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रतनपुर कलां गांव में बुखार का कहर, दो घंटे में तीन की मौत मचा हड़कम्प, कई अन्य गम्भीर
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पाकबड़ा(मुरादाबाद)। रतनपुर कलां गांव में बुखार का प्रकोप फैला हुआ है। गुरुवार शाम को गांव में दो घंटे के दौरान तीन लोगों की मौत से हड़कंप मच गया। गांव के लोगों ने स्वास्थ्य विभाग पर लीपापोती करने का आरोप लगाया है। इस गांव में कई दर्जन लोगों की हालत बुखार से गंभीर बनी हुई है।
क्षेत्र के गांव रतनपुर कलां गांव में बुखार फैला हुआ है। काफी लोग यहां बुखार की चपेट में हैं। यहां के बाशिंदे लाल मोहम्मद (60) को दो दिन पहले बुखार आया था। ग्रामीणों के मुताबिक वह गांव में ही अपना इलाज करा रहे थे। गुरुवार शाम को उनकी मौत हो गई। इसके कुछ देर के बाद युवा कारोबारी साबिर हुसैन (35) की मौत हो गई। साबिर हुसैन को भी दो दिन पहले बुखार आया था। इसके कुछ देर बाद ताहिर हुसैन (55) की मौत हो गई। उनको कल बुखार आया था। इससे पहले भी दो अन्य लोगों की मौत बुखार से हो चुकी है। गांव में करीब एक दर्जन से ज्यादा बुखार पीड़ित ऐसे है जिनकी हालत बहुत ज्यादा खराब है। उनकों इलाज की जरूरत है लेकिन बदहाली के चलते वह गांव से बाहर इलाज कराने नही जा पा रहे हैं। गांव में बुखार का प्रकोप फैला हुआ है। विडंबना यह है कि गांव में सरकारी अस्पताल है लेकिन वहां उपचार नहीं हो रहा है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कैंप लगाया था लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम आधा घंटे में ही लीपापोती कर लौट आई। ग्रामीण अकबर अली, अब्दुल अंसारी, नजाकत हुसैन अंसारी, माजिद हुसैन अंसारी आदि ने बताया की गांव के अस्पताल में डाक्टर तैनात है पर कभी आता ही नहीं है। गांव के लोगों को इलाज करने के लिए दूर जाना पड़ता है।
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क्षेत्र के गांव रतनपुर कलां गांव में बुखार फैला हुआ है। काफी लोग यहां बुखार की चपेट में हैं। यहां के बाशिंदे लाल मोहम्मद (60) को दो दिन पहले बुखार आया था। ग्रामीणों के मुताबिक वह गांव में ही अपना इलाज करा रहे थे। गुरुवार शाम को उनकी मौत हो गई। इसके कुछ देर के बाद युवा कारोबारी साबिर हुसैन (35) की मौत हो गई। साबिर हुसैन को भी दो दिन पहले बुखार आया था। इसके कुछ देर बाद ताहिर हुसैन (55) की मौत हो गई। उनको कल बुखार आया था। इससे पहले भी दो अन्य लोगों की मौत बुखार से हो चुकी है। गांव में करीब एक दर्जन से ज्यादा बुखार पीड़ित ऐसे है जिनकी हालत बहुत ज्यादा खराब है। उनकों इलाज की जरूरत है लेकिन बदहाली के चलते वह गांव से बाहर इलाज कराने नही जा पा रहे हैं। गांव में बुखार का प्रकोप फैला हुआ है। विडंबना यह है कि गांव में सरकारी अस्पताल है लेकिन वहां उपचार नहीं हो रहा है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कैंप लगाया था लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम आधा घंटे में ही लीपापोती कर लौट आई। ग्रामीण अकबर अली, अब्दुल अंसारी, नजाकत हुसैन अंसारी, माजिद हुसैन अंसारी आदि ने बताया की गांव के अस्पताल में डाक्टर तैनात है पर कभी आता ही नहीं है। गांव के लोगों को इलाज करने के लिए दूर जाना पड़ता है।
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