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महिलाओं को दिया पौधारोपण का प्रशिक्षण
Updated Wed, 29 Aug 2018 01:10 AM IST
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महिलाओं को दिया पौधरोपण का प्रशिक्षण
चरथावल। ब्लॉक परिसर में महिलाओं को रोजगार मुहैया कराने के मकसद से सात नए समूहों का गठन कर पौधरोपण का जिम्मा दिया गया है। वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें फलदार एवं छायादार पौधों की नर्सरी तैयार करने के टिप्स दिए।
ब्लॉक के गांवों में गठित स्वयं सहायता समूहों बनाकर जरूरतमंद महिलाओं को रोजगार के अवसर दिए जाने की खासी पहल की गई है। चालू शैक्षिक सत्र में पहली बार परिषदीय स्कूलों में बच्चों को ड्रेस वितरण कार्य कामयाब होने के बाद मनरेगा के तहत पौधरोपण के लिए नर्सरी तैयार करने का काम मिला है। नए समूहों की महिलाओं के प्रशिक्षण शिविर में बीडीओ डा. साजिद अहमद ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों से ग्रामीण अंचल की महिलाओं को जोड़कर आत्मनिर्भर और समृद्ध बनानेे की पहल की जा रही है। ग्राम स्तर पर कराए जाने कार्यों से रोजगार सृजन के करना प्रशासन की प्राथमिकता में है, ताकि उनका विकास हो सकें। समूह से जुड़ी महिलाएं नर्सरी तैयार कर 20 हजार पौध सार्वजनिक स्थानों पर लगाएंगी। मनरेगा के तहत उन्हें भुगतान किया जाएगा। समूहों द्वारा 30 हजार पौध विभाग को बेची जाएगी। उनके भुगतान किया जाएगा। उनकी आय समूह की आय होगी। परियोजना निदेशक जय सिंह, एडीओ आईएसबी राजेंद्र कुमार, वन विभाग के रेंजर, एडीओ पंचायत सतीश कुमार मौजूद रहे।
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चरथावल। ब्लॉक परिसर में महिलाओं को रोजगार मुहैया कराने के मकसद से सात नए समूहों का गठन कर पौधरोपण का जिम्मा दिया गया है। वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें फलदार एवं छायादार पौधों की नर्सरी तैयार करने के टिप्स दिए।
ब्लॉक के गांवों में गठित स्वयं सहायता समूहों बनाकर जरूरतमंद महिलाओं को रोजगार के अवसर दिए जाने की खासी पहल की गई है। चालू शैक्षिक सत्र में पहली बार परिषदीय स्कूलों में बच्चों को ड्रेस वितरण कार्य कामयाब होने के बाद मनरेगा के तहत पौधरोपण के लिए नर्सरी तैयार करने का काम मिला है। नए समूहों की महिलाओं के प्रशिक्षण शिविर में बीडीओ डा. साजिद अहमद ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों से ग्रामीण अंचल की महिलाओं को जोड़कर आत्मनिर्भर और समृद्ध बनानेे की पहल की जा रही है। ग्राम स्तर पर कराए जाने कार्यों से रोजगार सृजन के करना प्रशासन की प्राथमिकता में है, ताकि उनका विकास हो सकें। समूह से जुड़ी महिलाएं नर्सरी तैयार कर 20 हजार पौध सार्वजनिक स्थानों पर लगाएंगी। मनरेगा के तहत उन्हें भुगतान किया जाएगा। समूहों द्वारा 30 हजार पौध विभाग को बेची जाएगी। उनके भुगतान किया जाएगा। उनकी आय समूह की आय होगी। परियोजना निदेशक जय सिंह, एडीओ आईएसबी राजेंद्र कुमार, वन विभाग के रेंजर, एडीओ पंचायत सतीश कुमार मौजूद रहे।
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