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Moradabad News: दूसरी बार कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बने विनोद गुंबर
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मुरादाबाद।
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने दूसरी बार विनोद गुंबर को जिलाध्यक्ष बनाया है। वहीं पूर्व विधायक इकराम कुरैशी के बेटे जुनैद कुरैशी को महानगर अध्यक्ष बनाया गया है।
बुध बाजार कोठीवाल नगर गीता ज्ञान मंदिर निवासी विनोद गुंबर ने समाजवादी पार्टी से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। उन्होंने अपने बड़े भाई को 1999 में पार्षद का चुनाव जीतने में मदद की। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से नजदीकी के कारण उनको 2002 सपा का महानगर अध्यक्ष बनाया गया। 2005 से 2007 तक एमडीए के सदस्य रहे।
2018 में विनोद गुंबर प्रदेश ने कांग्रेस के साथ अपना राजनीतिक सफर शुरू किया। पार्टी में कुछ ही समय में अपनी कार्यशैली के चलते प्रदेश के आला नेताओं को प्रभावित किया। इसी कारण पार्टी ने विनोद गुंबर को 24 दिसंबर 2019 तो पार्टी का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया। उन्होंने तीन जुलाई 2021 तक जिलाध्यक्ष के रूप में कार्य किया। 2024 में वह ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्य बनाए गए। इसके पहले पंजाबी सगठन के 2004 से उपाध्यक्ष हैं। वह गीता ज्ञान मंदिर के 2007 से 2009 तक अध्यक्ष भी रहे हैं।
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मंदिर से निकले तो पता नहीं था
कांग्रेस नेता विनोद गुंबर को देर तक पता नहीं था कि वह कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बनाए गए हैं। वह गीता मंदिर से पूजा-पाठ करने के बाद घर आए तो लोग बधाई देने लगे। इसके बाद उनको पता चला कि जिलाध्यक्ष बनाए गए हैं।
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तीन साल में ही मिली महानगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी
कांग्रेस के मनोनीत महानगर अध्यक्ष जुनैद कुरैशी पूर्व विधायक इकराम कुरैशी के पुत्र हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान जुनैद ने 2022 में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस के निवर्तमान महानगर अध्यक्ष अनुभव मेहरोत्रा का कहना है कि जुनैद कतर्व्यनिष्ठ हैं। वह पार्टी के लिए बेहतर कार्य करेंगे।
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भाजपा के बाद कांग्रेस ने भी अनुभवी नेताओं पर लगाया दांव
भाजपा की तरह कांग्रेस आलाकमान ने भी अनुभवी नेताओं को तरजीह देते हुए विनोद गुंबर के ऊपर दांव लगाया है। भाजपा ने भी आकाश पाल को दूसरी बार जिलाध्यक्ष बनाया हैं। वहीं कांग्रेस ने भी उसी प्रकार की रणनीति अपने हुए विनोद गुंबर को जिले की कमान सौंपी है। पार्टी के लोगों का कहना है कि सियासत का संतुलन बनाए रखने के लिए कांग्रेस ने विनोद गुंबर को जिले की अहम जिम्मेदारी दी है। वहीं राजनीतिक घराने से जुड़े जुनैद को महानगर का अध्यक्ष बनाया गया है। जुनैद के महानगर अध्यक्ष बनने पर राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इससे साबित होता है कि पूर्व विधायक इकराम कुरैशी सपा के बाद कांग्रेस में भी अपना काफी दबदबा रखते हैं। पूर्व विधायक के भतीजे रिजवान कुरैशी कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं और मेयर का चुनाव काफी कम अंतर से हारे थे। कुल मिलाकर कांग्रेस आलाकमान ने कई बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए दोनों नेताओं को जिला और महानगर की कमान सौंपी है।
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ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने दूसरी बार विनोद गुंबर को जिलाध्यक्ष बनाया है। वहीं पूर्व विधायक इकराम कुरैशी के बेटे जुनैद कुरैशी को महानगर अध्यक्ष बनाया गया है।
बुध बाजार कोठीवाल नगर गीता ज्ञान मंदिर निवासी विनोद गुंबर ने समाजवादी पार्टी से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। उन्होंने अपने बड़े भाई को 1999 में पार्षद का चुनाव जीतने में मदद की। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से नजदीकी के कारण उनको 2002 सपा का महानगर अध्यक्ष बनाया गया। 2005 से 2007 तक एमडीए के सदस्य रहे।
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2018 में विनोद गुंबर प्रदेश ने कांग्रेस के साथ अपना राजनीतिक सफर शुरू किया। पार्टी में कुछ ही समय में अपनी कार्यशैली के चलते प्रदेश के आला नेताओं को प्रभावित किया। इसी कारण पार्टी ने विनोद गुंबर को 24 दिसंबर 2019 तो पार्टी का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया। उन्होंने तीन जुलाई 2021 तक जिलाध्यक्ष के रूप में कार्य किया। 2024 में वह ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्य बनाए गए। इसके पहले पंजाबी सगठन के 2004 से उपाध्यक्ष हैं। वह गीता ज्ञान मंदिर के 2007 से 2009 तक अध्यक्ष भी रहे हैं।
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मंदिर से निकले तो पता नहीं था
कांग्रेस नेता विनोद गुंबर को देर तक पता नहीं था कि वह कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बनाए गए हैं। वह गीता मंदिर से पूजा-पाठ करने के बाद घर आए तो लोग बधाई देने लगे। इसके बाद उनको पता चला कि जिलाध्यक्ष बनाए गए हैं।
तीन साल में ही मिली महानगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी
कांग्रेस के मनोनीत महानगर अध्यक्ष जुनैद कुरैशी पूर्व विधायक इकराम कुरैशी के पुत्र हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान जुनैद ने 2022 में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस के निवर्तमान महानगर अध्यक्ष अनुभव मेहरोत्रा का कहना है कि जुनैद कतर्व्यनिष्ठ हैं। वह पार्टी के लिए बेहतर कार्य करेंगे।
भाजपा के बाद कांग्रेस ने भी अनुभवी नेताओं पर लगाया दांव
भाजपा की तरह कांग्रेस आलाकमान ने भी अनुभवी नेताओं को तरजीह देते हुए विनोद गुंबर के ऊपर दांव लगाया है। भाजपा ने भी आकाश पाल को दूसरी बार जिलाध्यक्ष बनाया हैं। वहीं कांग्रेस ने भी उसी प्रकार की रणनीति अपने हुए विनोद गुंबर को जिले की कमान सौंपी है। पार्टी के लोगों का कहना है कि सियासत का संतुलन बनाए रखने के लिए कांग्रेस ने विनोद गुंबर को जिले की अहम जिम्मेदारी दी है। वहीं राजनीतिक घराने से जुड़े जुनैद को महानगर का अध्यक्ष बनाया गया है। जुनैद के महानगर अध्यक्ष बनने पर राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इससे साबित होता है कि पूर्व विधायक इकराम कुरैशी सपा के बाद कांग्रेस में भी अपना काफी दबदबा रखते हैं। पूर्व विधायक के भतीजे रिजवान कुरैशी कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं और मेयर का चुनाव काफी कम अंतर से हारे थे। कुल मिलाकर कांग्रेस आलाकमान ने कई बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए दोनों नेताओं को जिला और महानगर की कमान सौंपी है।