UP: सिक्सलेन होगा मुरादाबाद-बरेली हाईवे, एनएचएआई ने प्रस्ताव बनाकर भेजा, खत्म होगी ब्लैक स्पाॅट की समस्या
मुरादाबाद-बरेली हाईवे को फोरलेन से सिक्सलेन करने की तैयारी शुरू हो गई है। 121 किमी लंबे इस मार्ग का सर्वे एनएचएआई ने कर प्रस्ताव परिवहन मंत्रालय को भेजा है। वाहनों का दबाव देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
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आने वाले समय में मुरादाबाद-बरेली हाईवे पर सफर और आसान हो जाएगा। दिल्ली हाईवे की तरह मुरादाबाद-बरेली हाईवे को भी सिक्सलेन किया जाएगा। 121 किमी लंबा यह हाईवे अभी फोरलेन है। वाहनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए एनएचएआई ने इसको सिक्सलेन करने का प्रस्ताव केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को भेजा है।
परिवहन मंत्रालय के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एनएचएआई की टीम ने मुरादाबाद से बरेली तक 121 किमी हाईवे का सर्वे किया। इसके बाद अधिकारियों की एक अन्य टीम ने इस फोरलेन हाईवे को सिक्सलेन करने का प्रस्ताव तैयार किया। तर्क दिया गया कि मुरादाबाद से बरेली हाईवे पर वाहनों का काफी दबाव बना रहता है।
इसमें रामपुर के कुछ स्थानों पर सड़क की दिशा बदलनी होगी। फोरलेन का निर्माण करने से पहले एनएचएआई ने सिक्सलेन के लिए जमीन अधिग्रहित कर लिया था। इस कारण अब विभाग जमीन अधिग्रहीत करने की ज्यादा समस्या आड़े नहीं आएगी। इस मार्ग के निर्माण में हजारों करोड़ धन खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
अत्याधुनिक होगा सिक्सलेन, खत्म होगी ब्लैक स्पाॅट की समस्या
देश के अन्य शहरों की तरह मुरादाबाद-बरेली हाईवे को अत्याधुनिक बनाया जाएगा। इस मार्ग पर कैमरे, फ्लाईओवर के अलावा अन्य प्रकार की यात्री सुविधाएं रहेंगी। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि सिक्सलेन सड़क बनने से ब्लैक स्पॉट की समस्याएं भी समाप्त हो जाएंगी। सड़क की इंजीनियरिंग काफी दुरुस्त की जाएगी।
2017 में बनाया गया था फोरलेन
मुरादाबाद-बरेली हाईवे (एनएच-24) 2017 में बनकर तैयार हो गया था। इससे पहले यह हाईवे टूलेन था। यह हाईवे दिल्ली को लखनऊ से जोड़ता है। इस रोड को बनाने के लिए एनएचएआई 2010 से प्रयासरत था।
हर दिन गुजरते हैं 35 हजार वाहन
एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि हाईवे पर वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण मुरादाबाद-बरेली हाईवे को सिक्सलेन करने का विचार किया गया है। दस साल बाद इस मार्ग पर वाहनों का दबाव और अधिक बढ़ेगा। शासनादेश के तहत फोरलेन हाईवे के लिए 10 पीसीयू (पैसेंजर कार यूनिट) का दबाव होना चाहिए।
वहीं सिक्सलेन के लिए 20 हजार पीसीयू मान्य है लेकिन मुरादाबाद-बरेली मार्ग का पीसीयू 35 हजार है। औसतन इस मार्ग पर 35 हजार वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं। इस कारण हाईवे को सिक्सलेन करना जरूरी हो गया है।
मुरादाबाद-बरेली हाईवे को सिक्सलेन करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। इस प्रस्ताव के मंजूर होने पर डीपीआर तैयार किया जाएगा। सिक्सलेन बनने पर सफर आसान हो जाएगा। - अरविंद कुमार, पीडी, एनएचएआई मुरादाबाद व गाजियाबाद