 15 बीघा जमीन में धान की फसल और अन्य जमीन में गन्ने की फसल आदि की बुआई कर रखी थी। पांच दिन पहले हुई भारी बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से आसपास की फसल उजड़ गई। उसी दिन किसान झबरे भी अपने खेतों पर धान की फसल को देखने गया, तो उजड़ी फसल को देखकर उसको खेत पर ही हार्टअटैक हो गया था। परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां पर सोमवार सुबह चार बजे किसान की मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही गांव में शोक व्याप्त हो गया। ग्राम प्रधान सुसैन, लखीराम, डा. मोहन आदि ने एसडीएम जानसठ विजय कुमार से पीड़ित किसान परिवार की आर्थिक मदद किए जाने की मांग की है। एसडीएम ने मृतक किसान के आवास पर पहुंच कर परिजनों को सांत्वना दी और आर्थिक मदद का आश्वासन दिया। मृत किसान की पत्नी केलादेवी, पुत्र धीर सिंह, ध्यान सिंह, चतरपाल आदि का रो-रोकर बुरा हाल है।
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एसडीएम ने किया दौरा
मोरना। गांव दरियाबाद, इलाहाबास, भुवापुर, मीरावाला, खरपोड़ आदि गांवों में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की फसल को नष्ट किया है। एसडीएम विजय कुमार, नायब तहसीलदार इंद्रदेव, लेखपाल श्यामलाल, संजय कुमार, हितकर आदि ने सोमवार को टीम के साथ प्रभावित गांवों का दौरा किया। किसानों ने एसडीएम को बताया कि पशुओं के लिए चारे का संकट होने से गांव के किसान परेशान हैं। एसडीएम ने किसानों को आर्थिक सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया।
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