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तीर्थों की पवित्रता, सुंदरता, निर्मलता को बनाए रखें
Updated Sat, 08 Jul 2017 01:03 AM IST
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तीर्थों की पवित्रता, सुंदरता, निर्मलता को बनाए रखें
मुजफ्फरनगर। भागवत महापुराण कथा के छठे दिन कथा व्यास सीताराम त्रिपाठी ने कहा कि हमें अपने तीर्थों की महिमा को बनाए रखना है। तीर्थ स्थलों पर पौधरोपण होना चाहिए। उनकी पवित्रता, सुंदरता और निर्मलता बनाए रखनी है।
कथा व्यास ने कहा कि भागवत कथा में रास लीला की बड़ी महिमा है। ऋग्वेद, सुक्त सुधाकर के आधार पर अन्य धर्मों को मानने वाले भी रामलीला, कृष्ण लीला, श्री लीला के माध्यम से नतमस्तक होकर अपने जीवन को धन्य बनाते हैं। महापुराण का महारास लीला का वर्णन जीवन के विकारों को दूर करता है। हमारे ऋषियों और मुनियों का चिंतन बड़ा मार्मिक रहा है। भगवान ने गोपियों के मध्य प्रकट होकर रास बिहारी के रूप में दर्शन दिया। अक्रूर के माध्यम से प्रभु का मथुरा जाना, कंस मामा का उद्धार करना, जीवों पर कृपा करना, उद्धव-गोपी संवाद शंकाओं का समाधान करता है। यहां प्रेम की पराकाष्ठा को ही सर्वोपरि माना गया है। मौके पर अवि बंसल, ऋषभ बंसल, विनय शर्मा, सुशील बंसल, जोगिंद्र गर्ग, उमेश गर्ग, पंकज, टीटू गर्ग, रामबीर, अभिषेक, शिवम, कन्हैया, प्रिंस त्यागी, सुरेशचंद त्यागी, प्रतिभा त्यागी आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। भागवत महापुराण कथा के छठे दिन कथा व्यास सीताराम त्रिपाठी ने कहा कि हमें अपने तीर्थों की महिमा को बनाए रखना है। तीर्थ स्थलों पर पौधरोपण होना चाहिए। उनकी पवित्रता, सुंदरता और निर्मलता बनाए रखनी है।
कथा व्यास ने कहा कि भागवत कथा में रास लीला की बड़ी महिमा है। ऋग्वेद, सुक्त सुधाकर के आधार पर अन्य धर्मों को मानने वाले भी रामलीला, कृष्ण लीला, श्री लीला के माध्यम से नतमस्तक होकर अपने जीवन को धन्य बनाते हैं। महापुराण का महारास लीला का वर्णन जीवन के विकारों को दूर करता है। हमारे ऋषियों और मुनियों का चिंतन बड़ा मार्मिक रहा है। भगवान ने गोपियों के मध्य प्रकट होकर रास बिहारी के रूप में दर्शन दिया। अक्रूर के माध्यम से प्रभु का मथुरा जाना, कंस मामा का उद्धार करना, जीवों पर कृपा करना, उद्धव-गोपी संवाद शंकाओं का समाधान करता है। यहां प्रेम की पराकाष्ठा को ही सर्वोपरि माना गया है। मौके पर अवि बंसल, ऋषभ बंसल, विनय शर्मा, सुशील बंसल, जोगिंद्र गर्ग, उमेश गर्ग, पंकज, टीटू गर्ग, रामबीर, अभिषेक, शिवम, कन्हैया, प्रिंस त्यागी, सुरेशचंद त्यागी, प्रतिभा त्यागी आदि मौजूद रहे।
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