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कोसी से काटे कत्थे के तीन सौ पेड़, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल आजम खां पर कस सकता है शिकंजा
Wed, 14 Aug 2019 05:18 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 14 Aug 2019 05:18 AM IST
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मोहम्मद आजम खान
- फोटो : फाइल फोटो
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पूर्व मंत्री और रामपुर के सपा सांसद मोहम्मद आजम खां की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कोसी नदी से काटे गए कत्थे के 300 पेड़ों पर संज्ञान लेकर रामपुर प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। कोसी नदी की यह भूमि आजम की यूनिवर्सिटी को दी गई थी। लेकिन शर्त थी कि पेड़ों का कटान नहीं किया जाएगा।
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एनजीटी के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण विभाग और प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करना शुरू कर दिया है। कमिश्नर यशवंत राव ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा रिपोर्ट तलब किए जाने की पुष्टि की है। लेकिन उन्होंने इसके बारे में अधिक बताने से इंकार कर दिया। कमिश्नर ने कहा कि एनजीटी ने रिपोर्ट तलब की है, जांच कराने के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी जाएगी। आगे की जो भी कार्यवाही होगी वह ट्रिब्यूनल की ओर से होनी है।
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अधिकारियों का कहना है कि आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी में कोसी नदी की भूमि है। यह भूमि यूनिवर्सिटी के लिए दी गई थी। इस भूमि पर कत्थे के करीब 300 पेड़ खड़े थे। इन पेड़ों को काटने पर रोक थी। लेकिन यह पेड़ काट दिए गए। नदी की धारा को प्रभावित करने और पेड़ काटने के मामले में एनजीटी ने संज्ञान लिया है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम मामले की जांच में जुट गई है। प्रशासन इस मामले में रिपोर्ट तैयार करके एनजीटी को भेजेगा। यदि जांच में पेड़ों के कटान की बात साबित हुई तो पहले से ही पुलिस और ईडी की जांच का सामना कर रहे आजम खां की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं।
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