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जूते-चप्पल बेचने वाले ने किया अनोखा कारनामा... रक्षामंत्री का पीए बन फोन पर दरोगा और सीओ को हड़काया
Wed, 18 Jan 2023 02:32 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 18 Jan 2023 02:32 PM IST
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
उम्र तकरीबन तीस साल, शिक्षा इंटरमीडिएट और पेशा जूते चप्पल बेचना लेकिन फोन पर ऐसे रौबदार अंदाज में विश्वास उर्फ अनुभव बात करता है, जिससे पुलिस अधिकारी भी हिल जाएं। आरोपी से डेमो कराकर देखा तो अधिकारी भी हैरान रह गए।
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह एक वकील के पास मुंशी के तौर पर काम करता था। वहां लोग जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतें दर्ज कराने आते थे। उसने खुद ही कई लोगों के शिकायतीपत्र जनसुनवाई एप के जरिए अफसरों को भिजवाए थे। यहीं से उसे लोगों को ठगने की लाइन मिल गई। उसने देखा कि ऑनलाइन शिकायतीपत्रों की तुरंत जांच शुरू हो जाती है।
अफसरों के कार्यालयों से भी पीड़ितों के मोबाइल पर कॉल आती हैं। उनसे पूछा जाता है कि उनके शिकायतीपत्रों में अब तक क्या क्या कार्रवाई हो चुकी है। इसके बाद आरोपी ने जनसुनवाई एप के जरिए पीड़ितों के नंबर हासिल करने शुरू कर दिए। उसने लोगों को कॉल कर बताया था कि वह एडीजी कार्यालय से स्टेनो बोल
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रहा है।
इसके अलावा आरोपी ने केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का पीए, पंचायत राज विभाग का पीए, रक्षा मंत्रालय से सचिव बताकर लोगों को कॉलें की थीं। पिछले तीन साल से आरोपी जरूरत के हिसाब से कभी अधिकारी स्टेनो तो कभी मंत्री का पीए और कभी सचिव बन जाता था। कुछ दिन पहले भी आरोपी ने एक शिकायतीपत्र पर कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित को लाइन पर लेकर जनपद में तैनात दरोगा को कॉल की।
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पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह एक वकील के पास मुंशी के तौर पर काम करता था। वहां लोग जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतें दर्ज कराने आते थे। उसने खुद ही कई लोगों के शिकायतीपत्र जनसुनवाई एप के जरिए अफसरों को भिजवाए थे। यहीं से उसे लोगों को ठगने की लाइन मिल गई। उसने देखा कि ऑनलाइन शिकायतीपत्रों की तुरंत जांच शुरू हो जाती है।
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अफसरों के कार्यालयों से भी पीड़ितों के मोबाइल पर कॉल आती हैं। उनसे पूछा जाता है कि उनके शिकायतीपत्रों में अब तक क्या क्या कार्रवाई हो चुकी है। इसके बाद आरोपी ने जनसुनवाई एप के जरिए पीड़ितों के नंबर हासिल करने शुरू कर दिए। उसने लोगों को कॉल कर बताया था कि वह एडीजी कार्यालय से स्टेनो बोल
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रहा है।
इसके अलावा आरोपी ने केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का पीए, पंचायत राज विभाग का पीए, रक्षा मंत्रालय से सचिव बताकर लोगों को कॉलें की थीं। पिछले तीन साल से आरोपी जरूरत के हिसाब से कभी अधिकारी स्टेनो तो कभी मंत्री का पीए और कभी सचिव बन जाता था। कुछ दिन पहले भी आरोपी ने एक शिकायतीपत्र पर कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित को लाइन पर लेकर जनपद में तैनात दरोगा को कॉल की।
