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तेंदुए का शिकार बछड़े के अवशेष मिले, ग्रामीणों में दशहत
Updated Sun, 19 Aug 2018 12:29 AM IST
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गांव चंदसीना में तेदुएं की दस्तक से दहशत
रतनपुरी/खतौली (मुजफ्फरनगर)।
गांव चंदसीना में तेंदुए की दस्तक होने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। गांव के बाहरी छोर पर एक बछड़े के अवशेष भी मिले हैं। वन विभाग की टीम ने जंगल में डेरा डाल दिया है। वन विभाग के मुताबिक तेंदुए या अन्य जंगली जानवर को पकड़ने के लिए शीघ्र ही पिंजरा लगाया जाएगा।
रतनपुरी क्षेत्र के गांव चंदसीना में गांव के बाहरी छोर पर बछड़े का अवशेष मिलने से सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी रतनपुरी पुलिस को दी। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि तेंदुए ने बछड़े का शिकार किया है। तेंदुए होने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने वन विभाग की टीम को मौके पर बुलवाया। सूचना पर वन विभाग के जानसठ क्षेत्र के वन रेंजर एनके बलोदी, मोरना क्षेत्र के वन रेंजर सिंगराज सिंह अपने साथ वन दरोगा मोहनलाल, वन रक्षक अंशीलाल, वन रक्षक सुनील कुमार, वन रक्षक नंदकिशोर और ट्रैक्टर सहायक शेखावत के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने मौके पर मिले पदचिह्नों का अवलोकन किया। टीम ने बछड़े के अवशेषों की भी जांच की। इसके अलावा वन विभाग की टीम ने आसपास के ग्रामीणों से भी इस संबंध में पूछताछ की। इस संबंध में वन रेंजर एनके बलोदी ने बताया कि बछड़े के अवशेष भी कई दिन पहले के हैं। इसके अलावा मौके से जो पदचिह्न मिले हैं, वे किसी नाखून वाले जानवर के हैं। तेंदुआ चलते समय अपने नाखूनों को अंदर की तरफ रखता है, जिससे उसके पदचिह्नों में नाखूनों के चिह्न नहीं मिलते। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तेंदुए के दस्तक की कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। पदचिह्न किसी अन्य जंगली जानवर के भी हो सकते हैं। वनरेंजर ने बताया कि फिर भी ग्रामीणों के अंदर से तेंदुए के भय को निकालने और ग्रामीणों की संतुष्टि के लिए तेंदुए को पकड़ने के लिए एक पिंजरा और एक पिकअप की व्यवस्था गांव में कराई जा रही है। इसके अलावा गांव में रात में भी वन विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ग्रामीणों को कहा गया है कि जहां कहीं भी उन्हें कोई ऐसा जानवर दिखायी दे, तो तत्काल ड्यूटी पर तैनात वन विभाग की टीम को सूचना दें। गौरतलब है कि तीन दिन पूर्व भी क्षेत्र के गांव मुजाहिदपुर में बड़सू व मुजाहिदपुर रजबाहे की पटरी मार्ग पर स्थित रज्जी के बाग में भी इसी तरह से जंगली जानवर का शिकार किए हुए दो बछड़ों के अवशेष मिले थे। इसकी सूचना पर वन विभाग की टीम मुजाहिदपुर भी पहुंची थी। वहां भी तेंदुआ होने के कोई ठोस सबूत नहीं मिले थे। हालांकि ग्रामीण अभी भी तेंदुए की दहशत में है। ग्रामीण खेतों में समूह बनाकर जा रहे हैं। पुलिस ने तेंदुए के विषय में क्षेत्र के गांवों में एहतियात और सावधानी बरतने के लिए एनाउंसमेंट कराया।
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रतनपुरी/खतौली (मुजफ्फरनगर)।
गांव चंदसीना में तेंदुए की दस्तक होने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। गांव के बाहरी छोर पर एक बछड़े के अवशेष भी मिले हैं। वन विभाग की टीम ने जंगल में डेरा डाल दिया है। वन विभाग के मुताबिक तेंदुए या अन्य जंगली जानवर को पकड़ने के लिए शीघ्र ही पिंजरा लगाया जाएगा।
रतनपुरी क्षेत्र के गांव चंदसीना में गांव के बाहरी छोर पर बछड़े का अवशेष मिलने से सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी रतनपुरी पुलिस को दी। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि तेंदुए ने बछड़े का शिकार किया है। तेंदुए होने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने वन विभाग की टीम को मौके पर बुलवाया। सूचना पर वन विभाग के जानसठ क्षेत्र के वन रेंजर एनके बलोदी, मोरना क्षेत्र के वन रेंजर सिंगराज सिंह अपने साथ वन दरोगा मोहनलाल, वन रक्षक अंशीलाल, वन रक्षक सुनील कुमार, वन रक्षक नंदकिशोर और ट्रैक्टर सहायक शेखावत के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने मौके पर मिले पदचिह्नों का अवलोकन किया। टीम ने बछड़े के अवशेषों की भी जांच की। इसके अलावा वन विभाग की टीम ने आसपास के ग्रामीणों से भी इस संबंध में पूछताछ की। इस संबंध में वन रेंजर एनके बलोदी ने बताया कि बछड़े के अवशेष भी कई दिन पहले के हैं। इसके अलावा मौके से जो पदचिह्न मिले हैं, वे किसी नाखून वाले जानवर के हैं। तेंदुआ चलते समय अपने नाखूनों को अंदर की तरफ रखता है, जिससे उसके पदचिह्नों में नाखूनों के चिह्न नहीं मिलते। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तेंदुए के दस्तक की कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। पदचिह्न किसी अन्य जंगली जानवर के भी हो सकते हैं। वनरेंजर ने बताया कि फिर भी ग्रामीणों के अंदर से तेंदुए के भय को निकालने और ग्रामीणों की संतुष्टि के लिए तेंदुए को पकड़ने के लिए एक पिंजरा और एक पिकअप की व्यवस्था गांव में कराई जा रही है। इसके अलावा गांव में रात में भी वन विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ग्रामीणों को कहा गया है कि जहां कहीं भी उन्हें कोई ऐसा जानवर दिखायी दे, तो तत्काल ड्यूटी पर तैनात वन विभाग की टीम को सूचना दें। गौरतलब है कि तीन दिन पूर्व भी क्षेत्र के गांव मुजाहिदपुर में बड़सू व मुजाहिदपुर रजबाहे की पटरी मार्ग पर स्थित रज्जी के बाग में भी इसी तरह से जंगली जानवर का शिकार किए हुए दो बछड़ों के अवशेष मिले थे। इसकी सूचना पर वन विभाग की टीम मुजाहिदपुर भी पहुंची थी। वहां भी तेंदुआ होने के कोई ठोस सबूत नहीं मिले थे। हालांकि ग्रामीण अभी भी तेंदुए की दहशत में है। ग्रामीण खेतों में समूह बनाकर जा रहे हैं। पुलिस ने तेंदुए के विषय में क्षेत्र के गांवों में एहतियात और सावधानी बरतने के लिए एनाउंसमेंट कराया।
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