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जहरीली हवा में सांस लेना हुआ मुहाल
Updated Thu, 25 Jan 2018 12:18 AM IST
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जहरीली हवा में सांस लेना हुआ मुश्किल
मुजफ्फरनगर।
शहर की आबोहवा में जहरीले कण घूम रहे हैं, जिनके कारण हवा में सांस लेना मुश्किल हो रहा है। एक मीटर की दूरी में प्रदूषण के जो आंकड़े रिकार्ड किए गए हैं, वह काफी चौंकाने वाले हैं। रेलवे रोड और तहसील परिसर में लगी एंबाइंट एयर क्वालिटी मशीन में 24 घंटे का प्रदूषण दर्ज हुआ है, जिसके जरिये देखा गया तो सुबह हल्का, दोपहर में धीमा और शाम को तेजी से प्रदूषण बढ़ा है।
औद्योगिक इकाईयों, वाहनों से निकला धुआं और गली-मोहल्लों में रखी चाय-पकोड़ों की भट्ठियों से हवा जहरीली हो रही है। जहरीली धुआं हवा में घुलकर प्रदूषण के सूक्ष्म कणों को पैदा कर रहा है। यह सूक्ष्म कण तेजी के साथ हवा में घूमकर वातावरण को चोट पहुंचा रहे हैं। शहर में प्रदूषण की स्थिति जानने के लिए क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रेलवे रोड और तहसील परिसर में एंबाइंट एयर क्वालिटी (वायु गुणवत्ता परख मशीन) लगाई है। अब हर सप्ताह शासन को प्रदूषण की रिपोर्ट करने को लेकर रोजाना प्रदूषण का आंकड़ा जुटाया जा रहा है। रुड़की रोड स्थित तहसील में लगी मशीन के आंकड़े अधिक चौंकाने वाले हैं। यहां प्रति मीटर में 200 से अधिक माइक्रोग्राम सूक्ष्म कण मिले हैं। यह आंकड़ा 10 पीएम का है, जबकि पीएम 2.5 के अति सूक्ष्म कणों की संख्या एक मीटर में 130 तक दर्ज किए गए हैं। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी विवेक राय ने बताया कि शहर में प्रदूषण की स्थिति खतरे के निशान पर नहीं है। कोहरे में थोड़ी समस्या बढ़ती जरूर है, लेकिन मौजूदा समय में प्रदूषण का स्तर निचले स्तर पर है। स्थिति पूरी तरह से सामान्य है।
कोहरे में अधिक बढ़ा प्रदूषण
मुजफ्फरनगर। साफ मौसम रहने के कारण सुबह और दोपहर को प्रदूषण की मात्रा अधिक रहती है, जबकि शाम के बाद हालात गंभीरता को पार करते हैं। ऐसा इसलिए होता है कि कोहरे में देर रात तक अलाव जलाने के साथ आसपास की आबादी में लकड़ियों का जलना, छोटी-छोटी फैक्ट्री का संचालन होना है। इसने निकलने वाला धुआं पर्यावरण को अधिक प्रभावित करता है।
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एक घंटे में गुजरते हैं 100 वाहन
मुजफ्फरनगर। रुड़की रोड, रेलवे रोड पर एक घंटे के भीतर एक सौ वाहनों का गुजरना रिकार्ड हुआ है, जिनसे निकलने वाला धुआं प्रदूषण में इजाफा करता है। इसी के चलते केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में जिले को प्रदूषण के स्तर पर दूसरे नंबर पर दर्ज किया गया है।
तहसील में लगी मशीन के आंकड़े:
तिथि-------पीएम-10------पीएम 2.5
1 जनवरी-----254.7--------128.0
3 जनवरी------235.4--------118.0
5 जनवरी------262.1---------132.3
8 जनवरी------236.5----------120.0
10 जनवरी-----251.9-----------123.1
12 जनवरी------233.1----------117.7
15 जनवरी------236.5----------121.0
17 जनवरी-------229.7----------116.4
