UP Elections 2022: पीलीभीत में भाकियू कार्यकर्ताओं ने भाजपा विधायक के सामने की नारेबाजी, प्रदर्शन
मझोला में शनिवार को पीलीभीत सदर सीट से भाजपा प्रत्याशी और विधायक संजय सिंह गंगवार अपने चुनावी कार्यालय का उद्घाटन करने पहुंचने वाले थे। वहां भाकियू के सदस्य नारेबाजी करने लगे।
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पीलीभीत के मझोला में शनिवार शाम पांच बजे भाकियू कार्यकर्ताओं ने भाजपा हटाओ का नारा लगाया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य सड़क पर जुलूस भी निकाला।
मझोला में शनिवार को सदर सीट से भाजपा प्रत्याशी और विधायक संजय सिंह गंगवार अपने चुनावी कार्यालय का उद्घाटन करने पहुंचने वाले थे। उद्घाटन कार्यक्रम शाम पांच बजे होने वाला था। उद्घाटन की खबर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं को लग गई। भाकियू कार्यकर्ता/किसान हाथों में यूनियन के झंडे लेकर चौकी चौराहे पर एकत्र हो गए। वे भाजपा हटाओ मझोला बचाओ, संजय सिंह गंगवार को हटाओ और रोजगार लाओ के नारे लगाने लगे फिर जुलूस निकालकर नारेबाजी की।
अमरिया ब्लाक प्रमुख श्याम सिंह किसानों को मनाने पहुंचे। करीब आधा घंटा तक किसानों से वार्ता की, मगर किसान नहीं माने। विधायक के इंतजार में तीन घंटे तक किसान सड़क पर रहे लेकिन वह नहीं पहुंचे। भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह ने जब आठ बजे कार्यालय उद्घाटन की औपचारिकता पूरी कर दी तो किसानों को लगा कि अब विधायक नहीं आएंगे और इसके बाद किसान अपने अपने घरों को चले गए।
क्या बोले विधायक
विधायक संजय सिंह गंगवार ने कहा कि अन्नदाता का सम्मान है। किसान भाजपा का परिवार हैं। मझोला चीनी मिल चलाने के लिए भी मैंने आवाज उठाई है। जहां तक कृषि कानूनों का सवाल है, उन कानूनों को वापस लिया जा चुका है। जो मुद्दे हैं उनका भी समाधान निकाला जाएगा। किसानों से आग्रह है कि राष्ट्रहित में भाजपा का साथ दें।
भाजपा उम्मीदवार को दिखाए गए सपा के झंडे, वीडियो वायरल
बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के गांव बिहारीपुर में शुक्रवार शाम जब भाजपा उम्मीदवार स्वामी प्रवक्तानंद पहुंचे तो उन्हें कुछ युवाओं ने सपा के झंडे दिखाए और शोर मचाया। इसका वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने कहा कि बिहारीपुर गांव में कुछ सपा समर्थकों ने भाजपा उम्मीदवार का विरोध किया है। स्वामी प्रवक्तानंद से जब पूछा गया तो उन्होंने विरोध से इनकार किया है। शनिवार को शाम हुई बातचीत में प्रवक्तानंद ने कहा कि वह गांव में जनसंपर्क करने गए थे। कुछ बच्चे सपा के झंडे लहराते दिख रहे थे। उन्होंने कहा कि यह तो लोकतंत्र है और कोई भी किसी का झंडा लहरा सकता है। इसमें वह कुछ नहीं कह सकते हैं।