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एक्सक्लूसिव ः 3.48 फीसदी हायर सेंटर तो 41.31 फीसदी मरीज होम आइसोलेट

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 21 Sep 2020 02:54 AM IST
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upper class ncr is preferred to middle class home isolation
मुरादाबाद। कोरोना मरीजों के इलाज के लिए मुरादाबाद में छह अस्पताल और दो कोविड केयर सेंटर हैं। अस्पतालों में भर्ती होने से संक्रमित अभी भी कतरा रहे हैं। उच्च वर्गीय परिवारों के संक्रमित मरीज नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद के अस्पतालों का विकल्प चुन रहे हैं। जबकि मध्यम वर्गीय परिवार के मरीज होम आइसोलेट को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे कोविड अस्पतालों में करीब 44.79 फीसदी मरीजों का दबाव कम हुआ है। इससे अन्य मरीजों को बेहतर चिकित्सा और वेंटिलेटर सुविधा मिलने में आसानी हो रही है।
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मुरादाबाद में संक्रमित मरीजों की संख्या 7573 पहुंच गई है। पहला मरीज 19 मार्च को आया था। मरीजों की संख्या के अनुपात में कोविड अस्पताल भी बढ़ रहे हैं। सरकारी इलाज के लिए एमसीएच विंग स्थित कोविड एल टू, रेलवे का कोविड एल वन और टीएमयू एल थ्री अस्पताल बना है। विवेकानंद और पीटीएस को कोविड केयर सेंटर बनाया गया है। इनके अलावा कॉसमॉस में कोविड मरीजों का इलाज हो रहा है। साईं और एपेक्स ने भी बिना लक्षणों वाले मरीजों के इलाज हो रहा है। कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन की सुविधा तो हैं, लेकिन, वेंटिलेटर का संकट खड़ा होने लगा है। गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत पड़ रही है।
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अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाएं होने के बाद भी कुल संक्रमित मरीजों में करीब 44.79 फीसदी मरीजों ने हायर सेंटर और होम आइसोलेट का विकल्प चुना है। जिले में अब तक 264 मरीजों (3.48) ने मुरादाबाद से बाहर मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, लखनऊ, दिल्ली के बड़े अस्पतालों को प्राथमिकता दी है। इनमें अधिकतर निर्यातक और उद्यमी शामिल हैं। हालांकि, इनमें मेरठ मेडिकल कालेज के लिए रेफर गंभीर मरीज भी शामिल हैं। हायर सेंटर रेफर होने वाले 65.53 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट आए हैं। 26. 13 फीसदी अभी भी इलाज करवा रहे हैं।
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होम आइसोलेट का विकल्प चुनने वालों की संख्या सबसे अधिक है। करीब 80 फीसदी मरीज बिना लक्षणों वाले आ रहे हैं। ऐसे मरीजों को सरकार ने सशर्त होम आइसोलेट का विकल्प दिया है। मध्यम वर्गीय परिवारों के अधिकतर मरीजों ने होम आइसोलेट को प्राथमिकता दी है। होम आइसोलेट की सुविधा दो माह पूर्व शुरू हुई है। इसके बाद भी जिले में अब तक 3129 मरीजों ने होम आइसोलेट का विकल्प चुना है। इनमें 2406 मरीज (76.89 फीसदी) स्वस्थ हो चुके हैं। 723 मरीज (23.10 फीसदी) एक्टिव होम आइसोलेट हैं।

लक्षणों वाले मरीज कहीं भी निजी खर्च पर इलाज करवाने को स्वतंत्र हैं। मुरादाबाद से कई मरीजों ने एनसीआर के नामी अस्पतालों में इलाज करवाया है। लक्षण मुक्त मरीज होम आइसोलेट को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे अस्पतालों में दबाव कम हुआ है। - डा. एमसी गर्ग, सीएमओ
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