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Moradabad News: वक्फ संशोधन कानून से किरायेदारों की बढ़ी चिंता

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 07 Apr 2025 02:11 AM IST
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Waqf Amendment Act increases the concern of tenants
मुरादाबाद। वक्फ संशोधन कानून से जिले की वक्फ संपत्तियों में रहने वाले और व्यवसाय करने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। वक्फ की जमीन पर बने मकानों व दुकानों के हजारों किरायेदार कानूनी सलाह लेने में जुट गए हैं। जिले में लगभग 2800 वक्फ संपत्तियां हैं, जिनमें शहर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद, मुसाफिरखाना, ईदगाह, दर्जनों मदरसे, कब्रिस्तान और मुस्लिम धार्मिक स्थल शामिल हैं।
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नए कानून के तहत वक्फ बोर्ड को संपत्तियों के पुनः परीक्षण, लीज नवीनीकरण और अवैध कब्जे हटाने का व्यापक अधिकार मिला है। इससे मुरादाबाद के पुराने शहर के उन इलाकों में बेचैनी है जहां वक्फ संपत्तियों पर बने भवनों में लोग पीढ़ियों से रह रहे हैं। ऐसे लोग पास वक्फ बोर्ड की स्वीकृति से जुड़े दस्तावेज अपडेट करने में जुट गए हैं।
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जामा मस्जिद व उसके आसपास की दर्जनों दुकानें, मुसाफिरखाना की आवासीय कोठियां और ईदगाह के आसपास की जमीन वक्फ संपत्तियों के अंतर्गत आती है। अब इन स्थानों पर रह रहे किरायेदारों को डर सता रहा है कि कहीं उन्हें अवैध कब्जेदार न घोषित कर दिया जाए। हालांकि, खुलकर बोलने से लोग परहेज कर रहे हैं, लेकिन वक्फ संशोधन कानून पर शहर के लगभग सभी स्थानों पर इसकी चर्चाएं हो रही हैं।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि वह वर्षों से किराया देते आए हैं, लेकिन वक्फ बोर्ड के नए नियमों के चलते उन पर दोबारा वैधता सिद्ध करने का दबाव बनाया जा सकता है। दबी जुबान में वह नए वक्फ कानून को गलत बता रहे हैं।
जामा मस्जिद इंतेजामिया कमेटी के सचिव डॉ. सादिक ने बताया कि जामा मस्जिद क्षेत्र में 90 लोग वक्फ के मकान व दुकान में किरायेदार हैं। सभी के अभिलेख अपडेट हैं। उन्होंने वक्फ संशोधन कानून को मुस्लिमों के हित के विपरीत बताया। वक्फ की दुकान में मोबाइल रिपेयरिंग का व्यवसाय कर रहे फैजान ने बताया कि करीब चार दशक से उनका परिवार मकान में रह रहा है और दुकान में किरायेदार है। उन्हें किराया बढ़ने अथवा रहने की समय सीमा निर्धारित करने का डर सता रहा है। वहीं जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी दिलीप कुमार का कहना है कि कानून धार्मिक और सामाजिक उद्देश्यों की रक्षा के लिए है। वक्फ की संपत्तियों का डाटा भी अपडेट होने से पारदर्शिता आएगी।

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शहर में यहां हैं प्रमुख वक्फ संपत्तियां
जामा मस्जिद क्षेत्र में शादीहाॅल, आसपास की 90 दुकानें व मकान, जीआईसी चौराहा पर किले वाली मस्जिद व उसके पीछे स्थित करीब आधा दर्जन दुकानें, शाही मस्जिद मंडी चौक, शाही मस्जिद लालबाग, मदरसा जामिया नईमियां में भी मकान व दुकान, मुसाफिर खाना व उसके नीचे की दुकानें, मस्जिद ख्वाजा मुस्तफा साहब वली व मजार दोनों वक्फ की संपत्ति है। मोहल्ला मुगलपुरा स्थित हजरत सूफी मोहम्मद हुसैन साहब की दरगाह और उसके पीछे स्थित मकान समेत शहर के कई स्थानों पर वक्फ की संपत्ति है।
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