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वैदिक संस्कृति से करें जीवन का निर्माण
Updated Mon, 21 May 2018 12:24 AM IST
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मीरापुर। आर्य समाज मुकल्लमपुरा के वार्षिकोत्सव में वैदिक प्रचार और समाज सुधार कार्यो के लिए पंडित विरेंद्र शास्त्री एवं सोमपाल आर्य का आचार्य गुरुदत्त आर्य ने अभिनंदन किया। आर्य विद्धानों ने कहा कि सत्य का प्रकाश फैलाने से बुराइयां मिटेगी।
वार्षिकोत्सव में प्रवचन करते पंडित विरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वेद सब विधाओं की पुस्तक है, वेद ईश्वरीय वाणी है। विश्व की संस्कृति , धर्म, सदाचार एवं ज्ञान-विज्ञान का मूल सोत्र वेद है। वेद सनातन सत्य है। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि अविधा, अंधविश्वास, पाखंड, अधर्म को नष्ट करने के लिए वैदिक शिक्षा, संस्कार, चरित्र, सदाचार और आचरण पर ध्यान दें। आचार्य सत्यवीर आर्य ने कहा कि मनुष्य जन्म से नहीं कर्म से महान बनता है। आर्य समाज के मार्गदर्शन से समाज का नैतिक निर्माण हुआ है। भजनोपदेशक सहदेव सिंह बेधड़क ने भजनों से देशप्रेम, संस्कारों की शिक्षा दी। अध्यक्षता आरपी शर्मा एवं संचालन रविंद्र आर्य तथा नरेंद्र आर्य ने किया। मंगत सिंह आर्य, यशपाल सिंह आर्य, आनंदपाल सिंह आर्य, सत्यदेव, भाग सिंह आर्य, धर्मेंद्र आर्य, सावित्री आर्य, जय भगवान आर्य, वीरेंद्र सिंह आर्य आदि मौजूद रहे। यज्ञमान नागेंद्र सिंह और रविंद्र कुमार सपत्निक रहे।
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वार्षिकोत्सव में प्रवचन करते पंडित विरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वेद सब विधाओं की पुस्तक है, वेद ईश्वरीय वाणी है। विश्व की संस्कृति , धर्म, सदाचार एवं ज्ञान-विज्ञान का मूल सोत्र वेद है। वेद सनातन सत्य है। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि अविधा, अंधविश्वास, पाखंड, अधर्म को नष्ट करने के लिए वैदिक शिक्षा, संस्कार, चरित्र, सदाचार और आचरण पर ध्यान दें। आचार्य सत्यवीर आर्य ने कहा कि मनुष्य जन्म से नहीं कर्म से महान बनता है। आर्य समाज के मार्गदर्शन से समाज का नैतिक निर्माण हुआ है। भजनोपदेशक सहदेव सिंह बेधड़क ने भजनों से देशप्रेम, संस्कारों की शिक्षा दी। अध्यक्षता आरपी शर्मा एवं संचालन रविंद्र आर्य तथा नरेंद्र आर्य ने किया। मंगत सिंह आर्य, यशपाल सिंह आर्य, आनंदपाल सिंह आर्य, सत्यदेव, भाग सिंह आर्य, धर्मेंद्र आर्य, सावित्री आर्य, जय भगवान आर्य, वीरेंद्र सिंह आर्य आदि मौजूद रहे। यज्ञमान नागेंद्र सिंह और रविंद्र कुमार सपत्निक रहे।
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