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सूबेदार नारायण सिंह ने पाक के खिलाफ लड़ी थी दो बार जंग
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पूरे देश को अभिनंदन की बहादुरी पर नाज
खतौली। पूर्व सूबेदार नारायण सिंह ने पाकिस्तान के साथ दो बार जंग लड़ी थी। उनमें देशप्रेम का जज्बा उस वक्त फौज में रहते हुए भी रहा और आज भी वहीं जज्बा है। उन्होंने कहा कि विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान ने जिस तरीके से पाक के अंदर घुसकर अपने शौर्य का पराक्रम दिखाते हुए अपने विमान मिग-21 से पाकिस्तान के एफ-16 विमान को मार गिराया था। आज पूरा देश उनके बहादुरी को सलाम कर रहा है।
खतौली ब्लाक के गांव खानपुर निवासी पूर्व सूबेदार नारायण सिंह वर्ष 1962 में सेना की 7-जाट रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। उन्होंने वर्ष 1965 में पाकिस्तान के खिलाफ सियालकोट सेक्टर में दुश्मन मुल्क के सैनिकों के साथ जंग की थी। इसके बाद वर्ष 1971 में बांग्लादेश को पाकिस्तान के कब्जे से मुक्त कराने को बांग्लादेश में ही पहुंचकर दुश्मन सेना के दांत खट्टे किए थे। जिसमें भारतीय सैनिकों ने जांबाजी दिखाते हुए पाक के हजारों सैनिकों को गिरफ्तार कर उनका सरेंडर कराया था। इस जंग को जीतने के बाद भारतीय सैनिकों को गर्व और खुशी महसूस हुई थी। पूर्व सैनिक ने बताया कि कश्मीर में सरकार में पत्थरबाजों और अलगाववादी नेताओं पर कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है, तभी जाकर कश्मीर में शांति स्थापित हो सकती है। आतंकवाद के सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत को पाकिस्तान में पल रहे आतंकवादियों के ठिकानों पर इसी प्रकार से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। आतंकवादियों को सीमा में घुसने से पहले ही ढ़ेर करना होगा, तभी भारत में शांति बनी रह सकती है।
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खतौली। पूर्व सूबेदार नारायण सिंह ने पाकिस्तान के साथ दो बार जंग लड़ी थी। उनमें देशप्रेम का जज्बा उस वक्त फौज में रहते हुए भी रहा और आज भी वहीं जज्बा है। उन्होंने कहा कि विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान ने जिस तरीके से पाक के अंदर घुसकर अपने शौर्य का पराक्रम दिखाते हुए अपने विमान मिग-21 से पाकिस्तान के एफ-16 विमान को मार गिराया था। आज पूरा देश उनके बहादुरी को सलाम कर रहा है।
खतौली ब्लाक के गांव खानपुर निवासी पूर्व सूबेदार नारायण सिंह वर्ष 1962 में सेना की 7-जाट रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। उन्होंने वर्ष 1965 में पाकिस्तान के खिलाफ सियालकोट सेक्टर में दुश्मन मुल्क के सैनिकों के साथ जंग की थी। इसके बाद वर्ष 1971 में बांग्लादेश को पाकिस्तान के कब्जे से मुक्त कराने को बांग्लादेश में ही पहुंचकर दुश्मन सेना के दांत खट्टे किए थे। जिसमें भारतीय सैनिकों ने जांबाजी दिखाते हुए पाक के हजारों सैनिकों को गिरफ्तार कर उनका सरेंडर कराया था। इस जंग को जीतने के बाद भारतीय सैनिकों को गर्व और खुशी महसूस हुई थी। पूर्व सैनिक ने बताया कि कश्मीर में सरकार में पत्थरबाजों और अलगाववादी नेताओं पर कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है, तभी जाकर कश्मीर में शांति स्थापित हो सकती है। आतंकवाद के सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत को पाकिस्तान में पल रहे आतंकवादियों के ठिकानों पर इसी प्रकार से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। आतंकवादियों को सीमा में घुसने से पहले ही ढ़ेर करना होगा, तभी भारत में शांति बनी रह सकती है।
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