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पिच्छी परिवर्तन समारोह का आयोजन
Updated Sun, 01 Apr 2018 11:32 PM IST
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जीवन में सफलता के लिए स्वभाव में मधुरता जरूरी
खतौली।
बड़ा बाजार के पीसनोपाड़ा जैन मंदिर में भक्तों ने क्षमाभूषण महाराज का पिच्छी परिवर्तन समारोह धार्मिक क्रियाओं के साथ आयोजित किया। महाराज के भक्त सरधना, मवाना, गाजियाबाद, सहारनपुर सहित अनेक नगरों से उपस्थित हुए। कल्पेंद्र जैन ने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए स्वभाव में मधुरता जरूरी है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण व णमोकार महामंत्र के पाठ से हुआ। पंडित मधुबन शास्त्री के मार्गदर्शन में हुआ। मुनिश्री का पाद प्रक्षालन शशांक, प्रियांक महलका परिवार ने किया। जिनेंद्र प्रभु के चित्र का अनावरण सुनील जैन टीकरी वालों ने किया। मुनिश्री को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य पारस जैन, राजेश जैन मुजफ्फरनगर, वहलना तीर्थ मंदिर कार्यकारिणी व केसरिया वस्त्रधारी साधमी महिलाओं को प्राप्त हुआ। धर्मसभा का संचालन कल्पेंद्र जैन ने बताया कि संयम का पाठ सिखाने वाला यह पिच्छी का परिवर्तन समारोह है। दिगंबर साधु की पहचान पिच्छी कमंडल से होती है। कमंडल शुद्धि का उपकरण है। पिच्छिका के पंख बहुत कोमल होते हैं। हमें जीवन में मृदुता लानी है। जीवन में संकल्प नियम लेने हैं। पूज्य श्री की पुरानी पिच्छिका लेने का सौभाग्य कल्पेंद्र जैन, आगम जैन को मिला। मुनिश्री के लिए नवीन पिच्छिका प्रदान करने का सुअवसर रामकुमार जैन को मिला। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस अवसर पर राजकुमार प्रवक्ता, हितेश, मुकेश एडवोकेट, दीपक, एलएम जैन, मुकेश आढ़ती, राजेंद्र दादरी, पतेंद्र, कुलदीप, प्रमोद, नीरज जैन प्रवक्ता, जयचंद, मृदुला, मणि, अर्चना, निर्मला, त्रिशला, सरला, रजनी, आयुषी, पुष्पा, डा. ज्योति आदि उपस्थित रहे।
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खतौली।
बड़ा बाजार के पीसनोपाड़ा जैन मंदिर में भक्तों ने क्षमाभूषण महाराज का पिच्छी परिवर्तन समारोह धार्मिक क्रियाओं के साथ आयोजित किया। महाराज के भक्त सरधना, मवाना, गाजियाबाद, सहारनपुर सहित अनेक नगरों से उपस्थित हुए। कल्पेंद्र जैन ने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए स्वभाव में मधुरता जरूरी है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण व णमोकार महामंत्र के पाठ से हुआ। पंडित मधुबन शास्त्री के मार्गदर्शन में हुआ। मुनिश्री का पाद प्रक्षालन शशांक, प्रियांक महलका परिवार ने किया। जिनेंद्र प्रभु के चित्र का अनावरण सुनील जैन टीकरी वालों ने किया। मुनिश्री को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य पारस जैन, राजेश जैन मुजफ्फरनगर, वहलना तीर्थ मंदिर कार्यकारिणी व केसरिया वस्त्रधारी साधमी महिलाओं को प्राप्त हुआ। धर्मसभा का संचालन कल्पेंद्र जैन ने बताया कि संयम का पाठ सिखाने वाला यह पिच्छी का परिवर्तन समारोह है। दिगंबर साधु की पहचान पिच्छी कमंडल से होती है। कमंडल शुद्धि का उपकरण है। पिच्छिका के पंख बहुत कोमल होते हैं। हमें जीवन में मृदुता लानी है। जीवन में संकल्प नियम लेने हैं। पूज्य श्री की पुरानी पिच्छिका लेने का सौभाग्य कल्पेंद्र जैन, आगम जैन को मिला। मुनिश्री के लिए नवीन पिच्छिका प्रदान करने का सुअवसर रामकुमार जैन को मिला। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस अवसर पर राजकुमार प्रवक्ता, हितेश, मुकेश एडवोकेट, दीपक, एलएम जैन, मुकेश आढ़ती, राजेंद्र दादरी, पतेंद्र, कुलदीप, प्रमोद, नीरज जैन प्रवक्ता, जयचंद, मृदुला, मणि, अर्चना, निर्मला, त्रिशला, सरला, रजनी, आयुषी, पुष्पा, डा. ज्योति आदि उपस्थित रहे।
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