पहले दरोगा को हड़काया और फिर खुद को राजनाथ सिंह का पीए बताकर महिला सीओ को कॉल की। आरोपी ने प्रार्थनापत्र पर ठीक से कार्रवाई नहीं होने पर निलंबित कराने तक धमकी तक दी थी। इसे पीड़ित लोगों को लगता था कि कॉल करने वाला सही में कोई बड़ा अधिकारी है। जो मुरादाबाद के अफसरों को हड़का रहा है। इसके बाद आरोपी के बताए खातों पर रकम भेज देते थे।
एसएसपी ने घोषित किया था दस हजार रुपये का नाम
मूंढापांडे में तीन माह पहले आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसके बाद से साइबर सेल और मूंढापांडे की पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी लेकिन
सफलता नहीं मिल पा रही थी। तब एसएसपी हेमराज मीना ने आरोपी विश्वास उर्फ अनुभव पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
कौशल विकास केंद्र संचालिका के जरिए हासिल करता था आईडी
सीओ हाईवे देश दीपक सिंह ने बताया कि आरोपी ने लोगों को कॉल करने के लिए अपनी आईडी का इस्तेमाल नहीं किया। संभल में कौशल विकास केंद्र चलाने वाली एक महिला की मदद से आरोपी आईडी हासिल करता था। महिला के केंद्र पर युवती कढ़ाई बुनाई सीखने आती हैं। महिला उनसे आधार कार्ड की कॉपी जमा कराती है।
इसके बाद इन आईडी को महिला विश्वास उर्फ अनुभव को दे देती थी। जिससे आरोपी मोबाइल सिम हासिल करता था। इसके अलावा आरोपी अपने खाते में भी रकम नहीं मंगवाता था। रकम मंगवाने के लिए वह जन सुविधा केंद्र संचालक से संपर्क करता था। उन्हें बताया था कि वह अपने रिश्तेदार, मित्र और परिचित से रुपये मंगवा रहा है।
चप्पल-जूता बेचने की आड़ में कर रहा था ठगी, पांच सौ लोग बनाए शिकार
विश्वास उर्फ अनुभव ने बताया कि उसने लोगों को ठगना शुरू किया तो वकील के पास से काम छोड़ दिया था। इसके बाद वह अपने भाइयों के साथ चंदौसी में ही
जूते-चप्पल बेचने का काम करने लगा था। तीन साल में पांच सौ लोगों को आरोपी अब तक ठग चुका है।
एसएसपी ने घोषित किया था दस हजार रुपये का नाम
मूंढापांडे में तीन माह पहले आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसके बाद से साइबर सेल और मूंढापांडे की पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी लेकिन
सफलता नहीं मिल पा रही थी। तब एसएसपी हेमराज मीना ने आरोपी विश्वास उर्फ अनुभव पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
कौशल विकास केंद्र संचालिका के जरिए हासिल करता था आईडी
सीओ हाईवे देश दीपक सिंह ने बताया कि आरोपी ने लोगों को कॉल करने के लिए अपनी आईडी का इस्तेमाल नहीं किया। संभल में कौशल विकास केंद्र चलाने वाली एक महिला की मदद से आरोपी आईडी हासिल करता था। महिला के केंद्र पर युवती कढ़ाई बुनाई सीखने आती हैं। महिला उनसे आधार कार्ड की कॉपी जमा कराती है।
इसके बाद इन आईडी को महिला विश्वास उर्फ अनुभव को दे देती थी। जिससे आरोपी मोबाइल सिम हासिल करता था। इसके अलावा आरोपी अपने खाते में भी रकम नहीं मंगवाता था। रकम मंगवाने के लिए वह जन सुविधा केंद्र संचालक से संपर्क करता था। उन्हें बताया था कि वह अपने रिश्तेदार, मित्र और परिचित से रुपये मंगवा रहा है।
चप्पल-जूता बेचने की आड़ में कर रहा था ठगी, पांच सौ लोग बनाए शिकार
विश्वास उर्फ अनुभव ने बताया कि उसने लोगों को ठगना शुरू किया तो वकील के पास से काम छोड़ दिया था। इसके बाद वह अपने भाइयों के साथ चंदौसी में ही
जूते-चप्पल बेचने का काम करने लगा था। तीन साल में पांच सौ लोगों को आरोपी अब तक ठग चुका है।