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मानवीय बनें ताकि न्याय गिरवी न होने पाए : योगी
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Tue, 10 Jul 2018 02:37 AM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ प्रशिक्षु सहायक अभियोजन अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
डा. भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी में सहायक अभियोजन अधिकारियों के प्रशिक्षण सत्र के समापन कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सारे गवाह - सुबूत होने के बाद भी सरकार अक्सर न्यायालयों में मुकदमे हार जाती है। इसके पीछे जरूर कुछ कारण हैं, जिन्हें दूर करना होगा।
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण पूरा कर अकादमी से जा रहे एपीओ का आह्वान किया कि वह व्यक्तिगत हितों की तिलांजलि देकर मानवीयता से काम करें। ताकि पैसे के बल पर न्याय गिरवी न रखा जा सके और समाज की अंतिम पंक्ति तक खड़े व्यक्ति को भी इंसाफ मिल पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने के लिए अभियोजन अधिकारियों को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
सोमवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे पुलिस अकादमी के सभागार में पहुंचे मुख्यमंत्री ने तीन माह का प्रशिक्षण पूरा करने वाले 231 सहायक अभियोजन अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें उनकी जिम्मेदारियों का भी अहसास कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवसायिक प्रशिक्षण को पूरा करना सफलता की पहली सीढ़ी मात्र है।
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मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण पूरा कर अकादमी से जा रहे एपीओ का आह्वान किया कि वह व्यक्तिगत हितों की तिलांजलि देकर मानवीयता से काम करें। ताकि पैसे के बल पर न्याय गिरवी न रखा जा सके और समाज की अंतिम पंक्ति तक खड़े व्यक्ति को भी इंसाफ मिल पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने के लिए अभियोजन अधिकारियों को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
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सोमवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे पुलिस अकादमी के सभागार में पहुंचे मुख्यमंत्री ने तीन माह का प्रशिक्षण पूरा करने वाले 231 सहायक अभियोजन अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें उनकी जिम्मेदारियों का भी अहसास कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवसायिक प्रशिक्षण को पूरा करना सफलता की पहली सीढ़ी मात्र है।
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व्यवहारिक प्रशिक्षण के बाद एपीओ प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने में अपनी भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य रूप से सभी को पता है कि क्या करना है, क्या नहीं। वह खुद इसलिए आए हैं ताकि सीधा संवाद कर भविष्य की चुनौतियों और जिम्मेदारियों का अहसास करा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन सरकार का संकल्प है। बगैर कानून का राज स्थापित किए सुशासन की परिकल्पना नहीं की जा सकती।
कानून का राज स्थापित करने में अभियोजन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मजबूत पैरवी के जरिए अपराधियों को न्यायालयों में सजा दिलाकर अभियोजन अधिकारी कानून का राज स्थापित करें। कानून का राज स्थापित करने के लिए सरकार के सामने बहुत सी चुनौतियां हैं। अभियोजन अधिकारियों को भी ऐसी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा जिनका हल पुस्तकों में नहीं होगा।
आसपास घटित होने वाली घटनाएं ही सीख देंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिपाटी से इतर वह सहायक अभियोजन अधिकारियों के प्रशिक्षण सत्र समापन पर इसलिए आए हैं क्योंकि सरकार की मंशा को पूरा करने में एपीओ की बड़ी भूमिका है। अनुशासन, समयबद्धता और चरित्र निर्माण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे तमाम मौके आएंगे जब मार्ग का चयन आपका व्यक्तित्व तय करेगा। उस क्षण व्यक्तिगत स्वार्थों का छोड़ अपनी छवि का निर्माण करें।
एक ही लक्ष्य रखें कि हर व्यक्ति को न्याय दिलाना है। ईमानदारी से अपने दायित्वों को निभाएं ताकि पैसे के बल पर कोई न्याय को न तो खरीद सके और न ही उसे गिरवी रखा जा सके। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान, राज्य मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार, पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण गोपाल गुप्ता, पुलिस महानिदेशक अभियोजन सुजान वीर सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक अकादमी सुनील कुमार गुप्ता, आईजी बिनोद कुमार सिंह, शहर विधायक रितेश गुप्ता भी मौजूद रहे।
कानून का राज स्थापित करने में अभियोजन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मजबूत पैरवी के जरिए अपराधियों को न्यायालयों में सजा दिलाकर अभियोजन अधिकारी कानून का राज स्थापित करें। कानून का राज स्थापित करने के लिए सरकार के सामने बहुत सी चुनौतियां हैं। अभियोजन अधिकारियों को भी ऐसी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा जिनका हल पुस्तकों में नहीं होगा।
आसपास घटित होने वाली घटनाएं ही सीख देंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिपाटी से इतर वह सहायक अभियोजन अधिकारियों के प्रशिक्षण सत्र समापन पर इसलिए आए हैं क्योंकि सरकार की मंशा को पूरा करने में एपीओ की बड़ी भूमिका है। अनुशासन, समयबद्धता और चरित्र निर्माण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे तमाम मौके आएंगे जब मार्ग का चयन आपका व्यक्तित्व तय करेगा। उस क्षण व्यक्तिगत स्वार्थों का छोड़ अपनी छवि का निर्माण करें।
एक ही लक्ष्य रखें कि हर व्यक्ति को न्याय दिलाना है। ईमानदारी से अपने दायित्वों को निभाएं ताकि पैसे के बल पर कोई न्याय को न तो खरीद सके और न ही उसे गिरवी रखा जा सके। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान, राज्य मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार, पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण गोपाल गुप्ता, पुलिस महानिदेशक अभियोजन सुजान वीर सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक अकादमी सुनील कुमार गुप्ता, आईजी बिनोद कुमार सिंह, शहर विधायक रितेश गुप्ता भी मौजूद रहे।
प्रदेश में प्रतिभाओं के साथ नहीं होगी नाइंसाफी, सरकारी सेवाओं में योग्यता ही अंतिम मानक होगा: योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मुरादाबाद में जोर देकर कहा कि प्रदेश में प्रतिभाओं के साथ किसी भी कीमत पर नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। किसी भी सरकारी सेवा में चयन का अंतिम आधार योग्यता ही होगा। पुलिस अकादमी के मंच ने मुख्यमंत्री ने नौकरशाहों को भी साफ संदेश दिया कि यदि सरकार ऐसा सोचती है तो सभी का यह दायित्व है कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रदेश में सुशासन स्थापित करें।
प्रशिक्षण पूरा कर चुके सहायक अभियोजन अधिकारियों के बैच को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्रत्येक व्यवस्था पूरी तरह से पारदर्शी है। सरकार सुशासन के अभियान को पूरी ईमानदारी से आगे बढ़ा रही है। प्रशिक्षण पूरा करने वाले सहायक अभियोजन अधिकारियों को लंबी दूरी तय करनी है। वह सरकार के सुशासन के अभियान का हिस्सा बनें और ईमानदारी व कर्त्तव्य निष्ठा की सौगंध लें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रिक्त पदों पर तेजी से भर्तियां हो रही हैं। पुलिस विभाग में 1.62 लाख भर्तियां होनी हैं। इनमें से 45 हजार की भर्ती हो चुकी है, जो जल्द अकादमी व प्रदेश के अन्य ट्रेनिंग सेंटरों पर प्रशिक्षण के लिए आने वाले हैं। भर्तियों में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। किसी भी योग्य व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
प्रशिक्षण पूरा कर चुके सहायक अभियोजन अधिकारियों के बैच को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्रत्येक व्यवस्था पूरी तरह से पारदर्शी है। सरकार सुशासन के अभियान को पूरी ईमानदारी से आगे बढ़ा रही है। प्रशिक्षण पूरा करने वाले सहायक अभियोजन अधिकारियों को लंबी दूरी तय करनी है। वह सरकार के सुशासन के अभियान का हिस्सा बनें और ईमानदारी व कर्त्तव्य निष्ठा की सौगंध लें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रिक्त पदों पर तेजी से भर्तियां हो रही हैं। पुलिस विभाग में 1.62 लाख भर्तियां होनी हैं। इनमें से 45 हजार की भर्ती हो चुकी है, जो जल्द अकादमी व प्रदेश के अन्य ट्रेनिंग सेंटरों पर प्रशिक्षण के लिए आने वाले हैं। भर्तियों में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। किसी भी योग्य व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।