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फरियादी घर लौट गए, अफसर नहीं पहुंचे
Updated Tue, 03 Apr 2018 01:16 AM IST
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फरियादी घर लौट गए, अफसर नहीं पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। चार दिन की लंबी छुट्टी के बाद सोमवार को खुले सरकारी दफ्तरों में इक्का-दुक्का अफसर ही पहुंच सके। कई अधिकारी दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर जाम में फंस रहे। दफ्तरों में फरियादी पहुंचे, जो निराश होकर लौट गए। उधर, स्वामी कल्याण जिला चिकित्सालय के साथ सीएमओ बिल्डिंग पर उपद्रवियों ने हमला बोल दिया। इससे भगदड़ मच गई। कर्मचारियों ने किसी प्रकार खदेड़कर दरवाजों पर ताले डाल दिए।
सरकारी विभागों में 29 मार्च से एक अप्रैल तक अवकाश रहा। इसके बाद सोमवार को दफ्तर खुले थे, जिनमें कुछ अधिकारी समय पर पहुंच गए, जबकि आधे से अधिक अधिकारी, बाबू, कर्मचारी शहरों में हुई हिंसा के कारण जाम में फंस गए। फूड विभाग के अधिकारी, चिकित्सालय के डॉक्टर, एआटीओ, रोडवेज के बाबू जाम में फंस गए। वहीं, कचहरी में कोई अफसर सीट नहीं बैठ सका। इस दौरान कुछ फरियादी आए जरूर, लेकिन मौके की स्थिति को देखकर लौट गए। उधर, सीएमओ की बिल्डिंग में उपद्रवियों की भीड हाथों में डंडे लेकर घुस गए। इससे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। किसी तरह से उपद्रवियों को खदेड़कर दरवाजे बंद किए गए। वहीं, सोमवार को चिकित्सालय की ओपीड़ी भी समय से पहले बंद कर दी गई।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। चार दिन की लंबी छुट्टी के बाद सोमवार को खुले सरकारी दफ्तरों में इक्का-दुक्का अफसर ही पहुंच सके। कई अधिकारी दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर जाम में फंस रहे। दफ्तरों में फरियादी पहुंचे, जो निराश होकर लौट गए। उधर, स्वामी कल्याण जिला चिकित्सालय के साथ सीएमओ बिल्डिंग पर उपद्रवियों ने हमला बोल दिया। इससे भगदड़ मच गई। कर्मचारियों ने किसी प्रकार खदेड़कर दरवाजों पर ताले डाल दिए।
सरकारी विभागों में 29 मार्च से एक अप्रैल तक अवकाश रहा। इसके बाद सोमवार को दफ्तर खुले थे, जिनमें कुछ अधिकारी समय पर पहुंच गए, जबकि आधे से अधिक अधिकारी, बाबू, कर्मचारी शहरों में हुई हिंसा के कारण जाम में फंस गए। फूड विभाग के अधिकारी, चिकित्सालय के डॉक्टर, एआटीओ, रोडवेज के बाबू जाम में फंस गए। वहीं, कचहरी में कोई अफसर सीट नहीं बैठ सका। इस दौरान कुछ फरियादी आए जरूर, लेकिन मौके की स्थिति को देखकर लौट गए। उधर, सीएमओ की बिल्डिंग में उपद्रवियों की भीड हाथों में डंडे लेकर घुस गए। इससे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। किसी तरह से उपद्रवियों को खदेड़कर दरवाजे बंद किए गए। वहीं, सोमवार को चिकित्सालय की ओपीड़ी भी समय से पहले बंद कर दी गई।
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