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हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन में पालिका प्रशासन
Updated Mon, 15 Jan 2018 01:09 AM IST
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शहर में कूड़ों का अंबार लगा
मुजफ्फरनगर।
नगरपालिका परिषद में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल छठे दिन भी जारी रहने शहर में सफाई व्यवस्था बेपटरी हो गई है। पालिका प्रशासन ने हड़ताल खत्म कराने के प्रयास किए, लेकिन सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए। इसके बाद पालिका प्रशासन अब सफाईकर्मियों के विरुद्ध एक्शन की तैयारी कर चुका है। संविदा कर्मियों को हाजिरी के लिए बुलाए जाने पर भी नहीं आना उनकी नौकरी पर सवाल खड़े कर गया है। वहीं, दैनिक वेतनभोगी के रूप में रखे गए 116 सफाईकर्मियों का ठेका पालिका प्रशासन ने खत्म कर दिया है। संविदा कर्मियों पर कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
सफाई कर्मचारी संघ की कामबंद हड़ताल में शामिल पालिका के 252 संविदा सफाई कर्मियों और 100 ठेका कर्मियों को पालिका प्रशासन ने हड़ताल से अलग होकर शहर में सफाई कार्य करने के निर्देश दिए थे। नोटिस के बाद भी काम पर नहीं आए संविदा सफाई कर्मियों को ईओ विकास सैन ने रविवार को कंपनी बाग में हाजिरी के लिए उपस्थित होने के निर्देशों के साथ ही चेतावनी दी थी कि जो भी उपस्थित होकर हाजिरी नहीं लगाएगा, उसकी संविदा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। रविवार को कंपनी बाग में ईओ विकास सैन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरएस राठी और सफाई निरीक्षक कुलदीप कुमार संविदाकर्मियों की हाजिरी के लिए पहुंचे, लेकिन वहां पर कोईन संविदा कर्मी नहीं पहुंचा। थोड़ी देर बाद सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजू वैद, महामंत्री मदनलाल के साथ संविदा और ठेका सफाई कर्मचारी कंपनी बाग में पहुंचे। यहां पर संघ नेताओं ने पालिका प्रशासन पर दमनकारी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। ईओ ने संघ नेताओं के साथ वार्ता की और हड़ताल खत्म करने को कहा, लेकिन घंटों की गहमागहमी के बाद भी स्थिति जस की तस रही। यहां पर 252 संविदा कर्मियों में से किसी ने भी ईओ के निर्देशों का पालन नहीं किया। हाजिरी न देकर आंदोलन में शामिल रहे। वार्ता बेनतीजा समाप्त हो गई। मदनलाल ने कहा कि जब तक पालिका प्रशासन बोनस, संविदा कर्मियों का एरियर और ठेका कर्मियों के हर पांच माह के वेतन सहित 21 मांगों को नहीं मानता है, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
ईओ विकास सैन ने कहा कि संविदा कर्मियों को हाजिरी लगाकर हड़ताल से अलग होकर कार्य करने के निर्देशों पर कंपनी बाग बुलाया गया था, लेकिन वहां आने के बाद भी संविदा कर्मियों ने हाजिरी नहीं लगाई। उन्होंने कहा कि 116 कर्मचारियों का ठेका शनिवार को चेयरमैन अंजू अग्रवाल की संस्तुति लेकर खत्म कर दिया गया है। अब संविदा कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही होगी। उनको अलग-अलग नाम से नोटिस भेजे जाएंगे। इनकी संविदा को दस साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है। हड़ताल स्थायी कर्मचारियों की है, ऐसे में संविदा और ठेका कर्मी हड़ताल में शामिल नहीं हो सकते हैं। कई बार चेतावनी के बाद भी संविदा कर्मी काम पर नहीं आए, उनकी संविदा समाप्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ठेका कर्मियों का वेतन ठेकेदार की मांग के आधार पर पालिका जारी करेगी। ईओ ने कहा कि संघ के पास कोई भी मुद्दा हड़ताल का नहीं है। बोनस देने से प्रशासन इंकार नहीं कर रहा है।
