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बारिश से मकान गिरे, भारी नुकसान
Updated Sun, 03 Sep 2017 12:08 AM IST
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गंगा का जलस्तर बढ़ा, कई गांव जलमग्न
मीरापुर(मुजफ्फरनगर)। क्षेत्र में लगातार हुई भारी वर्षा के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया। गांव नयागांव भुम्मा में आधा दर्जन लोगों के मकान धराशायी हो गए। वहीं, गंगा का जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र के जंगल में भी जलभराव हो गया। एसडीएम जानसठ ने बताया कि स्थिति पर नजर बनी हुई है।
भारी बरसात के चलते नयागांव निवासी नैनसिंह पुत्र चंदरु, संदीप पुत्र नैन सिंह, बबलू पुत्र कलीराम, प्रकाशी पत्नी फुल्लू तथा भुम्मा निवासी राजकुमार पुत्र तिरखा, ईश्वरी पत्नी कालूराम के मकान ढह गए। बबलू पुत्र तिलकराम की पत्नी व उसका नवजात छह दिन का बालक बाल-बाल बचे। मकान गिरने की सूचना के बाद भी प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को कोई राहत नहीं मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव से जल निकासी की व्यवस्था सुचारु नहीं होने के कारण जलभराव हो रहा है और कभी भी संक्रामक रोग फैल सकते हैं। क्षेत्र के जंगलों में भी करीब दो फुट पानी है। पानी ठहरने से फसलों को नुकसान की आशंका बनी है।
उधर, गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण रामराज क्षेत्र के गांव हंसावाला, लालपुर रहड़वा, सियाली, नयागांव, अल्लूवाला, अहमदवाला आदि के जंगलों में पानी भर गया है। इस कारण खादर क्षेत्र का गन्ना, चारा व धान की फसल को हानि होने की आशंका है। गंगा बैराज के जेई मनोज कुमार त्रिवेदी ने गंगा का जलस्तर बढ़ने की पुष्टि की, लेकिन जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बताया। एसडीएम जानसठ ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि खादर क्षेत्र में फिलहाल बाढ़ की स्थिति नहीं है, लेकिन जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। बरसात में जिन ग्रामीणों के मकान गिरे हैं, उनकी जांच के लिए हलका लेखपालों से मौके पर जाकर नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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मीरापुर(मुजफ्फरनगर)। क्षेत्र में लगातार हुई भारी वर्षा के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया। गांव नयागांव भुम्मा में आधा दर्जन लोगों के मकान धराशायी हो गए। वहीं, गंगा का जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र के जंगल में भी जलभराव हो गया। एसडीएम जानसठ ने बताया कि स्थिति पर नजर बनी हुई है।
भारी बरसात के चलते नयागांव निवासी नैनसिंह पुत्र चंदरु, संदीप पुत्र नैन सिंह, बबलू पुत्र कलीराम, प्रकाशी पत्नी फुल्लू तथा भुम्मा निवासी राजकुमार पुत्र तिरखा, ईश्वरी पत्नी कालूराम के मकान ढह गए। बबलू पुत्र तिलकराम की पत्नी व उसका नवजात छह दिन का बालक बाल-बाल बचे। मकान गिरने की सूचना के बाद भी प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को कोई राहत नहीं मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव से जल निकासी की व्यवस्था सुचारु नहीं होने के कारण जलभराव हो रहा है और कभी भी संक्रामक रोग फैल सकते हैं। क्षेत्र के जंगलों में भी करीब दो फुट पानी है। पानी ठहरने से फसलों को नुकसान की आशंका बनी है।
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उधर, गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण रामराज क्षेत्र के गांव हंसावाला, लालपुर रहड़वा, सियाली, नयागांव, अल्लूवाला, अहमदवाला आदि के जंगलों में पानी भर गया है। इस कारण खादर क्षेत्र का गन्ना, चारा व धान की फसल को हानि होने की आशंका है। गंगा बैराज के जेई मनोज कुमार त्रिवेदी ने गंगा का जलस्तर बढ़ने की पुष्टि की, लेकिन जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बताया। एसडीएम जानसठ ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि खादर क्षेत्र में फिलहाल बाढ़ की स्थिति नहीं है, लेकिन जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। बरसात में जिन ग्रामीणों के मकान गिरे हैं, उनकी जांच के लिए हलका लेखपालों से मौके पर जाकर नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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