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खुशहाल जीवन के लिए तालीम जरुरी
Updated Mon, 11 Dec 2017 12:14 AM IST
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खुशहाल जीवन के लिए तालीम जरूरी
मुजफ्फरनगर। आल इंडिया मुत्ताहिदा महाज के तत्वावधान में मेरिट अवार्ड समारोह का आयोजन किया गया। मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि खुशहाली और तरक्की का रास्ता तालीम से होकर गुरजता है। इसके लिए अभिभावक भी जागरूक हों और बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करे, तभी समाज का विकास संभव है।
आर्य समाज रोड स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्रोफेसर इरतजा करीम ने किया। उन्होंने कहा कि इल्म वह चीज है, जिसे इंसान मेहनत करके पाता है। यह विरासत में नहीं मिलता है। वक्त के साथ चलने वाले ही तरक्की पाते हैं। इसके लिए जागरूक रहकर आगे बढ़ें। सैय्यद फैसल अली ने कहा कि वर्तमान दौर में शिक्षा का बोलबाला है। ऐसे में मुस्लिम समाज को भी शिक्षा की ओर उन्मुख होना पड़ेगा, तभी समाज विकास के पथ पर सवार होगा। इसके लिए सामूहिक पहल करने की जरूरत है। हसन बाकर काजमी और आरए खान ने संयुक्त रूप से कहा कि बच्चों को अपना लक्ष्य निर्धारित करना होगा, ताकि वह समय के साथ कदमताल कर सके। इसके बाद करीब 800 मेधावियों को पुरस्कृत किया गया। सभी मेधावियों को अवार्ड से नवाजा गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शाहनवाज आफताब एवं संचालन महबूब आलम ने किया। इस मौके पर मौलाना गुलजार कासमी, मौलाना सईद कासमी, मुफ्ती मोहम्मद जाहिद, मौलाना जुबैर रहमानी, राशिद अली, वली हैदर, रोनक अंसारी, अरशद सिद्दीकी, हाजी मोहम्मद असलम, रफीक अलवी आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। आल इंडिया मुत्ताहिदा महाज के तत्वावधान में मेरिट अवार्ड समारोह का आयोजन किया गया। मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि खुशहाली और तरक्की का रास्ता तालीम से होकर गुरजता है। इसके लिए अभिभावक भी जागरूक हों और बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करे, तभी समाज का विकास संभव है।
आर्य समाज रोड स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्रोफेसर इरतजा करीम ने किया। उन्होंने कहा कि इल्म वह चीज है, जिसे इंसान मेहनत करके पाता है। यह विरासत में नहीं मिलता है। वक्त के साथ चलने वाले ही तरक्की पाते हैं। इसके लिए जागरूक रहकर आगे बढ़ें। सैय्यद फैसल अली ने कहा कि वर्तमान दौर में शिक्षा का बोलबाला है। ऐसे में मुस्लिम समाज को भी शिक्षा की ओर उन्मुख होना पड़ेगा, तभी समाज विकास के पथ पर सवार होगा। इसके लिए सामूहिक पहल करने की जरूरत है। हसन बाकर काजमी और आरए खान ने संयुक्त रूप से कहा कि बच्चों को अपना लक्ष्य निर्धारित करना होगा, ताकि वह समय के साथ कदमताल कर सके। इसके बाद करीब 800 मेधावियों को पुरस्कृत किया गया। सभी मेधावियों को अवार्ड से नवाजा गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शाहनवाज आफताब एवं संचालन महबूब आलम ने किया। इस मौके पर मौलाना गुलजार कासमी, मौलाना सईद कासमी, मुफ्ती मोहम्मद जाहिद, मौलाना जुबैर रहमानी, राशिद अली, वली हैदर, रोनक अंसारी, अरशद सिद्दीकी, हाजी मोहम्मद असलम, रफीक अलवी आदि मौजूद रहे।
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