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अंदर योगी, बाहर हाईवे जाम और योगी हाय - हाय के नारे

ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद Updated Mon, 22 May 2017 02:08 AM IST
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protest against yogi
protest against yogi - फोटो : amar ujala

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समीक्षा बैठक करने पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ को जबरदस्त विरोध झेलना पड़ा। सीएम अंदर समीक्षा बैठक करते रहे और बाहर पब्लिक योगी मुर्दाबाद के नारे लगाती रही। सर्किट हाउस के गेट पर आक्रोशित लोगों ने हाईवे जाम किया तो दलित समाज ने काले झंडे लहराए।
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हाथों में फरियाद लिए महिलाओं ने भी सड़कों पर लेटकर प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन से अलर्ट योगी ने शहर में भ्र्रमण का कार्यक्रम तो रद्द किया ही अपने समर्थकों की भी नहीं सुनी। समीक्षा बैठक से सीधे हेलीकाप्टर में बैठे और बरेली चले गए। देर रात पुलिस ने हाईवे जाम करने और काले झंडे दिखाने वाले पांच सौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।


सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को पहली बार मुरादाबाद पहुंचे थे। लिहाजा लोगोें को उम्मीद थी कि सीएम उनकी फरियाद जरूर सुनेंगे। पब्लिक की नजरें इस पर भी टिकी थीं कि ठेकों से लेकर वसूली तक पार्टी की छीछालेदर कर रहे सत्ता भोगियों पर सीएम क्या एक्शन लेते हैं।

अस्पताल, गेहूं क्रय केंद्र और मलिन बस्तियों का उनका निरीक्षण भी तय माना जा रहा था। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। सर्किट हाउस के बाहर लग रहे ‘योगी वापस जाओ ’ ... योगी मुर्दाबाद के नारों ने सीएम का मूड बदल दिया।

बाहर गूंज रही आवाज सीएम के कानों तक पहुुंच चुकी थी। सरकारी मशीनरी भी सीएम को बाहर का हाल बता चुकी थी। लिहाजा उन्हाेंने पूरा वक्त समीक्षा बैठक में ही गुजार दिया।

उधर सर्किट हाउस के बाहर, दिनेश हत्याकांड का खुलासा नहीं होने से आहत उसके परिजन सड़क पर लेटकर योगी मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे थे। निजी स्कूलों पर अंकुश लगाने की मांग लेकर पहुंचा अभिभावक संघ भी सर्किट हाउस में एंट्री नहीं मिलने पर योगी मुर्दाबाद के नारे लगाने लगा।

सहारनपुर की घटना के विरोध में बहुजन समन्वय समिति के  लोग सीएम को ज्ञापन देने पहुंचे लेकिन गेट पर पुलिस ने रोका तो उन्हाेंने योगी मुर्दाबाद के नारों के साथ काले झंडे हवा में लहराने शुरू कर दिए। इन लोगों का कहना था कि सरकार ने सहारनपुर में दलितों के साथ पक्षपात किया है।

ठाकुर की मौत पर 15 लाख रुपये मुआवजा दिया जबकि दलितों को चवन्नी नहीं दी। निवेशकों का करोड़ों रुपये लेकर भाग चुकी पीएसीएल लिमिटेड कंपनी के निवेशक व वर्कर सीएम से मिलने की जिद पर अड़ गए। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें गेटपर ही रोक लिया।

जिस पर भड़के लोगों ने सीएम योगी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए सर्किट हाउस के बाहर टुकड़ों में करीब दो घंटे तक हाईवे जाम रखा। जब तक सीएम सर्किट हाउस में रहे बाहर हाईवे जाम और नारेबाजी होती रही।

विरोध प्रदर्शन और जाम से अफसरों की धड़कनें बढ़ा दीं। सर्किट हाउस से निकलने वाली हर सरकारी गाड़ी के आगे लोग लेट जाते और मुर्दाबाद के नारे लगाने लगते। इस बीच सीएम की फ्लीट अंदर रूट बार - बार रूट डायरेक्शन बदलती रही।

सीएम के निरीक्षण पर निकलने की तैयारियां होती रहीं लेकिन आखिरकार सीएम ने निरीक्षण का प्रोग्राम कैंसिल कर दिया। विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अपने समर्थकों की भी नहीं सुनी। समीक्षा बैठक के बाद उन्हाेंने समर्थकों की भी नहीं सुनी।

उम्मीद थी कि सीएम अस्पताल, गेहूं केंद्र, मलिन बस्ती का निरीक्षण कर शहर की नब्ज टटोलेंगे और आम आदमी से भी फीडबैक लेंगे। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। सीएम समीक्षा बैठक के बाद  सीधे हेलीकाप्टर से बरेली चले गए।

इधर, देर रात मझोला पुलिस ने सीएम को काले झंडे दिखाने और हाईवे जाम करने के मामले में पीएसीएल वर्कर कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष रवि शंकर गौतम, विपिन, सलीम, कांता, सुनीता, शिवदत्त भारती, चंदन सिंह, महावीर प्रसाद, अनुज जाटव, शिशुपाल जाटव, जितेंद्र, हर्ष गौतम, कुलदीप सागर, चंद्रपाल सागर, प्रेम चंद्र, सतीश जाटव समेत 500 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

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