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मुजफ्फरनगर।
नगरपालिका परिषद में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल छठे दिन भी जारी रहने शहर में सफाई व्यवस्था बेपटरी हो गई है। पालिका प्रशासन ने हड़ताल खत्म कराने के प्रयास किए, लेकिन सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए। इसके बाद पालिका प्रशासन अब सफाईकर्मियों के विरुद्ध एक्शन की तैयारी कर चुका है। संविदा कर्मियों को हाजिरी के लिए बुलाए जाने पर भी नहीं आना उनकी नौकरी पर सवाल खड़े कर गया है। वहीं, दैनिक वेतनभोगी के रूप में रखे गए 116 सफाईकर्मियों का ठेका पालिका प्रशासन ने खत्म कर दिया है। संविदा कर्मियों पर कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
सफाई कर्मचारी संघ की कामबंद हड़ताल में शामिल पालिका के 252 संविदा सफाई कर्मियों और 100 ठेका कर्मियों को पालिका प्रशासन ने हड़ताल से अलग होकर शहर में सफाई कार्य करने के निर्देश दिए थे। नोटिस के बाद भी काम पर नहीं आए संविदा सफाई कर्मियों को ईओ विकास सैन ने रविवार को कंपनी बाग में हाजिरी के लिए उपस्थित होने के निर्देशों के साथ ही चेतावनी दी थी कि जो भी उपस्थित होकर हाजिरी नहीं लगाएगा, उसकी संविदा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। रविवार को कंपनी बाग में ईओ विकास सैन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरएस राठी और सफाई निरीक्षक कुलदीप कुमार संविदाकर्मियों की हाजिरी के लिए पहुंचे, लेकिन वहां पर कोईन संविदा कर्मी नहीं पहुंचा। थोड़ी देर बाद सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजू वैद, महामंत्री मदनलाल के साथ संविदा और ठेका सफाई कर्मचारी कंपनी बाग में पहुंचे। यहां पर संघ नेताओं ने पालिका प्रशासन पर दमनकारी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। ईओ ने संघ नेताओं के साथ वार्ता की और हड़ताल खत्म करने को कहा, लेकिन घंटों की गहमागहमी के बाद भी स्थिति जस की तस रही। यहां पर 252 संविदा कर्मियों में से किसी ने भी ईओ के निर्देशों का पालन नहीं किया। हाजिरी न देकर आंदोलन में शामिल रहे। वार्ता बेनतीजा समाप्त हो गई। मदनलाल ने कहा कि जब तक पालिका प्रशासन बोनस, संविदा कर्मियों का एरियर और ठेका कर्मियों के हर पांच माह के वेतन सहित 21 मांगों को नहीं मानता है, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
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ईओ विकास सैन ने कहा कि संविदा कर्मियों को हाजिरी लगाकर हड़ताल से अलग होकर कार्य करने के निर्देशों पर कंपनी बाग बुलाया गया था, लेकिन वहां आने के बाद भी संविदा कर्मियों ने हाजिरी नहीं लगाई। उन्होंने कहा कि 116 कर्मचारियों का ठेका शनिवार को चेयरमैन अंजू अग्रवाल की संस्तुति लेकर खत्म कर दिया गया है। अब संविदा कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही होगी। उनको अलग-अलग नाम से नोटिस भेजे जाएंगे। इनकी संविदा को दस साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है। हड़ताल स्थायी कर्मचारियों की है, ऐसे में संविदा और ठेका कर्मी हड़ताल में शामिल नहीं हो सकते हैं। कई बार चेतावनी के बाद भी संविदा कर्मी काम पर नहीं आए, उनकी संविदा समाप्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ठेका कर्मियों का वेतन ठेकेदार की मांग के आधार पर पालिका जारी करेगी। ईओ ने कहा कि संघ के पास कोई भी मुद्दा हड़ताल का नहीं है। बोनस देने से प्रशासन इंकार नहीं कर रहा है।
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