UP Teacher Digital Attendance: पहले दिन किसी ने नहीं लगाई ऑनलाइन हाजिरी, शिक्षक बोले- हाफ डे अवकाश लागू हो
ऑनलाइन हाजिरी लगाने के विरोध में शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार मनमाना तरीके से यह व्यवस्था लागू कर रही है। पहले दिन जिले में एक भी शिक्षक ने हाजिरी नहीं लगाई।
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मुरादाबाद में बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी लगाने के पहले दिन जिले में एक भी शिक्षक ने हाजिरी नहीं लगाई। वहीं शिक्षकों ने ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में कलक्ट्रेट का घेराव किया। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ प्राथमिक संवर्ग के बैनर तले शिक्षकों ने नारेबाजी कर एडीएम सिटी ज्योति सिंह को ज्ञापन दिया।
सोमवार को जिलाध्यक्ष शांति भूषण वर्मा के नेतृत्व में जिलेभर के करीब पांच सौ शिक्षक तीन बजे से ही कलक्ट्रेट स्थित मुशायरा ग्राउंड पर जुट गए। शांति भूषण वर्मा ने कहा कि प्रदेशीय नेतृत्व ने कई बार महानिदेशक स्कूल शिक्षा को ज्ञापन सौंपकर डिजिटलाइजेशन से जुड़ी मौलिक समस्याओं को दूर करने की मांग की थी।
इसी के तहत 14 मार्च 2024 को महानिदेशक स्कूल शिक्षा कार्यालय में धरना भी किया गया था। तब महानिदेशक ने संगठन के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया गया था कि डिजिटलाइजेशन से जुड़ी मौलिक समस्याओं के निस्तारण के बाद ही इसे लागू किया जाएगा, लेकिन मांगें पूरी नहीं की गईं।
जिला महामंत्री अकरम हुसैन, जिला संगठन मंत्री विजय शंकर, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजयपाल सिंह ने कहा कि महासंघ विभागीय व सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग रहकर छात्र हित व शिक्षा हित में इस आदेश का बहिष्कार कर रहा है।
इस दौरान जिला संयुक्त महामंत्री राजकुमार शर्मा, जिला उपाध्यक्ष सचिन शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष रमेश चंद्र मिश्रा, जिला मंत्री राजीव कुमार, कुलदीप सिंह, राहुल तिवारी, हरीश कुमार, शीशपाल सिंह मौजूद रहे।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष रवींद्रपाल सिंह, मंडल अध्यक्ष राजबहादुर सिंह, टीएससीटी के जिलाध्यक्ष सुधीश पाराशरी, एससी-एसटी के जिलाध्यक्ष करन सिंह समेत विभिन्न पदाधिकारी भी राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ को अपना समर्थन देने के लिए उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की प्रमुख मांगें
- अन्य विभागों की तरह ‘हाफ डे अवकाश’ दिया जाए।
- राज्य कर्मचारियों की तरह 30 ईएल या महाविद्यालयों के शिक्षकों की तरह पीएल दिया जाए।
- अन्य विभागों की तरह ‘प्रतिकर अवकाश’ प्रदान किया जाए।
- मौसम की प्रतिकूलता व विभागीय कार्यक्रमों में प्रतिभाग के लिए बीएसए को ऑनलाइन उपस्थिति में शिथिलता का अधिकार दिया जाए।
- सर्वर क्रैश होने पर वैकल्पिक व्यवस्था के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
- भेदभावपूर्ण व शोषणकारी ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था को समाप्त कर अन्य विभागों की तरह ही उपस्थिति ली जाए।
ब्लॉक स्तर पर होंगी बैठकें
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से मंगलवार को डिजिटलाइजेशन के विरोध में दोपहर तीन बजे से ब्लॉक स्तर पर ब्लॉक कार्य समिति और संघर्ष समिति की बैठकों का आयोजन किया जाएगा। कुंदरकी ब्लॉक और मुरादाबाद ब्लॉक की बैठक शिक्षक भवन दांग पर होगी। अन्य ब्लॉक की बैठक खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों और मुरादाबाद महानगर की बैठक कंपोजिट विद्यालय गांधी पार्क में होगी।
जिले में हैं साढ़े छह हजार शिक्षक
मुरादाबाद में 1408 स्कूलों में लगभग साढ़े छह हजार शिक्षक कार्यरत हैं। सोमवार को पूरे जिले में किसी भी शिक्षक ने ऑनलाइन उपस्थिति नहीं लगाई। सोमवार को प्रदेश में सिर्फ नौ शिक्षकों ने ऑनलाइन हाजिरी लगाई थी। इनमें से भी दो शिक्षकों ने दोबारा उपस्थिति दर्ज कर दी थी। शेष शिक्षकों ने भी ऑनलाइन हाजिरी लगाने के लिए माफी मांग ली है। - सर्वेश शर्मा, जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ।
ऑनलाइन हाजिरी के विरोध के लिए रणनीति तैयार
11 और 12 जुलाई को शिक्षकों से ऑनलाइन हाजिरी के लिए सहमति और असहमति पत्र भरवाए जाएंगे। 13 को जिले की कार्य समिति और संघर्ष समिति की बैठक होगी। 15 को बीएसए को ज्ञापन दिया जाएगा। जिलाध्यक्ष सर्वेश शर्मा के अनुसार यदि महानिदेशक स्कूल शिक्षा द्वारा मांगें नहीं मानी जाती हैं तो 23 जुलाई को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना होगा।