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राष्ट्रपति वीरता पदक को चुने गए गौरव
Updated Sat, 18 Aug 2018 12:29 AM IST
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शाहपुर (मुजफ्फरनगर)। कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ अदम्य साहस के लिए सीआरपीएफ के सहायक कमांडेंट गौरव बालियान को राष्ट्रपति की ओर से पुलिस वीरता पदक को चुना गया है। उनकी कामयाबी पर पैतृक गांव सोरम में हर्ष और उल्लास है।
स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति द्वारा घोषित पुलिस वीरता पदक के लिए सोरम के गौरव बालियान को चुना गया है। दिल्ली पुलिस में हेडकांस्टेबल रहे सतकुमार के पुत्र का सपना बचपन से ही सेना में भर्ती का था। वर्ष 2010 में उनका चयन सीआरपीएफ में सहायक कमांडेंट पद पर हुआ। ट्रेनिंग के बाद उन्हें जम्मू कश्मीर के बारामुला के सापोर इलाके में तैनाती मिली। आतंकवादियों के खिलाफ कई ऑपरेशन में वे शामिल रहे। वर्ष 2016 में लश्करे तैय्यबा के पाक आतंकी अबुबकर को ढेर करने में उनकी अहम भूमिका रही। खुद के हौसले से देश की सुरक्षा में लगे गौरव वीरता पदक मिलने से फख्र महसूस कर रहे है। देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह उन्हें यह पदक प्रदान करेंगे। उन्होंने बताया कि फिलहाल वह एनएसजी में तैनात है। उनके चयन पर बाबा हरनारायण सिंह और दादी महेंद्री ने आशीर्वाद दिया है। चाचा की कसबे में मोटर मैकेनिक की दुकान है। बिल्लू मिस्त्री एवं अनिल भगत बताते है कि गौरव छोटी उम्र से ही सेना में देश सेवा करना चाहता था। मित्र प्रतीक चौधरी ने कहा कि वह साहसी है।
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स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति द्वारा घोषित पुलिस वीरता पदक के लिए सोरम के गौरव बालियान को चुना गया है। दिल्ली पुलिस में हेडकांस्टेबल रहे सतकुमार के पुत्र का सपना बचपन से ही सेना में भर्ती का था। वर्ष 2010 में उनका चयन सीआरपीएफ में सहायक कमांडेंट पद पर हुआ। ट्रेनिंग के बाद उन्हें जम्मू कश्मीर के बारामुला के सापोर इलाके में तैनाती मिली। आतंकवादियों के खिलाफ कई ऑपरेशन में वे शामिल रहे। वर्ष 2016 में लश्करे तैय्यबा के पाक आतंकी अबुबकर को ढेर करने में उनकी अहम भूमिका रही। खुद के हौसले से देश की सुरक्षा में लगे गौरव वीरता पदक मिलने से फख्र महसूस कर रहे है। देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह उन्हें यह पदक प्रदान करेंगे। उन्होंने बताया कि फिलहाल वह एनएसजी में तैनात है। उनके चयन पर बाबा हरनारायण सिंह और दादी महेंद्री ने आशीर्वाद दिया है। चाचा की कसबे में मोटर मैकेनिक की दुकान है। बिल्लू मिस्त्री एवं अनिल भगत बताते है कि गौरव छोटी उम्र से ही सेना में देश सेवा करना चाहता था। मित्र प्रतीक चौधरी ने कहा कि वह साहसी है।
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