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जानसठ क्षेत्र के गांवों में खनिज पदार्थो की खोज
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जानसठ क्षेत्र के गांवों में खनिज पदार्थों की खोज
जानसठ (मुजफ्फरनगर )। तहसील क्षेत्र में ओएनजीसी कंपनी के अधिकारियों द्वारा खनिज पदार्थों की खोज की जा रही है। इसके लिए कंपनी के अधिकारियों ने डेरा डाल दिया है। जानसठ तहसील के गांव अखलाकपुरा, सादपुर, मकसूदाबाद के जंगलों में पेट्रोलियम व खनिज पदार्थों की खोज के लिए ओएनजीसी कंपनी के अधिकारियों सहित 2200 कर्मचारियों ने क्षेत्र में डेरा डाल दिया है। कंपनी की टीम द्वारा 30 मीटर की दूरी पर बोरिंग कर उसमें विस्फोट द्वारा उत्पन्न होने वाली कंपन के जरिये खनिज पदार्थों की खोज करने में जुटी है। ओएनजीसी कंपनी के अधिकारी डायरेक्टर जीवरहा प्रसाद ने बताया कि इन क्षेत्रों में खनिज तेल होने के संकेत मिले हैं, जिसके चलते पिछले कई वर्षों से सर्वे का कार्य चल रहा है। क्षेत्र में खनिज तेल मिलने के पॉजीटिव रिपोर्ट मिल रही है, जिन्हें इकट्ठा कर संबंधित अधिकारियों को भेजी जाती है। 30 मीटर की दूरी पर बोरिंग कर उसमें विस्फोट किया जाता है। विस्फोट से जो कंपन उससे प्राप्त होती है, उन्हें कंप्यूटर के जरिए भेजा जाता है। टीम द्वारा खेतों में जांच पड़ताल करने के दौरान किसानों की गेहूं, आलू, सरसों व गन्ने की फसल बर्बाद हो रही है। ओएनजीसी द्वारा बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा किसानों को दिया जाएगा। किसानों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। कंपनी सभी के हित को ध्यान में रखेगी। खनिज पदार्थों के संकेत मिलने से पूरे देश की नजर यहां लगी हुई है।
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जानसठ (मुजफ्फरनगर )। तहसील क्षेत्र में ओएनजीसी कंपनी के अधिकारियों द्वारा खनिज पदार्थों की खोज की जा रही है। इसके लिए कंपनी के अधिकारियों ने डेरा डाल दिया है। जानसठ तहसील के गांव अखलाकपुरा, सादपुर, मकसूदाबाद के जंगलों में पेट्रोलियम व खनिज पदार्थों की खोज के लिए ओएनजीसी कंपनी के अधिकारियों सहित 2200 कर्मचारियों ने क्षेत्र में डेरा डाल दिया है। कंपनी की टीम द्वारा 30 मीटर की दूरी पर बोरिंग कर उसमें विस्फोट द्वारा उत्पन्न होने वाली कंपन के जरिये खनिज पदार्थों की खोज करने में जुटी है। ओएनजीसी कंपनी के अधिकारी डायरेक्टर जीवरहा प्रसाद ने बताया कि इन क्षेत्रों में खनिज तेल होने के संकेत मिले हैं, जिसके चलते पिछले कई वर्षों से सर्वे का कार्य चल रहा है। क्षेत्र में खनिज तेल मिलने के पॉजीटिव रिपोर्ट मिल रही है, जिन्हें इकट्ठा कर संबंधित अधिकारियों को भेजी जाती है। 30 मीटर की दूरी पर बोरिंग कर उसमें विस्फोट किया जाता है। विस्फोट से जो कंपन उससे प्राप्त होती है, उन्हें कंप्यूटर के जरिए भेजा जाता है। टीम द्वारा खेतों में जांच पड़ताल करने के दौरान किसानों की गेहूं, आलू, सरसों व गन्ने की फसल बर्बाद हो रही है। ओएनजीसी द्वारा बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा किसानों को दिया जाएगा। किसानों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। कंपनी सभी के हित को ध्यान में रखेगी। खनिज पदार्थों के संकेत मिलने से पूरे देश की नजर यहां लगी हुई है।