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म्यांमार के खिलाफ मुसलमानों में रोष
Updated Wed, 13 Sep 2017 01:27 AM IST
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म्यांमार के खिलाफ मुसलमानों में रोष
बुढ़ाना। म्यांमार के रोहिंग्या मुस्लिम समाज पर हो रहे अत्याचार को लेकर भारतीय मानवाधिकार मोर्चे के बैनर तले मुस्लिम समाज के लोगों ने जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेजा गया है।
कस्बे के मुस्लिम समाज के सैकड़ों व्यक्ति, युवक मंगलवार को पीर शाह विलायत के मैदान में एकत्र हुए। हाथों में काली पट्टी बांधकर तथा भारतीय मानवाधिकार मोर्चे के बैनर तले कस्बे में जुलूस निकाला गया। यह जुलूस पीर शाह विलायत से आरम्भ होकर तहसील मुख्यालय पहुंचा। शांतिपूर्वक तहसील मुख्यालय पहुंचे मुस्लिम समाज के लोगों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में बताया कि पड़ौसी मुल्क म्यांमार (बर्मा) में पिछले कई सालों से संयुक्त राष्ट्र संघ के नियमों की धज्जियां उडाई जा रही है। मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन हो रहा है। वर्ष 2012 से रोहिंग्या मुस्लिम समाज के लोगों का उत्पीड़न जारी है। कत्लेआम, बलात्कार जैसे जघन्य अपराध किये जा रहे हैं। वहां के बहुत से मुस्लिमों को मारा जा चुका है। बहन बेटियों की इज्जत लूटी जा रही है। म्यांमार के लाखों मुस्लिम नागरिक भारत व बांग्लादेश आदि देशों में पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। राष्ट्रपति तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग आदि को भेजे गए ज्ञापन में मुस्लिम लोगों की सुरक्षा किये जाने की मांग की है। उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देने वालों में संगठन के एक पदाधिकारी एजशजुव्द्दीन, इरफान, असलम, अफसर, गुलफाम, सईद, शाहिद, गफ्फार सहित कई दर्जन युवक मौजूद रहे।
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बुढ़ाना। म्यांमार के रोहिंग्या मुस्लिम समाज पर हो रहे अत्याचार को लेकर भारतीय मानवाधिकार मोर्चे के बैनर तले मुस्लिम समाज के लोगों ने जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेजा गया है।
कस्बे के मुस्लिम समाज के सैकड़ों व्यक्ति, युवक मंगलवार को पीर शाह विलायत के मैदान में एकत्र हुए। हाथों में काली पट्टी बांधकर तथा भारतीय मानवाधिकार मोर्चे के बैनर तले कस्बे में जुलूस निकाला गया। यह जुलूस पीर शाह विलायत से आरम्भ होकर तहसील मुख्यालय पहुंचा। शांतिपूर्वक तहसील मुख्यालय पहुंचे मुस्लिम समाज के लोगों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में बताया कि पड़ौसी मुल्क म्यांमार (बर्मा) में पिछले कई सालों से संयुक्त राष्ट्र संघ के नियमों की धज्जियां उडाई जा रही है। मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन हो रहा है। वर्ष 2012 से रोहिंग्या मुस्लिम समाज के लोगों का उत्पीड़न जारी है। कत्लेआम, बलात्कार जैसे जघन्य अपराध किये जा रहे हैं। वहां के बहुत से मुस्लिमों को मारा जा चुका है। बहन बेटियों की इज्जत लूटी जा रही है। म्यांमार के लाखों मुस्लिम नागरिक भारत व बांग्लादेश आदि देशों में पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। राष्ट्रपति तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग आदि को भेजे गए ज्ञापन में मुस्लिम लोगों की सुरक्षा किये जाने की मांग की है। उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देने वालों में संगठन के एक पदाधिकारी एजशजुव्द्दीन, इरफान, असलम, अफसर, गुलफाम, सईद, शाहिद, गफ्फार सहित कई दर्जन युवक मौजूद रहे।
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