प्रेम प्रपंच: राहुल बनकर छात्रा को फंसाया, प्रमाण पत्र संग अपने घर ले आया, परिजनों को लौटाने पड़े 16 लाख
राजस्थान की छात्रा को बेंगलुरु में पढ़ाई के दौरान ठाकुरद्वारा निवासी युवक ने नाम बदलकर प्रेमजाल में फंसा लिया। इसके बाद वह छात्रा को 16 लाख रुपये और शैक्षिक प्रमाण पत्र के साथ अपने घर ले आया। परिजनों की शिकायत पर बेंगलुरु पुलिस ने छापा मारा और छात्रा को बरामद किया।
विस्तार
राजस्थान के पाली जिले की छात्रा को बेंगलुरु में पढ़ाई के दौरान नाम बदलकर प्रेमजाल में फंसाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठाकुरद्वारा क्षेत्र के असलेमपुर निवासी मुस्लिम युवक ने खुद को राहुल बताकर छात्रा से दोस्ती की और उसे अपने घर ले आया। छात्रा के परिजनों का आरोप है कि युवक उनके घर से 16 लाख रुपये और छात्रा के शैक्षिक प्रमाण पत्र भी लेकर आया था। पुलिस दबाव के बाद आरोपी के परिजनों ने रुपये और दस्तावेज लौटा दिए।
बेंगलुरु में दर्ज हुई थी गुमशुदगी
पाली जिले की छात्रा बेंगलुरु में पढ़ाई कर रही थी। आरोप है कि असलेमपुर निवासी युवक ने नाम बदलकर उसे प्रेमजाल में फंसाया। करीब 22 दिन पहले वह छात्रा को अपने घर ले आया। परिजनों की शिकायत पर बेंगलुरु पुलिस ने तीन सितंबर की शाम आरोपी के घर छापा मारा। तभी युवक छात्रा के साथ छत से कूद गया। इसमें छात्रा घायल हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने छात्रा को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
परिजनों का आरोप, युवक ले आया रुपये और प्रमाण पत्र
बृहस्पतिवार को छात्रा के परिजन कोतवाली ठाकुरद्वारा पहुंचे और पुलिस को बताया कि आरोपी छात्रा के घर से 16 लाख रुपये और शैक्षिक प्रमाण पत्र भी ले आया है। उन्होंने इस संबंध में एसएसपी से भी शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।
थाने में लौटाए रुपये और दस्तावेज
शुरुआत में आरोपी के परिजन केवल छह लाख रुपये लेकर थाने पहुंचे और बाकी रकम के लिए समय मांगा लेकिन छात्रा के परिजन अड़े रहे। पुलिस दबाव शाम को आरोपी के परिजन पूरा 16 लाख रुपये और शैक्षिक प्रमाण पत्र लेकर थाने पहुंचे और छात्रा के परिजनों को सौंप दिए।
पुलिस और पंचायत की मौजूदगी में हुआ निपटारा
गांव के पूर्व प्रधान अली जान ने पुष्टि की कि छात्रा से लिए गए सभी रुपये और दस्तावेज उसके परिजनों को वापस कर दिए गए हैं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जसपाल सिंह ग्वाल ने बताया कि छात्रा की गुमशुदगी का मुकदमा बेंगलुरु में दर्ज हुआ था। उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते से मामला निपट गया है।