फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   wooden brije broken from water

रामगंगा नदी की तीखी धार में बहा लकड़ी का पुल

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jul 2019 01:57 AM IST
विज्ञापन
wooden brije broken from water
मुरादाबाद। गंगा की सहायक नदी रामगंगा में बारिश का पानी बढ़ने के बाद नवाबपुरा के पास ग्रामीणों द्वारा बनाया गया लकड़ी का पुल ध्वस्त हो गया। जब प्रशासन ने सुध नहीं ली तो लोगों ने खुद ही मशक्कत कर यह पुल तैयार कर लिया था पर पुल भी पानी की तेज धार के आगे बीच में से ही टूट गया। इसके जरिए नदी पार के आठ गांवों के लोग शहर की तरफ आते थे। अब इन गांवों सीधा संपर्क टूट गया है और यहां के बाशिंदों को अब नाव का सहारा है।
विज्ञापन

रामगंगा नदी के उस पार दादापुरा, बीजद, ताजपुर, गोटा, लालपुर समेत आठ छोटे-छोटे गांव बसे हैं। जोकि खेतीबाड़ी करके गुजारा करते हैं। आवागमन के लिए रामपुर रोड या जामा मस्जिद के पास मुख्य पुल बने हुए हैं, लेकिन उसके लिए ग्रामीणों को आठ से दस किमी का रास्ता तय करना होता है। इन गांवों के लोगों ने कई बार मांग की कि प्रशासन इन गांवों के सामने एक पुल बनवा दे ताकि लोगोें को इतनी दूर होकर न आना पड़े। जब प्रशासन ने सुध नहीं ली। नतीजा लोगोें ने खुद ही रामगंगा पर बांस बल्लियों का पुल बना लिया। हालांकि इसका सफर खतरे का था पर मजबूर लोग इसी के जरिए अपने सारे काम कर रहे थे। शहर से पूरी तरह से कनेक्ट थे।
विज्ञापन

बारिश होनेे के कारण रामगंगा में पानी अधिक होने के बाद रात में अचानक पुल का आधा हिस्सा भरभराकर बह गया। शुक्र रहा कि पुल रात में गिरा। यदि दिन में पुल टूटता तो हादसा भी हो सकता था। मजबूर लोग अब नदी के दूसरी तरफ से नाव पर सवार होकर टूटे पुल से आते हैं और फिर बाकी बचे पुल पर चढ़कर नदी पार करने की कोशिश कर रहे हैं। यहां लोग लगे हैं जिनकी मदद से बाइक आदि को भी पार कराया जाता है। लोगों का कहना है कि वह आखिर क्या करें? खेती करनी है या अन्य काम तो नदी तो पार करनी ही होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिगर कॉलोनी का लकड़ी का पुल डूबा
जिगर कॉलोनी के ठीक पीछे भी लकड़ी का एक अवैध पुल ग्रामीणों ने बनाया था। यहां भी पानी बढ़ने के बाद पुल का आधा हिस्सा पानी में डूब गया है। शनिवार को लोग पुल की मरम्मत करते हुए नजर आए। वहीं तट पर कुछ लोग नाव बनाते हुए देखे गए। दरअसल, रामगंगा के दूसरी तरफ लोग किसान सब्जी उगाते हैं। वहां से लाकर बाजार में बेचा जाता है।
लकड़ी का पुल लोगोें ने अपनी सहूलियत के लिए बांधा है। बारिश का पानी बढ़ने के बाद पुल का एक हिस्सा बह गया है। अब नाव के जरिए एक तरफ से दूसरी तरफ जाया जा रहा है। - उमेश कुमार, नवाबपुरा
बारिश होने के बाद पुल बह गया है। सही मायने में यह पुल खतरनाक भी था पर प्रशासन ने सुनी नहीं तो लोगों ने ही इसे तैयार कर लिया। नदी में लट्ठों और पटरों के सहारे बनाया गया था। अब लोग नाव में चल रहे हैं। पानी और बढ़ने के बाद दिक्कत आएगी। - पातीराम सैनी, नवाबपुरा

कालागढ़ डैम पर 366.200 मीटर खतरे का स्तर है। फिलहाल 336.820 मीटर जलस्तर है। पिछले 24 घंटों में पानी छोड़ा भी नहीं गया है। रामगंगा में बारिश का पानी पहुंचा है। - नरेश कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed