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भावी पीढ़ी को वैदिक संस्कृति से जोड़े: सत्यानंद
Updated Sun, 06 May 2018 12:44 AM IST
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जानसठ। आर्य समाज जंधेड़ी के निर्देशन में राष्ट्रीय एकता, शांति, सद्भाव और संस्कृति की रक्षा हेतू आयोजित देव यज्ञ में ग्रामीणों ने आहुतियां अर्पित की गईं। स्वामी सत्यानंद सरस्वती ने कहा कि भावी पीढ़ी को भारत की सनातन वैदिक संस्कृति से जोड़े, तभी आदर्श समाज बनेगा।
गांव जंधेड़ी में आयोजित यज्ञ एवं सत्संग में स्वामी सत्यानंद सरस्वती ने कहा परिवार में यज्ञ करें, ताकि बच्चों को वेद मंत्रों और अपनी संस्कृति का ज्ञान हो सके। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि परिवार के वातावरण और संस्कारों का बच्चों पर प्रभाव पड़ता है। सदाचार, चरित्र, सेवा, आज्ञापालन, देशभक्ति जैसे सद्गुणों से जीवन बदलेगा। पूर्व प्रधानाचार्य संतोष कुमार वर्मा ने समाज सुधार में महर्षि दयानंद के कार्यों की चर्चा की। सत्येंद्र पाल आर्य, राजपाल आर्य, पंडित हरपाल शास्त्री ने भी विचार रखे। महाशय जबर सिंह खारी, सुकृति आर्या ने देश भक्ति गीत सुनाए। यज्ञमान अरविंद आर्य एवं निर्मला रही। सत्यपाल आर्य, धर्मेंद्र आर्य, अनुज गहलोत, सागर, सौरभ आर्य, ऋषिपाल आर्य, सूरज राठी, दीपक चौधरी, नरेंद्र आर्य आदि मौजूद रहेे। अध्यक्षता आचार्य गुरुदत्त आर्य एवं संचालन अरविंद आर्य ने किया।
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गांव जंधेड़ी में आयोजित यज्ञ एवं सत्संग में स्वामी सत्यानंद सरस्वती ने कहा परिवार में यज्ञ करें, ताकि बच्चों को वेद मंत्रों और अपनी संस्कृति का ज्ञान हो सके। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि परिवार के वातावरण और संस्कारों का बच्चों पर प्रभाव पड़ता है। सदाचार, चरित्र, सेवा, आज्ञापालन, देशभक्ति जैसे सद्गुणों से जीवन बदलेगा। पूर्व प्रधानाचार्य संतोष कुमार वर्मा ने समाज सुधार में महर्षि दयानंद के कार्यों की चर्चा की। सत्येंद्र पाल आर्य, राजपाल आर्य, पंडित हरपाल शास्त्री ने भी विचार रखे। महाशय जबर सिंह खारी, सुकृति आर्या ने देश भक्ति गीत सुनाए। यज्ञमान अरविंद आर्य एवं निर्मला रही। सत्यपाल आर्य, धर्मेंद्र आर्य, अनुज गहलोत, सागर, सौरभ आर्य, ऋषिपाल आर्य, सूरज राठी, दीपक चौधरी, नरेंद्र आर्य आदि मौजूद रहेे। अध्यक्षता आचार्य गुरुदत्त आर्य एवं संचालन अरविंद आर्य ने किया।
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