फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Wife dies crying while talking about husband s death due to illness in Sambhal

इश्क के हर इम्तेहान में पास ये जोड़ी!: पति के शव पर बिलखते हुए मौत, कहती थीं- इन्हें कुछ हुआ तो जी नहीं पाऊंगी

Tue, 21 Nov 2023 09:51 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, चंदौसी (संभल)
संवाद न्यूज एजेंसी, चंदौसी (संभल) Published by: आकाश दुबे Updated Tue, 21 Nov 2023 09:51 PM IST
सार

बीमारी से बुजुर्ग की मौत के तीन घंटे बाद पत्नी ने उनके शव पर विलाप करते-करते दम तोड़ दिया। एक साथ जनाजे उठे और गांव के कब्रिस्तान में बराबर-बराबर दोनों के शव दफनाए गए।

विज्ञापन
Wife dies crying while talking about husband s death due to illness in Sambhal
दंपती का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के संभल जिले के चंदौसी में शादी के समय मौत तक साथ निभाने की बात अक्सर पति-पत्नी में होती है, लेकिन मंगलवार को बनियाखेड़ा गांव में यह बात हकीकत बन गई। बीमारी से बुजुर्ग की मौत के तीन घंटे बाद पत्नी ने उनके शव पर विलाप करते-करते दम तोड़ दिया। एक साथ जनाजे उठे और गांव के कब्रिस्तान में बराबर-बराबर दोनों के शव दफनाए गए।

विज्ञापन

बनियाखेड़ा निवासी वहीद (70) करीब 15 दिन से बीमार चल रहे थे। सोमवार की रात वह खाना खाने के बाद सो गए। सुबह साढ़े पांच बजे उनके बड़े बेटे मस्ते अली ने उन्हें आवाज दी तो कोई जवाब नहीं मिला। जब वह पास पहुंचा तो उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर आसपास के लोग और रिश्तेदार पहुंचने लगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

पति की मौत के बाद पत्नी कनीज फात्मा उनके शव के पास बैठकर विलाप कर रही थीं। करीब आठ बजे पति के शव के पास रोते-रोते कनीज फात्मा ने पति के शव पर सिर रख लिया। परिजनों ने सोचा कि वह विलाप कर रही हैं, जब काफी देर तक वह नहीं उठीं तो परिजनों ने उन्हें उठाया, लेकिन तब तक वह भी दम तोड़ चुकी थीं। बेटे मस्ते अली और हासम अली उन्हें डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे, जहां पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।

विज्ञापन

दोनों के प्रेम की होती रही चर्चा
पति के वियोग में विलाप करते समय पत्नी की दम तोड़ने की घटना हर किसी की जुबां पर रही। दोनों के अटूट प्रेम की चर्चा होती रही। पिता की मौत के बाद मां की मौत के बाद दोनों बेटे बेसुध हो गए। रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने दोनों के जनाजे तैयार किए और गांव के कब्रिस्तान में बराबर-बराबर कब्र बनाकर सुपुर्द-ए-खाक किए गए।

अगर इन्हें कुछ हुआ तो मैं भी नहीं जी पाऊंगी
बुजुर्ग वहीद करीब 15 दिन से बीमार थे। रिश्तेदार और गांव के लोग प्रतिदिन उन्हें देखने के लिए आते थे तो उनकी पत्नी कनीज फात्मा सिर्फ एक ही बात कहती थीं कि यदि इन्हें कुछ हुआ तो मैं भी नहीं जी पाऊंगी और मंगलवार को हुआ भी ऐसा ही, जब बुजुर्ग वहीद की मौत के बाद शव पर विलाप करते हुए कनीज फात्मा ने दम तोड़ दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed