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महिला अफसर बोलीं, पीड़िताओं को दिलाएंगी न्याय, अपराधियों को सिखाएंगी सबक
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मुरादाबाद। डॉ. बीआर आंबेडकर पुलिस अकादमी से मंगलवार को पास आउट हुए 65 डिप्टी एसपी के बैच में 13 महिला अफसर भी शामिल हैं। खास बात है कि इस बार भी पहले स्थान पर बेटी ने ही कब्जा किया। देश सेवा और पीड़िताओं को न्याय दिलाने के जोश से लबरेज बेटियों ने कहा कि एक साल में उन्होंने ट्रेनिंग में जो सिखाया गया है। अब उसे नौकरी में उतारने का वक्त आ गया है।
डिप्टी एसपी शुचिता सिंह का कहना कि उन्हें मेरठ में तैनाती मिली है। उनका कहना है कि पीड़िताओं को न्याय दिलाना उनकी प्राथमिकता रहेगा। वर्णिका सिंह का कहना है कि ट्रेनिंग के दौरान उनके पैर में चोट आ गई थी। उनका कहना है कि वह जहां भी तैनात रहेंगी, वहां ऐसा माहौल बनाएंगीं। ताकी पीड़ित बेझिझक होकर अपनी शिकायतें पुलिस को बताएं। अपराधियों के खिलाफ योजना बनाकर कार्रवाई की जाएगी। नेहा त्रिपाठी का कहना है कि अपराधियों को सलाखों में पहुंचा जाएगा। ताकी लोग खुद को सुरक्षित महसूस करें। करिश्मा गुप्ता का कहना है कि उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान हमें फोरेंसिक, साइबर, विवेचना, थाना प्रबंधन, सीआरपीसी और आईपीसी समेत अन्य विषयों की बारीरियां सिखाई गई हैं। वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। जिनके झांसे में लोग आ रहे हैं। साइबर अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए ठोक कदम उठाए जाएंगे। ताकी लोग इन साइबर अपराधियों के जाल में न फंस सकें।
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डिप्टी एसपी शुचिता सिंह का कहना कि उन्हें मेरठ में तैनाती मिली है। उनका कहना है कि पीड़िताओं को न्याय दिलाना उनकी प्राथमिकता रहेगा। वर्णिका सिंह का कहना है कि ट्रेनिंग के दौरान उनके पैर में चोट आ गई थी। उनका कहना है कि वह जहां भी तैनात रहेंगी, वहां ऐसा माहौल बनाएंगीं। ताकी पीड़ित बेझिझक होकर अपनी शिकायतें पुलिस को बताएं। अपराधियों के खिलाफ योजना बनाकर कार्रवाई की जाएगी। नेहा त्रिपाठी का कहना है कि अपराधियों को सलाखों में पहुंचा जाएगा। ताकी लोग खुद को सुरक्षित महसूस करें। करिश्मा गुप्ता का कहना है कि उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान हमें फोरेंसिक, साइबर, विवेचना, थाना प्रबंधन, सीआरपीसी और आईपीसी समेत अन्य विषयों की बारीरियां सिखाई गई हैं। वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। जिनके झांसे में लोग आ रहे हैं। साइबर अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए ठोक कदम उठाए जाएंगे। ताकी लोग इन साइबर अपराधियों के जाल में न फंस सकें।
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