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नगर निगम और कूड़ा उठाने वाली कंपनी में रार, चार लाख की आबादी हुई लाचार

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2020 01:51 AM IST
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waste collection stop in 32 wards in moradabad
वार्ड 38 की गलियों में पड़ा कूड़ा। - फोटो : CITY
मुरादाबाद। नगर निगम और कूड़ा उठाने वाली कंपनी एसआरएमटी वेस्ट मैनेजमेंट के बीच रार होने से शहर के 32 वार्डों की चार लाख की आबादी लाचार हो गई है। कंपनी और निगम के बीच भुगतान की धनराशि को लेकर खींचतान है। निगम के भुगतान रोकने से कंपनी ने 32 वार्डों में घर घर से कूड़ा उठाना बंद कर दिया है। इससे मानसून सीजन में कोरोना और संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। वार्डों में रहने वाले अधिकतर परिवार घरों से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण को लेकर परेशान हैं।
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महानगर के 70 वार्डों से डोर टू डोर कूड़ा उठाने का ठेका (हिंदुस्तान सिक्योरिटी और एसआरएमटी वेस्ट मैनेजमेंट) कंपनियों के पास है। एसआरएमटी वेस्ट मैनेजमेंट और नगर निगम के बीच भुगतान को लेकर रार हो गई है। कंपनी ने निगम को भुगतान के लिए 33 लाख का बिल दिया है, जबकि नगर निगम ने बिल अधिक बताते हुए भुगतान रोक दिया है। नगर निगम 14 लाख रुपये का ही भुगतान करने पर सहमत है। एक माह से भुगतान की फाइल निगम अधिकारियों के पास घूमने से कंपनी ने 32 वार्डों से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का काम दो दिन पहले से ठप कर दिया है। 32 वार्डों में करीब चार लाख की आबादी है। दोनों के झगड़े का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लोग अपना कूड़ा निस्तारण नहीं कर पा रहे हैं। अधिकतर लोग थैलियों में कूड़ा भरकर घरों के बाहर सड़क किनारे रख रहे हैं। आवारा जानवर कूड़ा फैला रहे हैं। कूड़ा सड़ने और फैलने से दुर्गंध उठ रही है। कई लोग जहां-तहां गली, सड़क किनारे और खाली प्लाट में कूड़ा फेंकने लगे हैं। बारिश के सीजन में गंदगी से कोरोना और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। नगर आयुक्त ने कंपनी के अधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया है।
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- कंपनी को जितना कूड़ा उठाना था उतना नहीं उठाया। अनुबंध के हिसाब से कूड़ा उठाने के एवज में लोगों से ली धनराशि भी समय से जमा नहीं कराई। भुगतान के लिए जो बिल दिए हैं वो भी अधिक हैं। इसकी जांच सहायक नगर आयुक्त को सौंप दी है। वार्ता के लिए कंपनी के अधिकारियों को बुलाया है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नगर निगम के कर्मचारियों को कूड़ा उठाने के लिए लगाया गया है। - संजय चौहान, नगर आयुक्त
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- एसआरएमटी वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी ने 33 लाख रुपये का बिल भुगतान के लिए भेजा है। जांच कराने पर प्रथम दृष्ट्या 14 लाख तक का बिल बन रहा है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। - गंभीर सिंह, सहायक नगर आयुक्त

- एसआरएमटी वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी के कूड़ा उठाने का काम ठीक ढंग से नहीं करने की पहले भी कई शिकायतें आ चुकी हैं। कंपनी के कूड़ा उठाने का काम बंद करने से लोगों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए नगर निगम के अधिकारियों को बोल दिया गया है। - विनोद अग्रवाल, महापौर
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