Year Ender 2023: मुरादाबाद के नेताओं के बयान, विवाद और सजा की दिल्ली तक चर्चा, सुर्खियों में आजम-दानिश व बर्क
मुरादाबाद मंडल के नेताओं की सियासी गलियारों समेत खबरों में सालभर चर्चा रही। इसमें सपा नेता आजम खां, सांसद दानिश अली और संभल सांसद शफीकुर्रहमान बर्क शामिल हैं। तीनों बड़े नेता अलग-अलग मामलों में सुर्खियों में रहे।
विस्तार
मुरादाबाद मंडल वर्ष 2023 में मुरादाबाद मंडल के नेताओं के बयान, विवादों और सजा की लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में चर्चा रही। यह साल सपा नेता आजम खां और उनके परिवार पर भारी पड़ा। अलग-अलग मामलों में कोर्ट ने आजम खां, उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम, उनकी पत्नी पूर्व राज्यसभा सांसद तजीन फात्मा को सजा सुनाई।
अमरोहा के सांसद कुंवर दानिश अली कभी संसद में अपने बयान को लेकर सुर्खियों में रहे तो कभी भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी से विवाद को लेकर। वहीं मुरादाबाद के सपा सांसद डॉ. एसटी हसन, संभल के सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क और कांग्रेसी नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम भी बीच-बीच में अपने बयानों से चर्चा के केंद्र बिंदु बने रहे। इसके अलावा भाजपा नेताओं के खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमे भी सियासी चर्चाओं में रहे।
सांसद दानिश अली का बसपा से निलंबन
अमरोहा के सांसद कुंवर दानिश अली संसद और संसद के बाहर भी चर्चा रहे। संसद में जोरदार तरीके से अपनी बातों को रखने के लिए सुर्खियों में रहे। दानिश अली संसद के हर सत्र में अपनी बात रखते रहे। संसद में दानिश अली के खिलाफ भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी के बयान की भी खूब चर्चा रही। इस प्रकरण को लेकर दानिश अली की राहुल गांधी से मुलाकात भी सुर्खियों में रही।
वहीं छह अगस्त को अमृत भारत स्टेशन के तहत अमरोहा रेलवे स्टेशन परिसर में हुए कार्यक्रम में दानिश अली भाजपा एमएलसी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो से भिड़ गए थे। दोनों नेताओं के बीच जमकर नोकझोंक हुई थी। ये विवाद दिल्ली से लेकर लखनऊ तक चर्चा में रहा। इनके सबके बीच साल के आखिर में बसपा सुप्रीमो ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया।
एक साल में आजम को तीन बार सजा
सपा के कद्दावर नेताओं में शुमार आजम खां को एक साल में तीन बार सजा सुनाई गई वहीं उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को कोर्ट ने दो बार सजा सुनाई है। एक मामले में आजम खां की पत्नी पूर्व राज्यसभा सांसद तजीन फात्मा को भी सजा हो चुकी है।वर्ष 2023 में आजम खां और उनके बेटे को पहली सजा 13 फरवरी को सुनाई गई थी। इस मामले में कोर्ट से 2 जनवरी 2008 को आजम खां अपने परिवार के साथ मुजफ्फरनगर में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। छजलैट थाने के सामने वाहन चेकिंग के दौरान आजम खां की गाड़ी पुलिस ने रुकवा ली थी। इसके विरोध में आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम सड़क पर धरने पर बैठ गए थे।
इसकी सूचना मिलने पर आसपास के जनपदों से सपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए थे। आरोप था कि आम जनता को उकसा कर सड़क जाम करते हुए बवाल किया था और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की थी। इस मामले में कोर्ट ने आजम खां और अब्दुल्ला आजम को दो-दो साल की सजा सुनाई थी।
15 जुलाई को नफरती भाषण के मामले में आजम खां को दो साल कैद की सजा सुनाई गई। इस साल 18 अक्तूबर को आजम खां को दूसरी सजा अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में सुनाई गई। इसमें आजम खां, उनकी पत्नी तजीन फात्मा और बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की सजा सुनाई थी। इस मामले में तीनों अलग-अलग जेलों में बंद हैं।