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Moradabad News: सर्द रात में भी धरने पर बैठे रहे ग्रामीण और भाकियू असली के पदाधिकारी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 17 Dec 2023 12:56 AM IST
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Villagers continued to sit on strike even in the cold night
मंडी धनौरा। गांव आजमपुर में 250 परिवारों के पट्टे निरस्त होने पर बेघ्ार होने के डर ने भीषण ठंड में तहसील परिसर का माहौल गर्मा दिया। संबंधित परिवारों ने शुक्रवार से तहसील परिसर में बेमियादी धरना शुरू कर दिया। भाकियू असली के पदाधिकारी भी हुंकार भरते हुए धरने पर डट गए। कड़ाके की सर्दी के बावजूद गामीणों और भाकियू पदाधिकारियों का धरना रात में भी जारी रहा।
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क्षेत्र के गांव आजमपुर में करीब 250 लोगों को वर्ष 1989 में पट्टे दिए गए थे। पट्टेधारकों ने अपनी भूमि पर मकान आदि बना लिए। तमाम लोगों ने उस पर बैंकों से लोन भी ले लिया। साल 2015 में शासन ने पट्टे की भूमि को झील की भूमि बताते हुए पट्टे खारिज कर दिए।
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इन दिनों आजमपुर गांव में चकबंदी चल रही है। चकबंदी विभाग के अधिकारी पट्टेधारकों पर भूमि खाली करने की दबाव बना रहे हैं। 250 परिवारों के समक्ष बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है।
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भाकियू असली काफी समय से पीड़ित परिवारों की आवाज उठा रहा है। 250 परिवारों को उनका हक दिलाने के लिए भारतीय किसान यूनियन असली ने शुक्रवार की रात तहसील परिसर में एसडीएम कार्यालय के सामने बेमियादी धरना शुरू कर दिया। पूरी रात कड़ाके की ठंड में लोग धरने पर बैठे रहे। हालांकि कंबल व लिहाफ आदि से ठंड मिटाने का प्रयास करते रहे।

शनिवार को रात में भी कार्यकर्ता आैर पीड़ित परिजन धरने पर बैठे रहे। इस मौके पर डूंगर सिंह, नरेश कुमार, कपिल प्रधान, काविंद्र सिंह, जयपाल सिंह, सावित्री, वीरवती आदि थे।


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चकबंदी अधिकारी ने धरना समाप्त कराने का प्रयास किया
चकबंदी अधिकारी शुक्रवार की रात बेमियादी धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ताओं व पीड़ित परिजनों के बीच पहुंच गए। उन्होंने भाकियू कार्यकर्ताओं को आश्वासन देकर धरना समाप्त कराने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद भाकियू के मंडल अध्यक्ष डूंगर सिंह ने चकबंदी अधिकारी से दो टूक कह दिया कि यदि उनके पास कोई ठोस आश्वासन है तो बताएं अन्यथा उनका यहां कोई काम नहीं है। चकबंदी अधिकारी ने इस समस्या के समाधान के लिए स्वयं को सक्षम अधिकारी नहीं बताते हुए कहा कि इस संबंध में जिलाधिकारी ही सहायता कर सकते हैं। दरअसल झील, पोखर, चरागाह आदि की भूमि पट्टे पर नहीं दी जा सकती है। शनिवार को भाकियू असली ने एसडीएम कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपकर पट्टे किए जाने व फिर खारिज किए जाने की जांच कराने की मांग की है।
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