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आंखों के मरीज न आएं अस्पताल

Tue, 16 Jan 2018 12:18 AM IST
Updated Tue, 16 Jan 2018 12:18 AM IST
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आंखों के मरीज न आएं अस्पताल
मुजफ्फरनगर।
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यदि आंखों में परेशानी है और दवा चाहते हैं तो अस्पताल न आएं। अस्पताल का नेत्र विभाग रामभरोसे है। जिला चिकित्सालय में मरीजों को दी जाने वाली आई ड्रॉप खत्म है। टेंडर प्रक्रिया लटकने के कारण दवाओं का टोटा है। यह समस्या एक-दो दिन नहीं, बल्कि महीनेभर से बनी है। स्वास्थ्य टेंडर में हीलाहवाली बरत रहा है। जिसके चलते विभाग में आने वाले मरीज परेशान हैं।
स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के नेत्र विभाग में दवाओं की कमी पड़ गई है। विभाग में आई ड्रॉप (आंखों डालने की दवा) पिछले एक माह से खत्म हो गई हैं। यह दवाएं विभागीय अधिकारी फुटकर में खरीदकर काम चला रहे हैं। दरअसल, आई ड्रॉप की आपूर्ति के लिए विभाग ने गुपचुप टेंडर छोड़ा। जिसमें एक कंपनी आई, लेकिन सिंगल होने के कारण प्रक्रिया निरस्त की गई। उसके बाद फिर से टेंडर छोड़ा गया। इस बार तीन कंपनियों ने आवेदन किया। जांच-पड़ताल में दो कंपनियों के कागजात पूरे नहीं मिले। जिसके चलते फिर से प्रक्रिया अधूरी रह गई। टेंडर की इस रस्साकसी में मरीज पिस रहे हैं। मरीजों को दवाइयों की आपूर्ति के लिए विभागीय अफसर फुटकर में आई ड्रॉप मेडिकल स्टोर से खरीद रहे हैं। दवाओं के मामले में नेत्र विभाग रामभरोसे चल रहा है। आंखों के मरीजों विवशता में बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
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ओपीडी में आते हैं रोजाना 200 मरीज
कोहरा में प्रदूषण के कण आंखों जाने से बीमारियां बढ़ रही हैं। चूल्हे पर भोजन बनाने वाली महिलाओं की आंखों में जलन के साथ रेटीना पर प्रभाव पड़ रहा है। जबकि अधिक देर तक पढ़ने वाले बच्चों की आंखों में भी परेशानी हो रही है। जिसके चलते ओपीडी में रोजाना करीब 200 मरीजों की जांच-पड़ताल की जा रही है। इसमें सबसे अधिक उम्रदराज वर्ग के लोग शामिल हैं। इनमें से प्रतिदिन करीब 10 से 15 मरीजों का आंखों का आपरेशन किया जाता है।
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आंखों को रगड़ने से खतरा
विभागीय चिकित्सक डॉ अरविंद गर्ग ने बताया कि आंखों में कुछ गिरने पर पानी से धोकर निकालें। आंखों पर पानी के धीरे-धीरे झपके लगाएं। आंखों में रगड़ें नहीं, ऐसा करने से आंखों में जख्म बनता है, जो आंखों के रेटीना और रोशनी के लिए खतरनाक है।
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बोले अधिकारी..
नेत्र विभाग में आई ड्रॉप कुछ कम थी, जिन्हें पूरा कराने के लिए सीएमओ स्तर से कार्रवाई की गई है। आई ड्रॉप कम नहीं है। मरीजों अधिक आते हैं। ऐेसे में दवाओं की जरुरत भी अधित होती है। फिर भी कुछ समस्या है तो इसे दिखवाया जाएगा। - डॉ पीके अग्रवाल, सीएमएस, जिला चिकित्सालय।


तीन दिन बाद अवकाश से लौटा हूं। तीन दिन पहले तक तो दवा थी, लेकिन सोमवार को थोड़ी परेशानी बनी है। इसके लिए आला अधिकारियों को अवगत कराया गया है। कुछ दवा खत्म हो गई थी।
-डॉ एमके सैन, नेत्र सर्जन, जिला चिकित्सालय।
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