{"_id":"5b9417ab867a557ea37f4e72","slug":"111536432043-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वित नियंत्रक ने जांची गन्ना विभाग की हक़ीक़त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वित नियंत्रक ने जांची गन्ना विभाग की हक़ीक़त
Updated Sun, 09 Sep 2018 12:10 AM IST
विज्ञापन
वित्त नियंत्रक ने जांची गन्ना विभाग की हक़ीक़त
मुजफ्फरनगर। गन्ना विभाग के वित्त नियंत्रक केके सिंह ने जनपद में गन्ना विकास विभाग के कार्यों की जांच की। उन्होंने आगामी पेराई सत्र 2018-19 हेतु गन्ना सर्वे सट्टा सूची को लेकर ग्राम बधाई कलां और अजमतगढ़ में हो रहे प्रदर्शन कार्य को देखा तथा उपस्थित किसानों से बातचीत कर फीडबैक भी लिया।
उत्तर प्रदेश के गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी के निर्देश पर गन्ना विकास विभाग लखनऊ में तैनात वित्त नियंत्रक केके सिंह को जिले का नोडल अधिकारी बनाया गया है। गांवों में किसानों के बीच पहुंचकर गन्ना विभाग की ओर से सट्टे आदि की कार्रवाई को देखा। बधाईकलां और अजमतगढ में किसानों को कहा कि वे सर्वे सट्टा सूची में अंकित अपने सभी आंकड़े देख कर सुनिश्चित कर लें कि वो सही हैं, ताकि उन्हें आगामी पेराई सत्र में अपने गन्ने की आपूर्ति में कोई परेशानी ना हो। किसानों के पास यदि गन्ना उत्पादन के सापेक्ष आपूर्ति परची कम हो तो वे इसी समय अपने गन्ना सुपरवाइजर को अतिरिक्त सट्टा हेतु प्रार्थना पत्र भी दे दें। यदि किसी किसान की पैदावार जनपद के औसत उपज से ज्यादा हो तो उसके लिए 30 सितंबर के अंदर संबंधित समिति के सचिव को प्रार्थना पत्र देकर अपनी रसीद कटवा लें। नोडल अधिकारी ने किसानों को यह भी स्पष्ट किया गया कि अंतिम कैलेंडर जारी होने के उपरांत सट्टा सूची में कोई भी संशोधन नहीं किया जाएगा। बधाई कलां के प्रगतिशील कृषक अरविंद मलिक के खेत पर विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत स्थापित कराए गए प्रदर्शन का निरीक्षण किया गया। ग्राम अजमतगढ़ के प्रगतिशील कृषक शिवकुमार के यहां स्थापित आधार पौधशाला ,ग्राम दौलतपुर के कृषक अरविंद कुमार के यहां स्थापित प्रदर्शन प्लाट के निरीक्षण उपरांत गन्ना विकास परिषद , मंसूरपुर द्वारा वर्ष 2017-18 में सुदृढ़ीकरण योजना के अंतर्गत बनाए गए संपर्क मार्ग दौलतपुर से संधावाली मार्ग का निरीक्षण किया गया। उप गन्ना आयुक्त सहारनपुर डॉ दिनेश्वर मिश्र, संयुक्त निदेशक गन्ना शोध केंद्र डॉ वीरेश सिंह, डीसीओ डॉ आरडी द्विवेदी और गन्ना समितियों के सचिव एवं ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक एवं काफी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। गन्ना विभाग के वित्त नियंत्रक केके सिंह ने जनपद में गन्ना विकास विभाग के कार्यों की जांच की। उन्होंने आगामी पेराई सत्र 2018-19 हेतु गन्ना सर्वे सट्टा सूची को लेकर ग्राम बधाई कलां और अजमतगढ़ में हो रहे प्रदर्शन कार्य को देखा तथा उपस्थित किसानों से बातचीत कर फीडबैक भी लिया।
उत्तर प्रदेश के गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी के निर्देश पर गन्ना विकास विभाग लखनऊ में तैनात वित्त नियंत्रक केके सिंह को जिले का नोडल अधिकारी बनाया गया है। गांवों में किसानों के बीच पहुंचकर गन्ना विभाग की ओर से सट्टे आदि की कार्रवाई को देखा। बधाईकलां और अजमतगढ में किसानों को कहा कि वे सर्वे सट्टा सूची में अंकित अपने सभी आंकड़े देख कर सुनिश्चित कर लें कि वो सही हैं, ताकि उन्हें आगामी पेराई सत्र में अपने गन्ने की आपूर्ति में कोई परेशानी ना हो। किसानों के पास यदि गन्ना उत्पादन के सापेक्ष आपूर्ति परची कम हो तो वे इसी समय अपने गन्ना सुपरवाइजर को अतिरिक्त सट्टा हेतु प्रार्थना पत्र भी दे दें। यदि किसी किसान की पैदावार जनपद के औसत उपज से ज्यादा हो तो उसके लिए 30 सितंबर के अंदर संबंधित समिति के सचिव को प्रार्थना पत्र देकर अपनी रसीद कटवा लें। नोडल अधिकारी ने किसानों को यह भी स्पष्ट किया गया कि अंतिम कैलेंडर जारी होने के उपरांत सट्टा सूची में कोई भी संशोधन नहीं किया जाएगा। बधाई कलां के प्रगतिशील कृषक अरविंद मलिक के खेत पर विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत स्थापित कराए गए प्रदर्शन का निरीक्षण किया गया। ग्राम अजमतगढ़ के प्रगतिशील कृषक शिवकुमार के यहां स्थापित आधार पौधशाला ,ग्राम दौलतपुर के कृषक अरविंद कुमार के यहां स्थापित प्रदर्शन प्लाट के निरीक्षण उपरांत गन्ना विकास परिषद , मंसूरपुर द्वारा वर्ष 2017-18 में सुदृढ़ीकरण योजना के अंतर्गत बनाए गए संपर्क मार्ग दौलतपुर से संधावाली मार्ग का निरीक्षण किया गया। उप गन्ना आयुक्त सहारनपुर डॉ दिनेश्वर मिश्र, संयुक्त निदेशक गन्ना शोध केंद्र डॉ वीरेश सिंह, डीसीओ डॉ आरडी द्विवेदी और गन्ना समितियों के सचिव एवं ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक एवं काफी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
विज्ञापन