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Muzaffarnagar News: नाबालिग के साथ दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा
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मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र में सात साल पहले बालिका के साथ दुष्कर्म करने के दोषी को अदालत ने 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट संख्या-दो के पीठासीन अधिकारी ने फैसला सुनाया।
पीडि़त पक्ष की ओर से 15 अप्रैल 2018 को मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित पक्ष का कहना था कि उनकी नाबालिग बेटी दुकान पर सामान खरीदने गई थी। इस दौरान अभियुक्त श्याम बिहारी बहला-फुसलाकर घेर में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 26 मई को आरोप पत्र दाखिल किया।
प्रकरण की सुनवाई न्यायालय पॉक्सो कोर्ट संख्या-दो में हुई। शुक्रवार को अभियुक्त पर दोष सिद्ध हुआ। दोषी श्याम बिहारी को 10 वर्ष कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
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- जानलेवा हमले में तीन सगे भाइयों को पांच-पांच साल की सजा
मुजफ्फरनगर। तितावी थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर गांव में 13 साल पहले जानलेवा हमले के मामले में तीन सगे भाइयों को पांच-पांच साल के कारावास की सजा सुनाई गई। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) कोर्ट संख्या एक ने फैसला सुनाया।
मुकुंदपुर गांव निवासी वादी प्रकाश ने 22 जून 2012 को गांव के ही आरोपी लोकेंद्र, विकास और सुंदरलाल के खिलाफ अपने बेटे प्रवीण और बेटी नीलम पर जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी न्यायालय में सरेंडर कर कुछ दिन बाद ही जेल चले गए थे। पुलिस ने 28 जुलाई 2012 को आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
शुक्रवार को अदालत ने सुनवाई की। आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ। अदालत ने पांच-पांच वर्ष के कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। संवाद
दहेज हत्या में दोषी पति को आठ साल का कारावास
मुजफ्फरनगर। दस साल पहले चरथावल क्षेत्र के दूधली गांव में दहेज के लिए विवाहिता की जलाकर हत्या करने के दोषी पति को अदालत ने आठ साल कारावास की सजा सुनाई है। ससुर और देवर को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के पीठासीन अधिकारी निशांत सिंगला ने सुनवाई की।
करनाल के गांव सलवान निवासी दीपक राणा ने छह अक्तूबर 2015 को मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित का कहना था कि उसकी बहन रीना की शादी दूधली गांव के अमित के साथ हुई थी। आरोपी पक्ष लगातार अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहा था।
मांग पूरी नहीं होने पर पांच अक्तूबर की रात जिंदा जला दिया गया था। पीड़ित पक्ष ने छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने पति अमित कुमार, ससुर मेहर सिंह और देवर मोहित के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
शुक्रवार को अदालत ने पति पर दोष सिद्ध करते हुए आठ साल कारावास की सजा सुनाई। जबकि ससुर मेहर सिंह और देवर मोहित को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया। संवाद
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पीडि़त पक्ष की ओर से 15 अप्रैल 2018 को मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित पक्ष का कहना था कि उनकी नाबालिग बेटी दुकान पर सामान खरीदने गई थी। इस दौरान अभियुक्त श्याम बिहारी बहला-फुसलाकर घेर में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 26 मई को आरोप पत्र दाखिल किया।
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प्रकरण की सुनवाई न्यायालय पॉक्सो कोर्ट संख्या-दो में हुई। शुक्रवार को अभियुक्त पर दोष सिद्ध हुआ। दोषी श्याम बिहारी को 10 वर्ष कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
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- जानलेवा हमले में तीन सगे भाइयों को पांच-पांच साल की सजा
मुजफ्फरनगर। तितावी थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर गांव में 13 साल पहले जानलेवा हमले के मामले में तीन सगे भाइयों को पांच-पांच साल के कारावास की सजा सुनाई गई। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) कोर्ट संख्या एक ने फैसला सुनाया।
मुकुंदपुर गांव निवासी वादी प्रकाश ने 22 जून 2012 को गांव के ही आरोपी लोकेंद्र, विकास और सुंदरलाल के खिलाफ अपने बेटे प्रवीण और बेटी नीलम पर जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी न्यायालय में सरेंडर कर कुछ दिन बाद ही जेल चले गए थे। पुलिस ने 28 जुलाई 2012 को आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
शुक्रवार को अदालत ने सुनवाई की। आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ। अदालत ने पांच-पांच वर्ष के कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। संवाद
दहेज हत्या में दोषी पति को आठ साल का कारावास
मुजफ्फरनगर। दस साल पहले चरथावल क्षेत्र के दूधली गांव में दहेज के लिए विवाहिता की जलाकर हत्या करने के दोषी पति को अदालत ने आठ साल कारावास की सजा सुनाई है। ससुर और देवर को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के पीठासीन अधिकारी निशांत सिंगला ने सुनवाई की।
करनाल के गांव सलवान निवासी दीपक राणा ने छह अक्तूबर 2015 को मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित का कहना था कि उसकी बहन रीना की शादी दूधली गांव के अमित के साथ हुई थी। आरोपी पक्ष लगातार अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहा था।
मांग पूरी नहीं होने पर पांच अक्तूबर की रात जिंदा जला दिया गया था। पीड़ित पक्ष ने छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने पति अमित कुमार, ससुर मेहर सिंह और देवर मोहित के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
शुक्रवार को अदालत ने पति पर दोष सिद्ध करते हुए आठ साल कारावास की सजा सुनाई। जबकि ससुर मेहर सिंह और देवर मोहित को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया। संवाद