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सरकारी क्रय केंद्रों पर नहीं हो पाएगी आलू की खरीद
Updated Wed, 07 Mar 2018 11:48 PM IST
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मुजफ्फरनगर।
प्रदेश सरकार द्वारा घोषित आलू का सरकारी रेट 549 रुपये बाजार मूल्य से 200 रुपये क्विंटल कम है। बाजार में आलू का रेट 700 से 750 रुपये क्विंटल तक चल रहा है। इस कारण जिले में कोई क्रय केंद्र भी नहीं खोला गया है।
तीन माह पहले आलू का बाजार मूल्य काफी नीचे आने के बाद किसानों को आलू को अपने खेतों में ही छोड़ना पड़ा था। हालांकि जिले में आलू का इतना ज्यादा उत्पादन नहीं होता है। मात्र 2200 हेक्टेयर में इस बार 57 हजार मीट्रिक टन आलू पैदा हुआ है। जिले में आलू की स्थिति इतनी ज्यादा खराब भी नहीं हुई। प्रदेश सरकार ने किसानों का आलू खरीदने के लिए 549 रुपये क्विंटल का रेट निर्धारित किया है। इसके लिए सभी जिलों में आलू क्रय केंद्र खोलने और शीतगृह रिजर्व करने के निर्देश दिए गए। जिला उद्यान अधिकारी एसी पाठक ने बताया कि जिले में दो शीतगृह रिजर्व किए गए हैं। इनमें कृष्ण मोहन शीतगृह खतौली और तनेजा शीतग्रह मीरापुर शामिल हैं। खरीद केंद्र खोलने की जिम्मेदारी पीसीएफ की है। जिले में आलू का रेट इस समय 700 से लेकर 750 तक चल रहा है। ऐसे में सरकारी क्रय केंद्र पर आलू की बिक्री कोई क्यों करेगा। जिले में आलू की दो वैरायटी का अधिकतम उत्पादन होता है, इसमें कुफरी बहार 60 प्रतिशत किसान उत्पादन करते हैं। चिप्सोना वैरायटी 30 प्रतिशत के लगभग किसान लगाते हैं। दस प्रतिशत अन्य प्रजाति हैं। पीसीएफ के अधिकारी विजेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में इस बार कोई क्रय केंद्र नहीं बनाया गया है।
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प्रदेश सरकार द्वारा घोषित आलू का सरकारी रेट 549 रुपये बाजार मूल्य से 200 रुपये क्विंटल कम है। बाजार में आलू का रेट 700 से 750 रुपये क्विंटल तक चल रहा है। इस कारण जिले में कोई क्रय केंद्र भी नहीं खोला गया है।
तीन माह पहले आलू का बाजार मूल्य काफी नीचे आने के बाद किसानों को आलू को अपने खेतों में ही छोड़ना पड़ा था। हालांकि जिले में आलू का इतना ज्यादा उत्पादन नहीं होता है। मात्र 2200 हेक्टेयर में इस बार 57 हजार मीट्रिक टन आलू पैदा हुआ है। जिले में आलू की स्थिति इतनी ज्यादा खराब भी नहीं हुई। प्रदेश सरकार ने किसानों का आलू खरीदने के लिए 549 रुपये क्विंटल का रेट निर्धारित किया है। इसके लिए सभी जिलों में आलू क्रय केंद्र खोलने और शीतगृह रिजर्व करने के निर्देश दिए गए। जिला उद्यान अधिकारी एसी पाठक ने बताया कि जिले में दो शीतगृह रिजर्व किए गए हैं। इनमें कृष्ण मोहन शीतगृह खतौली और तनेजा शीतग्रह मीरापुर शामिल हैं। खरीद केंद्र खोलने की जिम्मेदारी पीसीएफ की है। जिले में आलू का रेट इस समय 700 से लेकर 750 तक चल रहा है। ऐसे में सरकारी क्रय केंद्र पर आलू की बिक्री कोई क्यों करेगा। जिले में आलू की दो वैरायटी का अधिकतम उत्पादन होता है, इसमें कुफरी बहार 60 प्रतिशत किसान उत्पादन करते हैं। चिप्सोना वैरायटी 30 प्रतिशत के लगभग किसान लगाते हैं। दस प्रतिशत अन्य प्रजाति हैं। पीसीएफ के अधिकारी विजेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में इस बार कोई क्रय केंद्र नहीं बनाया गया है।
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