19 जनवरी-------238.4----------119.7
20 जनवरी-------247.2-----------118.7
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मुजफ्फरनगर।
शहर की आबोहवा में जहरीले कण घूम रहे हैं, जिनके कारण हवा में सांस लेना मुश्किल हो रहा है। एक मीटर की दूरी में प्रदूषण के जो आंकड़े रिकार्ड किए गए हैं, वह काफी चौंकाने वाले हैं। रेलवे रोड और तहसील परिसर में लगी एंबाइंट एयर क्वालिटी मशीन में 24 घंटे का प्रदूषण दर्ज हुआ है, जिसके जरिये देखा गया तो सुबह हल्का, दोपहर में धीमा और शाम को तेजी से प्रदूषण बढ़ा है।
औद्योगिक इकाईयों, वाहनों से निकला धुआं और गली-मोहल्लों में रखी चाय-पकोड़ों की भट्ठियों से हवा जहरीली हो रही है। जहरीली धुआं हवा में घुलकर प्रदूषण के सूक्ष्म कणों को पैदा कर रहा है। यह सूक्ष्म कण तेजी के साथ हवा में घूमकर वातावरण को चोट पहुंचा रहे हैं। शहर में प्रदूषण की स्थिति जानने के लिए क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रेलवे रोड और तहसील परिसर में एंबाइंट एयर क्वालिटी (वायु गुणवत्ता परख मशीन) लगाई है। अब हर सप्ताह शासन को प्रदूषण की रिपोर्ट करने को लेकर रोजाना प्रदूषण का आंकड़ा जुटाया जा रहा है। रुड़की रोड स्थित तहसील में लगी मशीन के आंकड़े अधिक चौंकाने वाले हैं। यहां प्रति मीटर में 200 से अधिक माइक्रोग्राम सूक्ष्म कण मिले हैं। यह आंकड़ा 10 पीएम का है, जबकि पीएम 2.5 के अति सूक्ष्म कणों की संख्या एक मीटर में 130 तक दर्ज किए गए हैं। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी विवेक राय ने बताया कि शहर में प्रदूषण की स्थिति खतरे के निशान पर नहीं है। कोहरे में थोड़ी समस्या बढ़ती जरूर है, लेकिन मौजूदा समय में प्रदूषण का स्तर निचले स्तर पर है। स्थिति पूरी तरह से सामान्य है।
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कोहरे में अधिक बढ़ा प्रदूषण
मुजफ्फरनगर। साफ मौसम रहने के कारण सुबह और दोपहर को प्रदूषण की मात्रा अधिक रहती है, जबकि शाम के बाद हालात गंभीरता को पार करते हैं। ऐसा इसलिए होता है कि कोहरे में देर रात तक अलाव जलाने के साथ आसपास की आबादी में लकड़ियों का जलना, छोटी-छोटी फैक्ट्री का संचालन होना है। इसने निकलने वाला धुआं पर्यावरण को अधिक प्रभावित करता है।
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एक घंटे में गुजरते हैं 100 वाहन
मुजफ्फरनगर। रुड़की रोड, रेलवे रोड पर एक घंटे के भीतर एक सौ वाहनों का गुजरना रिकार्ड हुआ है, जिनसे निकलने वाला धुआं प्रदूषण में इजाफा करता है। इसी के चलते केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में जिले को प्रदूषण के स्तर पर दूसरे नंबर पर दर्ज किया गया है।
तहसील में लगी मशीन के आंकड़े:
तिथि-------पीएम-10------पीएम 2.5
1 जनवरी-----254.7--------128.0
3 जनवरी------235.4--------118.0
5 जनवरी------262.1---------132.3
8 जनवरी------236.5----------120.0
10 जनवरी-----251.9-----------123.1
12 जनवरी------233.1----------117.7
15 जनवरी------236.5----------121.0
17 जनवरी-------229.7----------116.4
19 जनवरी-------238.4----------119.7
20 जनवरी-------247.2-----------118.7