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UP: अधर में प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी मछली मंडी का निर्माण, केंद के पास एक साल से अटकी निर्माण मंजूरी की फाइल

Sun, 16 Feb 2025 07:09 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Sun, 16 Feb 2025 07:09 PM IST
सार

मुरादाबाद में प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी मछली मंडी का निर्माण केंद्र सरकार की मंजूरी न मिलने से अटका हुआ है। 50 करोड़ की लागत से बनने वाली यह वातानुकूलित मंडी मछली पालकों को बाजार, प्रशिक्षण और सुविधाएं प्रदान करेगी। मंडी में रेस्टोरेंट भी होंगे जहां मछली प्रेमियों को स्वादिष्ट व्यंजन मिलेंगे।

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UP: Construction of the state second largest fish market in limbo, file stuck with the Centre
मछली मंडी का प्रस्तावित नक्शा - फोटो : विभाग

विस्तार

चंदौली के बाद जिले में प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी मछली मंडी के निर्माण की कवायद अधर में लटक गई है। एक साल से मंडी के निर्माण की फाइल केंद्र सरकार के पास अटकी है। मंडलायुक्त की पहल पर मुरादाबाद प्रशासन मछली मंडी के लिए मत्स्य विभाग के नाम अगवानपुर में भूमि भी आवंटित कर चुका है।

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50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली मंडी का लाभ मेरठ और बरेली मंडल के मछली पालकों को भी होगा। मछली पालन के साथ उसके उत्पादन को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए जिले में मंडी का निर्माण होना है। मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह के निर्देश पर मुरादाबाद प्रशासन ने 2023 में अगवानपुर में मछली मंडी के लिए 2.125 हेक्टेयर भूमि मत्स्य विभाग को दे दी थी।

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तीन मंजिला बनने वाली मछली मंडी पूरी तरह वातानुकूलित होगी। मछली पालकों को एक ही छत के नीचे मछली की मार्केटिंग के साथ उसके पालन से जुड़ी व्यवस्थाएं, प्रशिक्षण आदि की व्यवस्था मिलेगी। मछली मंडी में रेस्टोरेंट भी होंगे, जहां शाैकीनों को मछली का लजीज स्वाद भी मिलेगा।

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राज्य सरकार जारी कर चुकी है बजट
मत्स्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार मछली मंडी के निर्माण पर 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए 60 फीसदी धनराशि केंद्र सरकार को और 40 फीसदी धनराशि राज्य सरकार को व्यय करनी है। राज्य सरकार मछली मंडी के निर्माण के लिए अपने हिस्से का धन जारी कर चुकी है। केंद्र सरकार से अनुमति के लिए फाइल एक साल पहले शासन के माध्यम से भेजी गई थी लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिल सकी है। इसलिए निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।

मंडल में होता है 38 हजार टन से अधिक मछली उत्पादन
मंडल में प्रति वर्ष 38 हजार टन से अधिक मछली उत्पादन होता है। सबसे अधिक मछली का उत्पादन बिजनौर में और सबसे कम संभल में होता है। वर्ष 2024-25 के लिए विभाग ने 42,765 टन मछली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। इसमें जनवरी माह तक 35,121 टन मछली का उत्पादन हो चुका है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में मंडल में मछली का कुल उत्पादन 38,426.26 टन हुआ था।

प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी मछली मंडी बनाने के लिए अगवानपुर में भूमि मिल चुकी है। राज्य सरकार ने अपने हिस्से का बजट भी जारी कर दिया है। करीब एक साल पहले केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए फाइल शासन के माध्यम से भेजी गई थी। जल्द ही स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। उसके बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। - विजय शंकर चौरसिया, उप निदेशक मत्स्य, मुरादाबाद मंडल

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